एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में इस्कोन कुरुक्षेत्र द्वारा श्री राम आगमन महोत्सव के शुभ अवसर पर राम कथा और संकीर्तन का ओजपूर्ण आयोजन
–राम कथा वाचक, सनातनी और गीता मनीषी प्रहलाद हरी प्रभुजी द्वारा सुनाई गई राम कथा और गाये गए मधुर राम भजनों से कॉलेज प्रांगण हुआ राम मय
–प्रभु श्री राम के व्यक्तित्व में जीवन का पूरा सार निहित है और वे हर युवा के आदर्श है: प्रहलाद हरी प्रभुजी
पानीपत, 10 फरवरी. एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में इस्कोन कुरुक्षेत्र द्वारा श्री राम आगमन महोत्सव के शुभ अवसर पर राम कथा और संकीर्तन का ओजपूर्ण आयोजन किया गया जिसमें राम कथा वाचक, सनातनी और गीता मनीषी प्रहलाद हरी प्रभुजी द्वारा सुनाई गई राम कथा और गाये गए मधुर राम भजनों से कॉलेज प्रांगण राम मय हो गया और कॉलेज के युवा विद्यार्थियों को श्री राम रुपी आदर्श व्यक्तित्व को अपने जीवन में उतारने का सुअवसर प्राप्त हुआ । माननीय प्रहलाद हरी प्रभुजी का स्वागत कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, उप-प्राचार्य डॉ नवीन गोयल और डॉ राकेश गर्ग ने तुलसी रोपित गमला भेंट करके किया । इस अवसर पर इस्कोन कुरुक्षेत्र से रोहित शर्मा, सौरभ सैनी, ऋतिक अग्रवाल, आयुष राय, प्रिंस और राकेश ने कार्यक्रम के आयोजन में भरपूर सहयोग दिया और समन्वयक की भूमिका उत्कर्ष शुक्ल ने निभाई । मंच संचालन डॉ संगीता गुप्ता ने किया । ‘जय राम, श्री राम, जय जय राम’, ‘हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे कृष्णा हरे हरे’, ‘गोविन्द जय जय गोपाला जय जय राधा रमन’, ‘सीताराम जानकी जय बोलो हनुमान की’ आदि भजनों सभी श्रौतागण झूम उठे । खचाखच भरे हाल में श्रौता जमकर झूमे । इस अवसर पर प्रहलाद हरी प्रभुजी ने अंतर्राष्ट्रीय गीता ओलंपियाड में कॉलेज की तरफ से कुरुक्षेत्र में आयोजित गीता कार्यशाला में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सन्नी त्यागी, गगन और दक्ष को पुरस्कृत करते हुए कॉलेज द्वारा रिकॉर्ड प्रतिभागिता की तारीफ़ की ।
राम कथा वाचक, सनातनी और गीता मनीषी प्रहलाद हरी प्रभुजी ने कहा कि प्रभु श्री राम के व्यक्तित्व में जीवन का पूरा सार निहित है और हर युवा के आदर्श है । श्री राम ने अपने जीवन में कोई सुख नहीं देखा और इतनी विकट परिस्थितियों के बावजूद भी वे सैदेव संयमित और मुस्कुराते रहे । नारी सम्मान और माता-पिता के प्रति आदर का उनसे बड़ा प्रतीक आज भी कोई नहीं है । दूसरों के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर करना हमें श्री राम के जीवन से सिखने को मिलता है । श्रीराम के इन्ही गुणों को हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए ।

दिनेश गोयल कॉलेज प्रधान ने कहा कि श्री राम को जीवन में उतारकर हम अपने जीवन में आध्यात्मिक और सामाजिक लाभ प्राप्त कर सकते है । श्री राम युवाओं के लिए एक आदर्श है और उनके बताएं आदर्शों पर चलकर हम सभी अपना जीवन बदल सकते है । आदर्श व्यक्तित्व ही हम सभी को मानसिक रूप से सशक्त बनाते है । उन्होनें सभी छात्र-छात्राओं से श्री राम आगमन महोत्सव में पूर्ण सहयोग देने का आह्वान किया । संततं धर्म में सत्य सनातन है, ईश्वर ही सत्य है, आत्मा ही सत्य है, मोक्ष ही सत्य है और इस सत्य के मार्ग को बताने वाला धर्म ही सनातन धर्म है ।
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि आईआईटी रूडकी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग करने वाले प्रहलाद हरी प्रभुजी ने सनातन धर्म के प्रचार और प्रसार को लेकर अपने जीवन की दिशा ही बदल दी । एक मेधावी छात्र होते हुए उन्होनें गणित ओलंपियाड में पहला स्थान हासिल किया । हाल ही में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता ओलंपियाड में भी बतौर समन्वयक इनकी भूमिका उल्लेखनीय रही । इन्ही के प्रयासों से अब गीता को एनआईटी और कुरुक्षेत्र विश्विधालय के पाठ्यक्रम में जगह मिल पायी है । उन्होनें कहा कि भगवान श्री राम सिर्फ एक नाम नहीं हैं बल्कि वे हिन्दुस्तान की सांस्कृतिक विरासत हैं । श्री राम एकता और अखंडता का प्रतीक हैं और सनातन धर्म की पहचान है । हिन्दू धर्म में भगवान विष्णु के दशावतारों का उल्लेख है और भगवान राम विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं । श्री राम एक आदर्श पुत्र ही नहीं बल्कि एक आदर्श पति और भाई भी थे । जो व्यक्ति संयमित, मर्यादित और संस्कारित जीवन जीता है नि:स्वार्थ भाव से उसी में मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों की झलक परिलक्षित होती है और यही एक खुशहाल और सुरक्षित जीवन का आधार है । सनातन धर्म भी ऐसे ही मार्ग पर चलने का आह्वान करता है क्यूंकि ऐसा ही कर्म शाश्वत है और हमेशा के लिए सत्य है ।
इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, प्रो संजय चोपड़ा, डॉ राकेश गर्ग, डॉ दीपिका अरोड़ा मदान, प्रो मयंक अरोड़ा, डॉ बलजिंदर सिंह, प्रो किरण मलिक, प्रो जुगमती, प्रो कविता, प्रो मीतु सैनी, दीपक मित्तल, चिराग सिंगला आदि मौजूद रहे ।

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