Friday, April 17, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में यूथ रेडक्रॉस द्वारा विश्व हृदय दिवस के अवसर पर सेमीनार कार्यशाला आयोजन

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at September 29, 2023 Tags: , , , , , ,

तनाव, व्यसनों और जंकफ़ूड से बचकर ही हम अपने दिल को सेहतमंद रख सकते है: डॉ अनुपम अरोड़ा

‘तंदुरस्त ह्रदय’ विषय पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में साहिल ने बाजी मार पाया प्रथम स्थान   

BOL PANIPAT , 09 सितम्बर.  एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में यूथ रेडक्रॉस (वाईआरसी) द्वारा विश्व हृदय दिवस (वर्ल्ड हार्ट डे) के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ह्रदय की कार्यप्रणाली, इससे जुड़ी समस्याओं, इनसे बचने के उपायों, वर्तमान की जीवन शैली जैसे विषयों पर व्याख्यान दिया. कार्यशाला में छात्र-छात्राओं के साथ स्टाफ सदस्यों ने हिस्सा लिया. ज्ञात रहे कि वर्तमान आधुनिक समय में समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी तनाव और अवसाद से ग्रसित है. कार्यशाला के माध्यम से ऐसी ही शंकाओं और भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया गया ताकि हर व्यक्ति न सिर्फ सकारात्मक और खुशदिल बने बल्कि अपने दिल की भी अच्छी तरह से देखभाल करे. विश्व हृदय दिवस प्रत्येक वर्ष 29 सितंबर को मनाया जाता है और इसका उद्देश्य जनसाधारण में हृदय से संबंधित होने वाले रोग, उनके परिणाम एवं उनकी रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करना है. आश्चर्यजनक बात यह है कि विश्व में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु की दर सबसे अधिक है. इसीलिए इस आयोजन की पहल विश्व हृदय संघ के निदेशक ने 1999 में डब्ल्यूएचओ के साथ मिल कर की थी. इसकी स्थापना के बाद से ही लोगो को यह जानकारी दी गयी कि किस प्रकार वे स्वस्थ हृदय का वातावरण बना सकते हैं और कैसी जीवन शैली अपना कर हृदय से संबंधित रोगों पर अंकुश लगा सकते है.

प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि तनाव दिल का सबसे बड़ा दुश्मन है. आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में लोगों में तनाव बढ़ने लगा है और इसीलिए इस बीमारी से पूरी तरह बचना मुश्किल तो है परन्तु नामुमकिन नहीं है. जो व्यक्ति अपने दिल की आवाज सुनता है उसका दिल भी उसका भरपूर साथ देता है. तनाव के कारण इंसान का दिमाग भी खराब होने लगता है जो अंततः हृदय की पूरी प्रणाली को खराब कर देता हैं. तनाव से उबरने के लिए सबसे अच्छा सहारा योग है. हृदय हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो लगातार काम करता है और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को संचालित करता है. हृदय संचार प्रणाली के मध्य में होता है और धमनियों एवं नसों जैसी रक्त वाहिनियां अशुद्ध रक्त को शरीर के हर भाग से हृदय तक लाती हैं और शुद्ध रक्त को हृदय से शरीर के हर भाग तक पहुंचाती हैं. ये कार्य ह्रदय को आजीवन करना होता है. हृदय के साथ की गई लापरवाही के साथ-साथ लोग इससे जुडी भ्रांतियों और मिथकों के साथ भी जीते है. जैसे कुछ लोगों में यह धारणा होती है कि हर तरह का व्यायाम हृदय के लिए लाभकारी होता है. इसी तरह अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा कम होता है. ऐसे मिथकों को तोड़ना तथा सही तथ्यों को स्पष्ट करना ही इस सेमीनार का मूल उद्देश्य है. डॉ अनुपम ने दिल को स्वस्थ रखने के लिए कुछ उपाय भी सुझाए. उन्होनें कहा कि हमें प्रतिदिन थोड़ा समय व्यायाम के लिए अवश्य निकालना चाहिए. अगर हम ऐसा नहीं कर पाते तो कम से कम टहल तो सकते ही हैं. हमें अपनी सेहत के अनुरूप आहार लेना लेना चाहिए. भोजन में नमक की मात्रा कम रखनी चाहिए और सेंधा नमक का इस्तेमाल करना चाहिए. हमें कम तेल और वसा वाले आहार लेने चाहिए. ताजी सब्जियां और फल ह्रदय के लिए बहुत अच्छे होते है. अपना भोजन हमें समय पर करना चाहिए और फ़ास्ट एवं जंक फ़ूड से बचना चाहिए. तंबाकू और शराब ह्रदय को बहुत नुकसान पहुंचाते है. मादक द्रव्यों का सेवन, अत्यधिक वजन, उच्च रक्त चाप तथा मधुमेह के कारण भी ह्रदय की समस्या हो सकती है. उन्होनें कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हृदय दिवस मनाये जाने से इस रोग की रोकथाम में बहुत मदद मिली है. वर्ल्ड हार्ट डे का उद्देश्य जन साधारण में हृदय सम्बन्धी रोगो के चिन्ह और उनके रोकथाम के प्रयासो को बताना है. हमें अपने शरीर को ठीक रखने के लिए अपने स्वास्थ्य की निश्चित अंतराल के बाद जांच अवश्य करवानी चाहिए. आजकल हँसी-ख़ुशी और दिल खोल कर हँसते हुए लोग संकोच करने लगे है. हरियाणवी लोग तो वैसे भी अपने खुले दिल और स्पष्ट वाणी के लिए जग प्रसिद्ध है. जो व्यक्ति अपना जीवन दिल खोलकर जियेगा उसका ह्रदय उतना ही ठीक और मजबूत रहेगा. जीवन की चिंताएं छोड़कर हमें तनावमुक्त और खुशनुमा माहौल में जीने का प्रयास करना चाहिए.

     प्रो इंदु पुनिया की अगुआई में ‘तंदुरस्त ह्रदय’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका परिणाम इस प्रकार रहा-

प्रथम                 साहिल                बीए द्वितीय

द्वितीय               मोहित                 बीए प्रथम

तृतीय                 साक्षी                 बीए प्रथम

सांत्वना               अन्नू और नीरू          बीए प्रथम   

इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में उप-प्राचार्य डॉ नवीन गोयल, प्रो राकेश सिंगला, प्रो पवन सिंगला, प्रो अन्नू आहूजा, प्रो गीता प्रुथी, डॉ बलजिंदर सिंह, डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, डॉ मोनिका खुराना, डॉ दीपिका अरोड़ा मदान, डॉ दीपा वर्मा, प्रो वीरेंद्र गिल, प्रो संजय चोपड़ा आदि ने कार्यशाला में हिस्सा लिया.    

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