Wednesday, August 12, 2026
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पानीपत के शायर की दुबई की डॉक्टर से हुई सगाई.

By LALIT SHARMA , in SOCIAL , at November 9, 2022 Tags: , ,

जिस बोली को अपनों ने ही दुतकारा था, उसी की फैन हुई दुबई की डॉक्टर

BOL PANIPAT : हरियाणा के पानीपत जिले के गांव नारा के रहने वाले शायर, सिंगर एवं राइटर चिराग खर्ब उर्फ सीके नारा, दुबई की डॉक्टर तनू के साथ जल्द ही विवाह सूत्र में बंधेंगे। उनकी हाल ही में डॉक्टर तनू के साथ गुरुग्राम में सगाई हुई है। दरअसल, जिस हरियाणवीं बोली को अपनों ने ही दुतकारा था, उसी बोली की दुबई की डॉक्टर फैन हो गई। चिराग खर्ब, जोकि सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर अपनी शायरी के लिए जाना-माना चेहरा है। उनकी शायरी वाली वीडियो अपलोड होते ही उनके चाहने वाले लाखों फ्लोवर न केवल वीडियो को लाइक करते हैं, ब्लकि उस पर डबिंग कर अपनी वीडियो भी बनाते हैं। इतना ही नहीं, चिराग की शायरी की वीडियो पर बॉलीवुड सिंगर बी-पराक भी डबिंग कर अपनी वीडियो बना चुके हैं। लाखों फ्लोवर्स में से अनेकों फ्लोवर ऐसे भी हैं, जो इंस्टाग्राम पर वेरिफाइड अकाउंट हैं।

गांव-प्रदेश का नाम हर प्लेटफॉर्म पर ऊंचा करने की है सोच

चिराग बताते हैं कि उनकी हमेशा से सोच रही कि वे गांव की पृष्ठभूमि से निकल कर न केवल अपने गांव, ब्लकि हरियाणा का नाम हर प्लेटफॉर्म पर ऊंचा करें। इसी के लिए उन्होंने अपनी हरियाणवीं बोली को कहीं भी नहीं छोड़ा। स्कूल, कॉलेज टाइम में भी हर सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी ही बोली में भाग लिया। हालांकि एक बार सातवीं कक्षा में स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रम में चिराग ने गायकी में भाग लिया था। उस वक्त भी उन्होंने हरियाणवीं में ही अपनी प्रस्तुति दी थी। जिसके बाद उन्हें टीचर ने टोकते हुए इस बोली को छोड़ने एवं पंजाबी और हिंदी में गाने के बारे में कहा था। तभी से चिराग ने मन में अपनी हरियाणवीं बोली को देश-विदेश में फेमस करने की ठान ली थी। इसी के लिए वे लगातार प्रयासरत है। इन्हीं प्रयासों में उन्होंने अपने नाम के बाद अपने गांव का नाम जोड़ा हुआ है। वे हर जगह अपना नाम सीके नारा लिखतें हैं।

गुरुग्राम की रहने वाली है तनू, चार भाई-बहनों में हैं मंझली

चिराग के साथ जल्द ही विवाह सूत्र में बंधने वाली तनू, मूल रूप से एनसीआर क्षेत्र के जिला गुरुग्राम की रहने वाली है। जब वे आठवीं कक्षा में थी, उनके पिता धारा सिंह का निधन हो गया था। उनकी दो बड़ी बहनें हैं, जोकि विवाहित हैं। सबसे छोटा उनका भाई है। पिता के निधन के बाद परिवार की बड़ी जिम्मेदारी तनू के कंधों पर आ गई हैं। उनकी मां गृहणी है। विषम परिस्थितियों में परिवार का गुजर बसर करते हुए मां शकुंतला ने दोनों बड़ी बेटियों की पढ़ाई भी करवाई और उनकी शादी भी की। इसके अलावा मां ने तनू और छोटे बेटे की भी पढ़ाई करवाई। तनू पढ़-लिखकर डॉक्टर बनी। अब परिवार की फिर से आस जगी है।

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