विश्व ओज़ोन दिवस पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन.
BOL PANIPAT : आई.बी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पानीपत में बायोलॉजिकल एसोसिएशन, केमिकल एसोसिएशन, ईको क्लब तथा पर्यावरण अध्ययन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “विश्व ओज़ोन दिवस” के उपलक्ष्य में एक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में ओज़ोन परत के महत्व एवं इसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। प्रतिभागियों ने निम्नलिखित विषयों पर पोस्टर बनाकर अपनी रचनात्मकता और पर्यावरणीय सोच का परिचय देते हुए निम्न विषयो पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा उजागर की:
ओज़ोन: हमारी पृथ्वी की सुरक्षा परत, जीवन के लिए ओज़ोन: लोगों और ग्रह की सुरक्षा, ओज़ोन क्षरण और जलवायु परिवर्तन: एक दोहरी चुनौती, ओज़ोन के बिना भविष्य? – अकल्पनीय!, ओज़ोन संरक्षण के लिए
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि “ओज़ोन परत पृथ्वी पर जीवन को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पोस्टरों में उनके विचारों की गंभीरता और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना स्पष्ट झलक रही है।
बायोलॉजिकल एसोसिएशन के संयोजक डॉ. निधान सिंह ने कहा कि ओज़ोन परत का संरक्षण हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। विद्यार्थियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि आने वाली पीढ़ियाँ इस विषय को लेकर सजग हैं।
ईको क्लब की संयोजिका डॉ. अर्पणा गर्ग ने बताया कि इस क्लब का उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है। छात्रों ने इस प्रतियोगिता में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को सुंदर व प्रभावशाली चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया।”
केमिकल एसोसिएशन के संयोजक डॉ. विक्रम कुमार ने बताया कि जैविक दृष्टिकोण से ओज़ोन परत पृथ्वी की जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों ने जीवन के इस पक्ष को भी समझने का प्रयास किया।
सहसंयोजक प्रो. पवन कुमार एवं प्रो अंजलि ने अपने वक्तव्य में बताया कि ओज़ोन परत में रासायनिक तत्वों की भूमिका को समझना आवश्यक है। छात्रों ने अपने पोस्टरों में इस वैज्ञानिक पहलू को सरल और सटीक ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:-
प्रथम स्थान: वन्दिता, बी. ए. इंग्लिश ऑनर्स
द्वितीय स्थान: तन्नु, बी. बी. ए. प्रथम वर्ष
तृतीय स्थान : नर्गिस, बी. ए. प्रथम वर्ष, ऋतू, बी. एस. सी द्वितीय वर्ष
कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीता, अन्जुश्री, रजनी, नीलम थरेजा, स्वाति, डॉ. वसुंधरा मदान एवं अन्नू का विशेष योगदान रहा |

Comments