मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें उपचार के दौरान सहयोग देने में सहायक है निक्षय मित्र योजना: आयुक्त हेमा शर्मा
पोषण सहायता से टीबी मरीजों को मिलेगी नई ताकत, सामूहिक प्रयासों से साकार होगा टीबी मुक्त भारत का सपना: उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ
टीबी मुक्त भारत के संकल्प को मिलेगी मजबूती: अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे
टीबी के खिलाफ जंग में पोषण बना मजबूत हथियार, 20 टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध
BOL PANIPAT ,15 अक्टूबर। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में निक्षय मित्र योजना के माध्यम से 20 टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में वीरवार को सराहनीय पहल की गई।
कार्यक्रम में मंडल करनाल मंडल आयुक्त हेमा शर्मा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके पोषण और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। निक्षय मित्र योजना के माध्यम से समाज के लोग टीबी मरीजों की सहायता में सहभागी बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल मरीजों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें उपचार के दौरान सहयोग देने में सहायक होती हैं। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से अपील की कि वे आगे आकर जरूरतमंद मरीजों की मदद करें और टीबी मुक्त भारत के अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए जागरूकता, समय पर जांच, नियमित उपचार और पोषण सहायता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। निक्षय मित्र योजना टीबी मरीजों को सहयोग देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके तहत मरीजों को पोषण आहार उपलब्ध करवाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर टीबी उन्मूलन के प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है। समाज के सक्षम नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं को भी इस अभियान से जुड़ना चाहिए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक सहयोग मिल सके।
अतिरिक्त उपायुक्त अंकित चौकसे ने कहा कि टीबी मरीजों को उपचार के साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार मिलना भी जरूरी है। ऐसे मरीजों को सहयोग देकर उन्हें यह विश्वास दिलाना चाहिए कि वे इस बीमारी से लड़ने में अकेले नहीं हैं।
सामूहिक प्रयासों से इस अभियान को निरंतर गति देकर देश को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाकर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना, उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करना तथा टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और सक्षम नागरिकों को आगे आकर टीबी मरीजों की मदद करनी चाहिए।
सीएमओ विजय मलिक ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से प्राप्त किया जा सकता है।
सीएमओ ने कहा कि टीबी मरीजों की सहायता करना सामाजिक जिम्मेदारी
है।निक्षय मित्र योजना जरूरतमंद टीबी मरीजों को पोषण सहायता देकर उनके उपचार में सहयोग करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
योजना के नोडल डॉ. लाभ सिंह ने कहा कि जनभागीदारी से ही टीबी मुक्त भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान की जा सकती है।

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