Friday, April 17, 2026
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किसी भी राष्ट्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का मूल आधार है विज्ञान: प्रो राकेश कुमार सिंगला

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at February 28, 2024 Tags: , , , ,

-एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में तीन दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रमों का दूसरा दिन
-पोस्टर मेकिंग और पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन
-वैज्ञानिक ज्ञान अंधविश्वासों से छुटकारा दिलाने का सबसे सशक्त माध्यम है: प्रो प्रवीण आर खेरडे
-वैज्ञानिक सोच ही जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक तथा वैज्ञानिक बनाती है: डॉ अनुपम अरोड़ा

BOL PANIPAT , 28 फरवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में जारी तीन दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रमों के दूसरे दिन पोस्टर मेकिंग और पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे प्रदेश के विभिन्न कालेजों के विज्ञान संकाय के लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया । कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, कार्यक्रम के संयोजक प्रो राकेश कुमार सिंगला, प्रो प्रवीण आर खेरडे और डॉ मुकेश पुनिया ने की । कल तीन दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में सीवी रमन मेमोरियल लेक्चर और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा । विदित रहे कि आज ही के दिन सर सीवी रमन ने रमन इफ़ेक्ट की खोज की थी जिसका सम्बन्ध फोटोन कणों के लचीले वितरण से है । स्टिल की स्पेक्ट्रम प्रकृति, स्टिल डाइनेमिक्स के बुनियादी मुद्दे, हीरे की संरचना और गुणों एवं अनेक रंगदीप्त पदार्थो के प्रकाशीय आचरण पर नोबेल पुरस्कार विजेता सीवी रमन द्वारा किया शोध आज भी मूल्यवान है ।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में मेजबान कॉलेज के साथ राजकीय महिला महाविधालय मतलौडा, राजकीय महाविधालय बहरामपुर (बापौली) आदि के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमे एसडी पीजी कॉलेज के साहिल और मोहिनी ने प्रथम स्थान हासिल किया । छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के आधुनिक विषयों पर अनेक सुन्दर पोस्टर बनाये जिनमे से सर्वोत्तम का चयन करना जूरी डॉ रवि कुमार और प्रो इंदु पुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य रहा । पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता की समिति में डॉ राहुल जैन, डॉ रेखा रानी और प्रो दिव्या शामिल रहे ।

पेपर एंड पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें मेजबान कॉलेज के अलावा राजकीय महिला महाविधालय मतलौडा, राजकीय महाविधालय बहरामपुर (बापौली) आदि के छात्र-छात्राएं शामिल रहे । प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका प्रो प्रवीण आर खेरडे और प्रो मयंक अरोड़ा ने निभाई । उनके साथ डॉ प्रोमिला, डॉ रेणु गुप्ता, प्रो मुक्ता, प्रो कंवलजीत और प्रो भावना जिंदल का सहयोग रहा । प्रतियोगिता में धरती के जीवन का इतिहास, भौतिकी के महान वैज्ञानिक और उनका योगदान, हमारे रोजमर्रा के जीवन में विज्ञान की भूमिका, स्टीफन हाकिंग्स की कहानी, विज्ञान की महान खोजों और उपलब्धियों पर प्रकाश, विज्ञान के इस्तेमाल, ब्लैक होल्स, भारत का गौरव-सीवी रमन, कोस्मोलोजी में आफत, मानव की उत्पत्ति और विकास, क्वांटम एंटेंगलमेंट आदि विषयों पर विस्तृत और ज्ञानवर्धक जानकारी दी गई । प्रतिभागी विद्यार्थियों ने पॉवर पॉइंट के माध्यम से अपने पसंद के विषयों पर आत्मविश्वास के साथ ज्ञान बांटा ।.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं के ज्ञान में वृद्धि हुई है और उनमें आत्मविश्वास के भाव का संचार हुआ है । वर्तमान में विज्ञान में रोजगार की अपार संभावनाएं मौजूद है । विद्यार्थीयों को चाहिए कि वे विज्ञान को अपने जीवन में उतारे और स्थानीय समस्याओं का हल अपनी शिक्षा के माध्यम से निकाले । ऐसा करने से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढेगा बल्कि वे समाज और देश की भी मदद कर पायेंगे । सर सीवी रमन को याद करते हुए उन्होनें कहा कि उन्होंने ही पहली बार तबले और मृदंगम के संनादी (हार्मोनिक) की प्रकृति की खोज की थी । रमन जैसा वैज्ञानिक आज भी हम सभी के लिए आदर्श है और उनकी कड़ी मेहनत तथा वैज्ञानिक सोच का कोई विकल्प नहीं है और यदि ऐसी सोच हम खुद में विकसित कर ले तो बुलंदियां हमारे कदम चूमेंगी । वैज्ञानिक सोच के बढ़ने से ही हम एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तथा वैज्ञानिक बन सकते है ।

