Saturday, February 14, 2026
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आई.बी.महाविद्यालय में सेफर इन्टरनेट डे मनाया गया

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 9, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : आई.बी. महाविद्यालय में आज सेफर इन्टरनेट डे मनाया गया (08.02.2022),जिसकी शुरुआत प्राचार्य डॉ.अजय कुमार गर्ग ने अपने कार्यालय में से ही ऑनलाइन विद्यार्थियों को संबोधित करके किया और कहा की सेफर इंटरनेट डे की शुरुआत डिजिटल दुनिया के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए हुई। इसकी शुरुआत 2005 में हुई थी। इस साल सेफर इंटरनेट डे का थीम ‘Together for a better internet’ है।

इंटरनेट का दायरा जितना तेजी से बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से ऑनलाइन फ्रॉड भी बढ़ रहे हैं। सुरक्षित इंटरनेट दिवस साल 2005 से मनाया जा रहा है। डिजिटल भुगतान में तेजी आई है, विशेष रूप से चल रहे महामारी के समय में जहां इसने जबरदस्त विकास देखा है क्योंकि देश भर में लोगों ने विभिन्न ऑनलाइन भुगतान विधियों को अपनाया है।  पिछले 18-24 महीनों में डिजिटल भुगतान के बढ़ने से साइबर धोखाधड़ी की संख्या में भी वृद्धि हुई है। डॉ अजय गर्ग जी ने आगे बताया की यह दिन दुनिया भर में बच्चों और युवाओं द्वारा सुरक्षित और ऑनलाइन प्रौद्योगिकी के अधिक जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देता है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि स्मार्टफ़ोन के उदय ने अधिकांश लोगों को इंटरनेट का उपयोग करना सिखा दिया है और  आज इंटरनेट सबसे अधिक सूचनात्मक उपकरण है और हमारा जीवन मुख्य रूप से इस पर निर्भर करता है,लेकिन इसके दुष्परिणाम भी हैं जैसे कि : इंटरनेट के माध्यम से बहुत सारी गलत सूचनाएँ पहुँचती हैं और इससे कई अप्रिय घटनाएं होती हैं। साइबर बुलिंग, पासवर्ड ट्रैफिकिंग, डाटा चोरी कुछ सामान्य अपराध हैं जो नियमित रूप से इंटरनेट पर होते हैं।

            कंप्यूटर विभाग से प्रो. अश्वनी गुप्ता ने बताया के इन्टरनेट उपयोग में लाते समय सावधानी बरतनी चाहिए जैसे की अपने पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ शेयर ना करें , पासवर्ड नियमित अंतराल पर बदलते रहे, सोशल मीडिया साइट्स पर प्रोफाइल में प्राइवेसी के साथ फ्रेंड लिस्ट छिपाकर रखें। इसके साथ ही टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। इससे प्रोफाइल डबल प्रोटेक्टेड हो जाती है। उसमें ओटीपी आने के कारण हैंकिंग के आसार कम हो जाते हैं। इसके अलावा अनजान लोगों से दोस्ती नहीं करनी चाहिए। विज्ञापनों पर भी क्लिक करते समय भी सावधान रहना चाहिए। अनजान लोगों से विडियो कॉल नहीं करनी चाहिए। प्रो. गुप्ता ने आगे बताया की आज दुनिया में कुछ भी फ्री नहीं मिल रहा है. ऐसे में लोग भ्रामक विज्ञापनों से बचें और अननोन सोर्स से कोई एप्लीकेशन, मेल या मैसेज को एक्सेस न करें. पासवर्ड को सुरक्षित रखें, अपने कंप्यूटर को अपने ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउजर और ईमेल क्लाइंट के लिए लेटेस्ट सुरक्षा अपडेट करें. एंटी-वायरस, एंटी स्पाइवेयर और पर्सनल फायरवॉल का इस्तेमाल करें.

विभागाध्यक्ष डॉ विक्रम कुमार ने बताया की हमेशा पब्लिक वाई फाई के इस्तेमाल से बचना चाहिए। मेट्रो, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड समेत कई जगहों पर आजकल फ्री वाईफाई की सुविधा मिलने लगी है। ऐसे में अक्सर लोग अपना इंटरनेट बचाने के चक्कर में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी पब्लिक वाईफाई के जरिए ही करना चाहते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें कुछ फ्रॉड भी हो सकते हैं।

            डॉ. अजय गर्ग ने कार्यक्रम के समापन पर कहा की अगर हम सतर्क और सावधान रह कर इंटरनेट इस्तेमाल करेंगे तो हम खुद तो सुरक्षित रहेंगे ही अपने आस-पास के लोगों को भी सुरक्षित कर सकेंगे और इंटरनेट का सही आनंद उठा सकेंगे।

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