220 केवी ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट में प्रशासन करेगा हर संभव सहयोग: उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया
पानीपत बनेगा ग्रीन एनर्जी हब. नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मिलेगा बल. जींद-पानीपत लाइन पर प्रशासन का फोकस
BOL PANIPAT , 10 अप्रैल। पानीपत को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाना प्रस्तावित है। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने जींद से पानीपत तक प्रस्तावित 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को जिला सचिवालय सभागार में कंपनी के अधिकारियों से बैठक की और सहयोग का आश्वासन दिया।
उपायुक्त ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देना है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि परियोजना के तहत सामग्री आपूर्ति और अन्य सभी चरण निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से भूमि अधिग्रहण पर्यावरण स्वीकृति और सुरक्षा मानकों के पालन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उल्लेखनीय है कि 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट को नवीकरणीय ऊर्जा की आपूर्ति करेगी, जिससे सालाना लगभग 10,000 टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन संभव होगा। इससे रिफाइनरी में उपयोग होने वाले जीवाश्म ईंधन आधारित ग्रे हाइड्रोजन का स्थान लिया जाएगा और कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह परियोजना का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन करना है।
उपायुक्त डॉ. दहिया ने कहा कि यह प्रोजेक्ट न केवल पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा और हरियाणा को ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीआरओ कनव लाकड़ा, डीडीपीओ राजेश शर्मा के अलावा कई अन्य अधिकारी और कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे।

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