शहीदे आजम भगत सिंह का सपना आज भी अधूरा : पवन कुमार सैनी
BOL PANIPAT : आज भगत सिंह स्मारक सभागार में शहीद ए आजम भगत सिंह की 116 वीं जयन्ती के अवसर पर मीटिंग आयोजित की गई । सभा की अध्यक्षता पवन कुमार सैनी एडवोकेट पूर्व प्रदेश महासचिव हरियाणा अखिल भारतीय नौजवान सभा ने की।
सभा को संबोधित करते हुए ए आई वाई एफ के वरिष्ठ नेता राम रतन सैनी एडवोकेट ने कहा कि शहीदे आजम भगत सिंह ने जिस तरह की आजादी का सपना लेकर अपना जीवन बलिदान किया था। वह सपना अधूरा ही रह गया।
सन 1947 में अंग्रेज साम्राज्यवादियों व भारतीय पूँजीपतियों के बीच समझौते से राज बदल गया। अंग्रेज सरकार भारतीय जनता को लम्बे समय तक दबा कर रखने के लिए दो काले कानून (1) इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट बिल व (2) पब्लिक सेफ्टी बिल लाई थी। जिसके विरोध में भगतसिंह व बटुकेश्वर दत्त ने संसद के अंदर खाली बैंचों पर बमों का धमाका करके बहरी अंग्रेजी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि देश की जनता इन काले कानूनों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने पर्चों के माध्यम से कहा था कि हम समाजवादी व्यवस्था चाहते हैं। 23 मार्च 1931 को फांसी होने से पहले शहीद-ए-आजम भगतसिंह एक महान क्रांतिकारी व्लादिमीर लेनिन ( जिन्होंने दुनिया में पहली बार पूंजीपतियों का राज रूस में उखाड़ फेंक कर मजदूर – किसानों का राज कायम किया था) लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे।
आजादी आंदोलन में जान की बाजी लगाने में एक से बढ़कर के एक क्रांतिकारी थे। लेकिन सोच विचार के मामले में दुश्मनों पर कब हमला किया जाए ? किस तरह से किया जाए? हमारा जो उद्देश्य है इन मामलों में भगत सिंह बाकी सभी क्रांतिकारियों से बहुत आगे बढ़े हुए थे। उन्होंने ही भारत की धरती पर सबसे पहले इंकलाब जिंदाबाद-साम्राज्यवाद मुर्दाबाद का नारा जेल के अंदर ही गुजां दिया था ।
सभा को सी पी आई के राज्य सचिव श्री दरियाव सिंह कश्यप ने संबोधित करते हुए कहा कि आज हमें भगत सिंह के सपने को साकार करने के लिए इस गली सड़ी पूंजीवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंकना होगा। आज सरकार ने बढ़ती हुई महंगाई, घटते हुए रोजगार, भ्रष्टाचार, बहन बेटियों की इज्जत पर हमले, शिक्षा और इलाज, पीने के पानी को भी बाजारीकरण कर व्यापार बना दिया है।
पूर्व राज्य महासचिव हरियाणा ( ए आई वाई एफ) पवन सैनी एडवोकेट ने कहा कि अभी हाल की बारिश ने फसलों को बर्बाद करके किसान और मजदूरों के ऊपर बड़ी आर्थिक मार मारी है । सरकार नुकशान की भरपाई करने की बजाय केवल बयानबाजी करके अपना काम पूरा समझ रही है। इसलिए हमें भगत सिंह के विचारों को समझ कर सभी समस्याओं की जननी व मानवता की दुश्मन मौजूदा पूंजीवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंक कर समाजवादी व्यवस्था स्थापित करनी होगी। भगतसिंह नेशनल रोजगार गारंटी अधिनियम लागू करवाने के लिए एकजुट होना होगा।सभा में उपस्थित चौधरी सुरत सिंह देशवाल एडवोकेट , सत्येन्द्र गिरी, शीश राम, प्रदीप जिन्दल, ओम सिंह, जुनैद राणा, सनोवर राणा, भुपेंद्र कश्यप, डॉक्टर रमाकांत, डॉक्टर पराग अग्रवाल,आदि ने भी भगत सिंह को नमन किया और उनके विचारों को प्रचारित प्रसारित करने पर जोर दिया।
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