बड़े धूमधाम के साथ आयोजित किया गया श्री जिनवाणी वेदी एवं श्री जिनवाणी विराजमान प्रतिष्ठा महोत्सव
BOL PANIPAT : कायस्थान स्ट्रीट स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर दुन्दीवालान मे श्री जिनवाणी वेदी एवं श्री जिनवाणी विराजमान प्रतिष्ठा महोत्सव बड़े धूमधाम के साथ आयोजित किया गया।
यह आयोजन संस्कार प्रणेता ज्ञानयोगी परमपूज्य गुरुदेव आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद से संपन्न हुआ
सर्वप्रथम प्रातः की बेला में श्री जी के अभिषेक एवं शांति धारा के साथ महोत्सव का शुभारंभ हुआ
तत्पश्चात घटयात्रा का आयोजन हुआ जिसमे सौभाग्यवती महिलाओं अपने मस्तक पर कलश धारण कर मंदिर जी परिक्रमा की तत्पश्चात महोत्सव में मंगल उद्घोष के साथ ध्वजारोहण सम्पन्न हुआ ध्वजारोहण करने का सौभाग्य लोकेश टोनी जैन परिवार को प्राप्त हुआ
इस पावन विधान में सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य अभिनव जैन – नेहा जैन एंव कुबेर इन्द्र बनने का सौभाग्य संदीप जैन – सुरभि जैन को प्राप्त हुआ इसी क्रम में इंद्र और इंद्राणी बनने का सौभाग्य मुकेश जैन – आशा रानी जैन, लोकेश जैन – अंजु जैन, कुलदीप जैन – मीना जैन, दिनेश जैन – सविता जैन, विभोर जैन – नुपुर जैन, दिनेश जैन – शशि जैन, राजीव जैन – मोनिका जैन, प्रदीप जैन – रीना जैन, विकास जैन – वनिता जैन, पंकज जैन – पूनम जैन को प्राप्त हुआ
तत्पश्चात वेदी शुद्धि की मांगलिक क्रियाएं सम्पन्न हुई जिसमें सौभाग्यवती महिलाओं के द्वारा वेदी शुद्धि की मांगलिक क्रियाएं सम्पन्न हुई
साथ मांडले पर पांच मंगल कलश, अष्ट प्रतिहार्य एंव पंचमेरू स्थापित करने का अवसर सौभाग्यवती महिलाओं को प्राप्त हुआ
वहीं नवीन वेदी बनाने का सौभाग्य श्री संदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ वहीं नवीन वेदी पर श्रुत स्कन्द यंत्र विराजमान करने का सौभाग्य श्री राजेश जैन परिवार और ताम्र भक्तामर विराजमान करने का सौभाग्य श्रीमति कमल जैन परिवार दिल्ली को प्राप्त हुआ
तत्पश्चात नित्य नियम पूजन, वास्तु पूजन और श्री जिनवाणी विधान का भव्य आयोजन हुआ
सभी मांगलिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य अशोक जैन शास्त्री धीरज दिल्ली के पावन निर्देशन में संपन्न हुआ
मंदिर में बन रही बन रहे निर्वाण भूमि तीर्थ क्षेत्र के चित्रों का भी अवलोकन किया गया सभी ने इस कार्य की प्रशंसा की
इस मंदिर में विशेष रूप से पहले से ही श्री सम्मेद शिखर जी, श्री गिरनार जी, श्री गोमटेश बाहुबली जी तीर्थ क्षेत्र के स्वर्ण चित्र बने हुए थे अब श्री चंपापुरी जी, अष्टापद कैलाश पर्वत और श्री पावापुरी जी के अद्भुत दर्शन सभी के हुए
श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर दुन्दीवालान के जो कि कायस्थान मोहल्ला में स्थित है
मंदिर अति प्राचीन है और बेहद शांत प्रिय वातावरण में बना हुआ है
मंदिर का निर्माण सेठ दुंदीमल जैन ने ढाई सौ वर्ष पूर्व कराया था
ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह मंदिर अति प्राचीन हैं मंदिर में 12वीं एवं 14वीं शताब्दी की प्रतिमाएं विराजमान है, यह मंदिर 280 वर्ग गज जगह में निर्मित है इसमें संत निवास का भी निर्माण किया गया है
जानकारी देते हुए एडवोकेट मेहुल जैन ने बताया की जैन धर्म में देव शास्त्र गुरु की ही पूजा होती है कुल देवता इष्ट देवता के रूप में जिनेंद्र देव, कुल गुरु के रूप में दिगंबर साधु व कुल देवी के रूप में मां जिनवाणी की पूजा की जाती
आज भव्य रूप से मां जिनवाणी को नवीन वेदी में विराजमान किया गया
इस शुभ अवसर पर विशेष रूप से श्री दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष सुनील जैन , जैन स्कूल सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश जैन, श्रीमती आशा रानी जैन धर्म पत्नी लवकेश जैन श्रीमती ममता जैन आदि का सम्मान किया गया

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