Thursday, April 16, 2026
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at December 14, 2025 Tags: , , , , ,

-रबी सीजन 2025-26 में गेहूं, चना व सरसों सहित पांच फसलें बीमा दायरे में, 31 दिसंबर तक आवेदन

BOL PANIPAT , 14 दिसंबर। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। उपायुक्त डॉ दहिया ने कहा कि यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिससे फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

उपायुक्त ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि “प्राकृतिक आपदाओं से परिश्रमी किसानों को सुरक्षित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना ने कवरेज बढ़ाया है, जोखिम कम किया है और करोड़ों किसानों को लाभान्वित किया है।”

उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि रबी सीजन 2025-26 के अंतर्गत जिले में गेहूं, चना, सरसों, जौ एवं सूरजमुखी फसलों को फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। इन फसलों के लिए किसान द्वारा देय प्रीमियम बीमित राशि का मात्र 1.5 प्रतिशत है, जबकि शेष प्रीमियम का भुगतान केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

डॉ. दहिया ने बताया कि फसल बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि फसल वार प्रति एकड़ बीमित राशि एवं किसान द्वारा देय प्रीमियम इस प्रकार है।

गेहूं की बीमित राशि 32523.80 रुपये प्रति एकड़ है, जिस पर किसान को 487.86 रुपये प्रीमियम देना होगा। चना के लिए बीमित राशि 15986.31 रुपये तथा प्रीमियम 239.79 रुपये निर्धारित है। जौ की बीमित राशि 20727.21 रुपये एवं प्रीमियम 310.91 रुपये है। सरसों के लिए 21829.57 रुपये बीमित राशि पर 327.44 रुपये प्रीमियम देय है। सूरजमुखी की बीमित राशि 22050.13 रुपये प्रति एकड़ है, जिस पर किसान को 330.75 रुपये प्रीमियम देना होगा।

डीडीए आत्मा राम गोदारा ने बताया कि बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि एवं जलभराव से खड़ी फसल को नुकसान होने की स्थिति में खेत स्तर पर क्लेम देय होगा। वहीं यदि किसी गांव में किसी फसल की औसत पैदावार पूर्व निर्धारित पैदावार से कम रहती है, तो उस गांव के सभी बीमित किसानों को क्लेम का लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त फसल कटाई के बाद 14 दिनों के भीतर यदि खेत में रखी फसल को नुकसान होता है, तो भी खेत स्तर पर मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपनी फसलों का बीमा करवाएं ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक क्षति से बचाया जा सके। अधिक जानकारी के लिए किसान केंद्र सरकार के कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447, अपनी बैंक शाखा अथवा संबंधित बीमा कंपनी से संपर्क कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा की वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर उपलब्ध है।

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