जिला जेल में औचक निरीक्षण, बंदियों की समस्याएं सुनीं
महिला वार्ड, बैरकों से लेकर रसोई और कैंटीन तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा
बंदियों को स्वच्छता, पौष्टिक भोजन और निःशुल्क कानूनी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश
जेल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की भी की गई गहन समीक्षा
BOL PANIPAT , 19 सितंबर। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचकूला के तत्वावधान में सुश्री वाणी गोपाल शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा वर्षा शर्मा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शनिवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जेल के महिला वार्ड, वार्ड नंबर 6, वार्ड नंबर 7 तथा सुरक्षा वार्ड का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बैरकों की स्थिति, साफ-सफाई, स्वच्छता एवं वार्डों के रखरखाव का जायजा लिया गया। अधिकारियों द्वारा बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को भी ध्यानपूर्वक सुना गया। जेल प्रशासन को बंदियों की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निवारण करने तथा उनके कल्याण से संबंधित उपायों का उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान जेल की रसोई का भी निरीक्षण किया गया। बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं मात्रा, रसोई परिसर की साफ-सफाई तथा भोजन तैयार करने और वितरित करने के दौरान स्वच्छता के मानकों की जांच की गई। जेल प्रशासन को उचित स्वच्छता बनाए रखने तथा सभी बंदियों को पौष्टिक, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। तत्पश्चात जेल की कैंटीन का निरीक्षण किया गया तथा बंदियों के लिए उपलब्ध आवश्यक वस्तुओं एवं कैंटीन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। कैंटीन के सुचारू संचालन एवं उचित रखरखाव के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए।
जेल के नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान जेल परिसर की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। जेल अधिकारियों को प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों द्वारा जेल स्थित विधिक सहायता क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया। बंदियों को उपलब्ध करवाई जा रही निःशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र बंदी निःशुल्क विधिक सहायता से वंचित न रहे तथा बंदियों की कानूनी समस्याओं एवं आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
समग्र रूप से, यह औचक निरीक्षण बंदियों के कल्याण एवं अधिकारों की सुरक्षा, जेल की आधारभूत सुविधाओं एवं स्वच्छता के उचित रखरखाव, गुणवत्तापूर्ण भोजन की उपलब्धता, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था तथा बंदियों तक निःशुल्क विधिक सहायता की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।

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