कुरुक्षेत्र में 6 फरवरी से 8 फरवरी तक आयोजित हो रही राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी: उपायुक्त डॉ वीरेंद्र कुमार दहिया
-जिले भर से प्रदर्शनी में रोजाना 5 पशु पालकों की गाडिय़ा करेंगी शिरकत
-प्रदर्शनी में पशुपालकों को बेहतर नस्लें और बाजार से जुडऩे का मिलता अवसर
-बेहतर पशु पालन नस्ल वाले पशु पालक होंगे सम्मानित
BOL PANIPAT , 16 जनवरी। हरियाणा सरकार के पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग द्वारा अगले महीने 6 फरवरी से 8 फरवरी तक विकास बोर्ड मेला ग्राउंड, कुरुक्षेत्र में 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेशभर से पशुपालक, डेयरी किसान, गौशालाएं और पशुधन विशेषज्ञ भाग लेंगे।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का उद्देश्य पशुपालकों को उन्नत नस्लों, आधुनिक पशुपालन तकनीकों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोडऩा है। डॉ दहिया ने बताया कि हरियाणा सरकार पशुपालकों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुधन की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे आयोजनों से पशुपालकों को नई जानकारी, बेहतर नस्लें और बाजार से जुडऩे का अवसर मिलता है।
उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाएं जैसे नस्ल सुधार कार्यक्रम, डेयरी विकास योजनाएं, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण अभियान और सब्सिडी आधारित सुविधाएं पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। मेले के दौरान इन सभी योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पशुपालक इनका अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उपायुक्त डॉ दहिया ने बताया कि इस राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में भैंस, गाय, घोड़े, ऊंट, भेड़, बकरी, सुअर सहित विभिन्न प्रजातियों की उन्नत और शुद्ध नस्लों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही विभिन्न नस्लों की श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुओं और उनके पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा।
पशुपालन विभाग के एसडीओ श्री भगवान ने बताया कि पानीपत जिले के पशुपालकों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं। राज्य स्तरीय मेले में पशुपालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभाग की ओर से रोजाना 5 बसें पशुपालकों को लेकर कुरुक्षेत्र जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इस आयोजन में भाग ले सकें।
डॉ दहिया ने बताया कि जो पशुपालक अपने पशुओं के साथ मेले में भाग लेना चाहते हैं, वे पशुओं की निर्धारित नस्ल श्रेणियों के अनुसार अपने पशुओं का पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण और अन्य जानकारी के लिए पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे इस राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी में बढ़-चढक़र भाग लें और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर अपने पशुपालन कार्य को और अधिक लाभकारी बनाएं। इस आयोजन से पशुपालन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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