Thursday, April 16, 2026
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धंसोली गांव में संभावित बाल विवाह की सूचना पर प्रशासन की तत्पर कार्रवाई

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 29, 2025 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : 29 अक्टूबर, आज प्राप्त एक सूचना के अनुसार धंसोली गांव में एक नाबालिग लड़की का विवाह किए जाने की संभावना जताई गई थी। सूचना मिलते ही बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता द्वारा संबंधित थाना प्रबंधक को सूचित किया गया, जिसके पश्चात पुलिस टीम तत्काल मौके पर भेजी गई।

मौके पर पहुँचे एएसआई के द्वारा लड़की पक्ष को प्रोटेक्शन एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के कार्यालय में पेश किया गया।

मौके पर प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि विवाह की कोई प्रत्यक्ष तैयारी तो नहीं दिखाई दी, किंतु लड़की के हाथों में मेहंदी लगी हुई थी, जिससे विवाह की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। परिवार मूल रूप से बिहार का निवासी है और वहीं बच्ची का जन्म हुआ था, परंतु परिवार के पास उसकी आयु प्रमाणित करने के लिए कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं था।

इस विवाह में लड़की पक्ष धंसोली गांव से था, जबकि लड़का पक्ष नांगल डेरा से आने वाला था। नांगल डेरा में जब लड़के पक्ष को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया, तो लड़के ने बताया कि उसकी आयु लगभग 22 वर्ष है और वह मेहनत-मजदूरी का कार्य करता है। उसने यह भी बताया कि विवाह का निर्णय 2-4 महीने पहले तय हुआ था।

हालांकि न तो लड़के और न ही लड़की पक्ष द्वारा लड़की की आयु का कोई प्रमाण प्रस्तुत किया गया। रजनी गुप्ता, बाल विवाह निषेध अधिकारी, पानीपत द्वारा दोनों पक्षों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई तथा उन्हें इसके दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।

काउंसलिंग के उपरांत लड़के पक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक लड़की की उम्र का प्रमाण प्राप्त नहीं होता, विवाह नहीं किया जाएगा। लड़की पक्ष द्वारा लड़की की आयु दर्शाने वाले दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय लिया गया है।

फिलहाल, लड़की के भाई और लड़के दोनों ने विवाह न करने के संबंध में अपने शपथ पत्र प्रस्तुत किए हैं।

प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बालिका की आयु का सत्यापन होने तक सतर्क निगरानी रखी जाए। प्रशासन ने पुनः दोहराया है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर सख्त निगरानी रखी जा रही है, और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी ताकि बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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