Friday, March 13, 2026
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निवेशकों से धोखाधड़ी करने मामले में ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिप्ट कोऑपरेटिव सोसायटी के सुविधा केंद्र संचालक को गिरफ्तार किया

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at March 4, 2025 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT : 04 मार्च 2025, ह्यूमन वेल्फेयर क्रेडिट एंड थ्रिप्ट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड द्वारा निवेशकों से निवेश करने पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने मामले में पुलिस अधीक्षक श्री लोकेंद्र सिंह आईपीएस के मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए स्पेशल डिटेक्टिव युनिट पुलिस टीम ने मंगलवार को कंपनी के सुविधा केंद्र संचालक को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान परमानंद चतुर्वेदी निवासी जगदौर महाराजगंज यूपी हाल शिव नगर किशनपुरा के रूप में हुई। आरोपी परमानंद ने बिचपड़ी चौक पर कंपनी का सुविधा केंद्र खोला हुआ था।

स्पेशल डिटेक्टिव युनिट इंचार्ज सब इंस्पेक्टर गुलशन ने बताया की पुलिस बुधवार को आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर हासिल कर गहनता से पूछताछ करेंगी।

यह है मामला

शिकायत मिलने पर जांच उपरांत दिसंबर 2024 में थाना तहसील कैंप में अभियोग दर्ज किया गया था
इशाक निवासी देव नगर एन एन कांप्लेक्स ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि लवली खन्ना निवासी किला व परमानंद निवासी शिव नगर कृष्णपुरा ने उससे कहा वह ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी में काम करते है। उन्होंने बिचपड़ी चौक पर ऑफिस बनाया हुआ है। वह प्रतिदिन लोगों से पैसे लेकर साल के अंत में मोटा ब्याज देते है। जो उनके काफी मैंबर बने हुए है। उसने विश्वास कर 1 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से देने शुरू कर दिए। एक साल में उसने कुल 3 लाख 86 हजार 998 रुपए निवेश किये। उसने साल पूरा होने पर पैसे वापिस देने के लिए कहा तो लवली व परमानंद बहाना बनाकर एक दो दिन बाद आने की बात कहकर उसे टालते रहें। बाद में आरोपियों ने पैसे लौटाने से मना कर दिया और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।

इंचार्ज सब इंस्पेक्टर गुलशन ने बताया कि अन्य निवेशकों के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी करने की उक्त सोसायटी के खिलाफ मिली अन्य शिकायत पर विगत दिनों सोसायटी के अधिकारियों व एजेंट के खिलाफ चार अन्य मामले थाना चांदनी बाग, थाना समालखा, थाना सनौली व थाना इसराना में दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई थी।
मिली शिकायतों के अनुसार लाेगों को फिक्स डिपाेजिट (एफडी), रिकरिंग डिपाजिट (आरडी) समेत विभिन्न योजनाओं के नाम से सोसायटी में पैसा लगाने पर मोटे रिटर्न का झांसा दिया जाता था। आरडी व एफडी का समय पूरा होने के बाद भी निवेशकों के पैसे नहीं लौटाए। अब सभी कार्यालय बंद है।

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