भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर हुआ कार्यक्रम आयोजित
जागरूकता को लेकर विभिन्न बैंकों ने स्टाल भी लगाए
BOL PANIPAT , 27 जून। भारतीय रिजर्व बैंक के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर एमएसएमई और उद्यमियों के लिए एक विशेष टाउन हॉल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, जिन्हें व्यापक रूप से देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, को मजबूत करने के लिए आरबीआई की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक, चंडीगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। आरबीआई ने प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल), सीजीटीएमएसई के तहत संपाश्र्विक-मुक्त ऋण, क्रेडिट प्रस्ताव ट्रैकिंग प्रणाली पर दिशानिर्देश, विशेष एमएसएमई शाखाएं, पुनर्गठन आदि जैसी अपनी पहलों के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र के मामले में लगातार काम किया है, जिससे लाखों उद्यमियों को वित्त तक पहुंचने, अपने कारोबार को बढ़ाने और भारत के सकल घरेलू उत्पाद और निर्यात में योगदान करने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि कई नीतियों के अस्तित्व के बावजूद, एमएसएमई क्षेत्र में समस्याएं मौजूद हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस क्षेत्र के लिए शुरू की गई योजनाएं इच्छित प्राप्तकर्ताओं तक पहुँचें और उनका लाभ उठाएँ, इसको लेकर जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में सरकार और आरबीआई की पहलें जैसे मुद्रा, पीएमईजीपी, पीएम विश्वकर्मा, स्टैंड-अप इंडिया पर गहन चर्चा की गई।

पंजाब एवं सिंध बैंक के महाप्रबंधक संजय प्रकाश श्रीवास्तव ने उद्यमियों के लिए बैंक ऋण के संबंध में व्यावहारिक सत्र का संचालन किया। विदित रहे इस प्रोग्राम में महिला उद्यमियों और पहली बार ऋण लेने वालों पर विशेष ध्यान दिया गया तथा स्टैंड-अप इंडिया, महिला उद्यम निधि और डिजिटल ऑनबोर्डिंग प्लेटफॉर्म जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने प्रेरणादायक अनुभव साझा किया, जिसमें उद्यमियों ने अपनी परिवर्तनकारी यात्रा के बारे में बताया।जिससे श्रोतागण अत्यधिक प्रभावित और प्रेरित हुए। कार्यक्रम में आरबीआई के महाप्रबंधक पंकज सेतिया, एसबीआई, एचडीएफसी, पीएनबी, केनरा बैंक, पीएसबी, एसएचजीबी के वरिष्ठ अधिकारी तथा सिडबी, डीआईसी, एमएसएमई डीएफओ के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य प्रमुख हितधारक भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में उद्यमियों द्वारा अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनी स्टॉल का भी आयोजन किया गया जहां बैंकों ने विभिन्न वित्तीय योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सूचनात्मक काउंटर भी लगाए। बैंक अधिकारियों ने प्रतिभागियों के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की, विलंबित भुगतान, संपाश्र्विक-मुक्त ऋण, ऋण गारंटी योजनाओं और समय पर कार्यशील पूंजी तक पहुंच सेसंबंधित प्रश्नों का समाधान किया।
कार्यक्रम का समापन उपस्थित उद्यमियों के बीच नई आत्मविश्वास की भावना और विषय के प्रति स्पष्टता के साथ हुआ। विदित रहे कि पानीपत की उद्योग और उद्यमिता की समृद्ध विरासत के साथ यह कार्यक्रम आरबीआई के जमीनी स्तर पर जुड़ाव के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
विवेक श्रीवास्तव ने पानीपत में एमएसएमई हैंडलूम क्लस्टर का दौरा भी किया और क्लस्टर में उद्यमियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। उद्यमियों ने बताया कि कैसे मुद्रा और टीआरईडीएस जैसी योजनाओं ने उन्हें समय पर वित्त सुरक्षित करने, संचालन में सुधार करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने में मदद की।

Comments