प्रो राकेश सिंगला ने कहा कि विज्ञान ने मनुष्य को दुखों से छुटकारा दिलाने में और उसकी अज्ञानता को दूर भगाने में बहुत मदद की है । इंसान की मुश्किलों को कम करने में विज्ञान ने बहुत ही सार्थक भूमिका निभाई है । विज्ञान मानव का निष्ठावान सेवक है बशर्ते इंसान इसका सकारात्मक इस्तेमाल करें । घर हो चाहे खेत या फिर हो फैक्ट्री – जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विज्ञान ने हमारी मदद सहायता की है ।
प्रो प्रवीण आर खेरडे ने कहा कि भारत के अशिक्षित लोगों में अंधविश्वास की जड़ें गहरी बैठी हुई है और विज्ञान एवं उसकी प्रणालियों का अध्ययन अंधविश्वासों के विरुद्ध संग्राम में उपयोगी सिद्ध हो सकता हैं । विज्ञान का अध्ययन करने वाला व्यक्ति अविवेकपूर्ण बातों पर विश्वास नहीं करता है । शिक्षा और वैज्ञानिक ज्ञान का प्रसार अंधविश्वासों से छुटकारा दिलाने का सबसे सशक्त माध्यम है । इसीलिए इस प्रकार के आयोजन भी किया जाते है ।

पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता (स्नातक) के परिणाम

प्रथम मुस्कान – डिजिटल ट्विस्ट
द्वितीय दिव्या और सपना – ट्रांसजेनिक एनिमल्स
तृतीय अनूप चौहान -आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस

पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता (स्नातकोत्तर) के परिणाम –

प्रथम मीनू कुमारी – क्वांटम डॉट्स
द्वितीय आयुष – विज्ञान का जीवन में महत्त्व
तृतीय दिक्ष और पूनम – रोजमर्रा के जीवन में रसायन शास्त्र
अर्श और कोमल – अम्लीय वर्षा

पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के परिणाम –

प्रथम साहिल एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
मोहिनी एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
द्वितीय रचना झा एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
ऋतिका राजकीय महाविधालय मतलौडा
तृतीय सलोनी राजकीय महाविधालय बहरामपुर (बापौली)
ज्योति जैन एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
सांत्वना अन्नू एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
ख़ुशी राजकीय महाविधालय मतलौडा
सौरभ एसडी पीजी कॉलेज पानीपत
पिंकी एसडी पीजी कॉलेज पानीपत

इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ मुकेश पुनिया, डॉ एसके वर्मा, प्रो प्रवीण आर खेरडे, डॉ प्रियंका चांदना, प्रो प्रवीण कुमारी, डॉ रेखा रानी, डॉ बलजिंदर सिंह, प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ रवि कुमार, डॉ राहुल जैन, डॉ प्रोमिला, प्रो मनीष कुमार, प्रो ऋतु, प्रो नम्रता, प्रो प्रियंका, प्रो कीर्ति, प्रो भाविका, प्रो बिंदु रानी, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला उपस्थित रहे ।

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