एसडी पीजी कॉलेज बना कुरुक्षेत्र विश्वविधालय कुरुक्षेत्र बेसबॉल (पुरुष) का जोनल चैंपियन
फाइनल में राजकीय महाविधालय पानीपत को 5-4 से हराया
कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर-जोनल बेसबॉल टूर्नामेंट के लिए किया क्वालीफाई
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत ने कुरुक्षेत्र विश्वविधालय जोनल बेसबॉल (पुरुष) टूर्नामेंट जीतकर कुरुक्षेत्र विश्वविधालय जोनल टूर्नामेंट पर कब्ज़ा करते हुए इंटर जोनल टूर्नामेंट के लिए कवालीफाई कर लिया. पुरुष बेसबॉल टीम में रविंदर, अशोक, सुमित, विशाल, अजय, विनय, भूपिंदर, अनिल, जतिन, सोनू कुमार, आदित्य, बादल, रजत, विपिन और साहिल शामिल रहे जिन्होनें शानदार खेल दिखाते हुए विरोधी टीमों को पछाड़ दिया. कॉलेज कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो गीता मलिक, कोच शरीफ, ग्राउंडसमैन प्रताप और अन्य स्टाफ सदस्यों ने सभी खिलाडियों को बधाई दी और उनकी मेहनत को सराहा. विदित रहे की कुरुक्षेत्र विश्वविधालय इंटर जोनल बेसबॉल पुरुर्ष टूर्नामेंट कुरुक्षेत्र विश्वविधालय में 21-22 फरवरी को खेला जाएगा.
एसडी कॉलेज प्रधान पवन गोयल ने जोनल टूर्नामेंट जीतने पर पर सभी खिलाड़ी छात्रों को बधाई दी और कहा की कॉलेज के सभी खिलाडियों पर उन्हें नाज है. खेल हमारी इम्यूनिटी के लिए बहुत फायदेमंद हैं. खेल की भावना, धैर्य, सहनशीलता, टीम में कार्य करना, आपसी समन्वय जैसे कितने ही सकारात्मक गुण खिलाडियों में पैदा होते है जो बाद के जीवन में बहुत काम आते है.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कॉलेज की पुरुष बेसबॉल टीम के खेल और मेहनत की तारीफ़ करते हुए उन्हें इंटर-जोनल में भी अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया. उन्होनें कहा की जो छात्र-छात्राएं खेलों में भाग लेते है उन्हें जीवन में अच्छे मुकाम प्राप्त होते है. सामाजिक कौशल, आत्मविश्वास, टीम वर्क, झूझारुपन का विकास भी खेलों में भाग लेने से होता है. खेल-कूद शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क के विकास में भी सहायक है.
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ सुशीला बेनीवाल ने बेसबॉल के खेल पर प्रकाश डालते हुए कहा की बेसबॉल बल्ले और गेंद का खेल है जो दो विरोधी टीमों के बीच खेला जाता है. खेल तब आगे बढ़ता है जब क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम का एक खिलाड़ी, जिसे पिचर कहा जाता है, एक गेंद फेंकता है जिसे बल्लेबाजी करने वाली टीम का एक खिलाड़ी बल्ले से मारने की कोशिश करता है. बल्लेबाज टीम का उद्देश्य गेंद को खेल के मैदान में हिट करना है जिससे उसके खिलाड़ी ‘रन’ स्कोर करने के लिए चार बेस के आसपास काउंटर-क्लॉकवाइज भागते है. खेल के अंत तक सबसे अधिक रन बनाने वाली टीम विजेता होती है.
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ सुशीला बेनीवाल, प्रो गीता मलिक, डॉ सुरेन्द्र कुमार वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ बलजिंदर सिंह, प्रो मयंक अरोड़ा, कोच शरीफ, दीपक मितल, ग्राउंड्समैन प्रताप मौजूद रहे.

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