समाज की सबसे बड़ी ताकत, उनकी शिक्षा तथा सम्मान ही विकसित समाज की पहचान: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
बेटी बचाओ अभियान को मिली नई उड़ान, बराना गांव की तीन होनहार बेटियों को मिला 1.50 लाख का सम्मान
सर्वश्रेष्ठ लिंगानुपात वाले गांव को मिला प्रोत्साहन, मेधावी छात्राओं का बढ़ाया उत्साह
उपायुक्त ने बेटियों को चेक देकर किया सम्मानित, शिक्षा और बेटियों के सम्मान का दिया संदेश
BOL PANIPAT , 1 जुलाई। जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में बुधवार को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत संचालित बेस्ट विलेज अवॉर्ड स्कीम के तहत गांव बराना की तीन मेधावी छात्राओं को कुल 1 लाख 50 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित कर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ द्वारा सम्मानित किया गया।
उपायुक्त ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियां समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनकी शिक्षा तथा सम्मान ही विकसित समाज की पहचान है। उन्होंने छात्राओं से भविष्य में भी इसी प्रकार मेहनत कर अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उपायुक्त ने कहा कि उन्हें साइकिल की सुविधा भी प्रदान की जाएगी ताकि उन्हें पास के गांव में पढ़ाई करने के लिए जाते वक्त किसी प्रकार की असुविधा ना हो।
विदित रहे कि बेस्ट विलेज अवॉर्ड स्कीम के तहत जिस गांव का लिंगानुपात सबसे बेहतर रहता है, उस गांव की दसवीं कक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को क्रमश: 50, 30 और 20 प्रतिशत के अनुपात में प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। वर्ष 2025-26 में सीएचसी खोतपुरा के अंतर्गत आने वाले गांव बराना का लिंगानुपात जिले में सर्वश्रेष्ठ रहने पर यह सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर आंचल पुत्री हरून ने दसवीं कक्षा में 324 अंक (64.8 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया, जिसे 75 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। खुशबू पुत्री भीम सिंह ने 315 अंक (63 प्रतिशत) प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसे 45 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। वहीं साक्षी पुत्री जगबीर सिंह ने 295 अंक (59 प्रतिशत) प्राप्त कर तृतीय स्थान हासिल किया और उसे 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।
उपायुक्त ने कहा कि इस प्रकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल मेधावी छात्राओं को सम्मानित करना ही नहीं, बल्कि समाज में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को और अधिक मजबूत करना भी है। बेहतर लिंगानुपात वाले गांवों को प्रोत्साहित करने से कन्या जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी और बेटियों की शिक्षा को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक, पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. ललित कुंडू सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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