आर्य पी.जी. कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर हुआ सेमिनार का आयोजन
– मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने का दिया संदेश
पानीपत, गुरुवार 8 अक्तूबर 2026: आर्य पी.जी. कॉलेज में गुरुवार को महाविद्यालय के सभागार में महिला विकास प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में काउंसलर एन.आर. शिवानी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों से संवाद किया और मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन तथा स्वस्थ दिनचर्या के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
महाविद्यालय प्रांगण में मुख्य वक्ता एन.आर. शिवानी के पहुंचने पर प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता एवं उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. विजय सिंह एवं डॉ. सोनिया सोनी तथा महिला विकास प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. मीनल तालस को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. (डॉ.) जगदीश गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ उनके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, सकारात्मक सोच और तनाव का उचित प्रबंधन विद्यार्थियों को बेहतर एवं संतुलित जीवन जीने में सहायता करता है।
महाविद्यालय की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के प्रति सजग रहते हुए समय रहते उनका समाधान तलाशना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं और तनाव को समझने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
मुख्य वक्ता एन.आर. शिवानी ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का हमारे दैनिक जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है और इसे बेहतर बनाए रखने के लिए अपनी दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से अपने स्लीप शेड्यूल को व्यवस्थित रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि अच्छी एवं पर्याप्त नींद का व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नियमित और गुणवत्तापूर्ण नींद व्यक्ति की कार्यक्षमता, एकाग्रता तथा भावनात्मक संतुलन को बेहतर बनाने में सहायक होती है और इसका सकारात्मक प्रभाव उसके भविष्य पर भी पड़ता है।
सेमिनार को केवल व्याख्यान तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के लिए विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। मन को शांत एवं रिलैक्स रखने के लिए विद्यार्थियों को रिलैक्सेशन गतिविधियां करवाई गईं। इसके साथ ही तनाव कम करने और मन को शांत रखने के उद्देश्य से डीप ब्रीदिंग (गहरी सांस लेने) का अभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान एन.आर. शिवानी ने विद्यार्थियों को यह भी संदेश दिया कि जीवन में किसी प्रकार की परेशानी अथवा मानसिक समस्या होने पर उसे अकेले सहने के बजाय उचित सहायता लेना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपना क्यूआर कोड भी साझा किया, जिसके माध्यम से आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थी उनसे संपर्क कर अपनी समस्या के संबंध में बातचीत कर सकते हैं।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय सिंह एवं डॉ. सोनिया सोनी ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, अपनी नींद एवं दिनचर्या को बेहतर बनाने तथा तनाव या किसी समस्या की स्थिति में उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित करते हैं। महिला विकास प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. मीनल तालस ने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक संतुलन पर ध्यान देना आवश्यक है तथा किसी भी मानसिक परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर उचित सहायता लेनी चाहिए।
इस अवसर पर महाविद्यालय की उपाचार्या डॉ. अनुराधा सिंह, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विजय सिंह, डॉ. सोनिया सोनी, महिला विकास प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. मीनल तालस सहित महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

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