मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं. बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों को मजबूत बनाना है: उपायुक्त डॉ विरेंदर कुमार दहिया
पुलिस विभाग हर प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्षम: पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह
आईओसीएल और समालखा में मेगा मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों का हुआ व्यापक परीक्षण
जिले में प्रशासन अलर्ट- आई ओ सीएल और समालखा में संयुक्त मॉक ड्रिल से परखी गई राहत व्यवस्था
सायरन, रेस्क्यू और राहत अभियान के बीच मॉक ड्रिल, प्रशासन ने दिखाई तत्परता
BOL PANIPAT , 14 मई। जिले में वीरवार को जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग और सुरक्षा बलों के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान आईओसीएल और समालखा क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का गहन परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक या औद्योगिक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता को परखना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया।

उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कंट्रोल रूम से पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी की। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आईओसीएल प्वाइंट का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सुरक्षा इंतजामों, राहत कार्यों तथा बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मॉक ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक आपदा की स्थिति तैयार की गई, जिसमे व्यापक परिस्थितियों को दर्शाया गया। जैसे ही सायरन बजा, पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नागरिक सुरक्षा संगठन और प्रशासनिक टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। राहत एवं बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, प्राथमिक उपचार देने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
अग्निशमन विभाग की टीम और स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस और मेडिकल टीमें घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराती नजर आईं। पुलिस विभाग ने आसपास के क्षेत्र को यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया । इस दौरान नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने भी प्रशासन का सहयोग करते हुए लोगों को जागरूक करने और अफवाहों से बचने की अपील की।

उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों को मजबूत बनाना भी है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा के समय त्वरित कार्रवाई, संसाधनों की उपलब्धता और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने संसाधनों, उपकरणों और कर्मचारियों को हमेशा तैयार रखें ताकि संकट की घड़ी में बिना देरी राहत कार्य शुरू किए जा सकें।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग हर प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से पुलिस बल और अन्य एजेंसियों का मनोबल बढ़ता है तथा वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
मॉक ड्रिल के दौरान आसपास के लोगों में भी जागरूकता देखने को मिली। लोगों ने राहत एवं बचाव कार्यों को करीब से देखा और प्रशासन की तैयारियों की सराहना की। प्रशासन का मानना है कि समय-समय पर इस प्रकार के अभ्यास अभियान आयोजित करने से न केवल विभागों की कार्यक्षमता बढ़ती है बल्कि आम नागरिकों में भी सुरक्षा और जागरूकता की भावना मजबूत होती है।

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