Tuesday, September 22, 2026
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शहीदी दिवस पर वीरों को नमन, विद्यार्थियों को सुनाई राव तुलाराम की वीर गाथा

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at September 22, 2026 Tags: , , , ,

राव तुलाराम समेत हरियाणा के वीर शहीदों की शहादत को किया याद

‘गुलामी की जिंदगी से आजादी की मौत बेहतर’—राव तुलाराम के बलिदान से रूबरू हुए विद्यार्थी

हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस पर शहीदों के त्याग और देशभक्ति को किया नमन

हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस पर वीरों को श्रद्धांजलि

BOL PANIPAT , 22 सितंबर। देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय  में हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस की पूर्व संध्या पर ‘हरियाणा वार हीरो शहीदी दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. सुभाष चंद्र जागलान की अध्यक्षता में समाजशास्त्र एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के महानायक एवं वीर राव तुलाराम सहित हरियाणा के अनेक वीरों की वीरता, साहस और शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

    कार्यक्रम में इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ. दलवीर देशवाल ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक एवं वीर राव तुलाराम की वीरता तथा स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान से विद्यार्थियों को परिचित कराया। वहीं समाजशास्त्री  तकदीर सिंह ने कहा कि राव तुलाराम के अलावा हरियाणा के अनेक वीर हुए हैं, जिनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने विशेष रूप से बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में दिल्ली को अंग्रेजी सेना से सुरक्षित रखने में दीवार की तरह काम किया।

    उन्होंने मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर का साथ दिया। अंग्रेजों ने उन्हें धोखे से बंदी बनाया और 9 जनवरी 1858 को दिल्ली के चांदनी चौक पर सरेआम फांसी दे दी। कार्यक्रम में सर छोटू राम, गुलाब सिंह सैनी, वीर माता दिन भंगी और पंडित नेकीराम शर्मा के साहस एवं वीरता से भी विद्यार्थियों को परिचित कराया गया।

    बॉटनी की प्रोफेसर डॉ. मीनाक्षी ने कहा कि राव तुलाराम केवल अहीरवाल या हरियाणा के नेता नहीं थे, बल्कि वे पूरे भारत के गौरव थे। उनका नारा था कि ‘गुलामी की जिंदगी से आजादी की मौत बेहतर है। उन्होंने कहा कि राव तुलाराम के साथ अन्य युद्धों में शहीद हुए हजारों अनाम वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके दिखाए देशभक्ति के मार्ग पर चलें और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। कार्यक्रम में समाजशास्त्री तकदीर सिंह ने डॉ. मीनाक्षी एवं डॉ. दलवीर देशवाल का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में समाजशास्त्र और इतिहास विभाग के अनेक विद्यार्थियों ने बढ़-चढक़र भाग लिया।

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