एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में अंग्रेजी विभाग की ‘लिटरेरी माइंडस’ एसोसिएशन के सत्र 2023-24 के पांच पदाधिकारियों का हुआ चयन
ब्रेन पॉवर प्रतियोगिता में तनांशी, शिवानी मलिक, करिश्मा और दीपांशी ने बाजी मारकर जीता नकद पुरस्कार
शिक्षा में रचनात्मक गतिविधियों और शिक्षण से जुड़े खेलों की भूमिका अतुलनीय: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में एमए और बीए अंग्रेजी ऑनर्स के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने अंग्रेजी विभाग में स्थापित ‘लिटरेरी सोसाइटी’ के तत्वाधान में ब्रेन पॉवर प्रतियोगिता में भाग लिया और अपने सरनेम के प्रथम अक्षर से अनेकों अंग्रेजी के शब्दों का निर्माण करते हुए अपने शब्द ज्ञान को विस्तृत किया और साथ ही 400 रुपये का नकद पुरस्कार भी हासिल किया. इस अवसर पर सत्र 2023-24 के लिए सोसायटी के पदाधिकारियों का चयन भी किया गया जिसमे प्रधान रोहित बीए द्वितीय, सचिव महक बीए द्वितीय, उप-प्रधान मोहम्मद जब्रेल बीए प्रथम, सह-सचिव तन्नू बीए प्रथम और कोषाध्यक्ष साहिल बीए प्रथम चुने गए. ब्रेन पॉवर प्रतियोगिता में एमए अंग्रेजी की तनांशी, बीए ऑनर्स की शिवानी मलिक, करिश्मा और दीपांशी ने बाजी मारकर नकद पुरस्कार हासिल किये.
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने किया और कार्यक्रम की सूत्रधारप्रो अन्नू आहूजा विभागाध्यक्ष अंग्रेजी विभाग रही. उनके साथ अंग्रेजी विभाग से डॉ एसके वर्मा, डॉ संतोष कुमारी,डॉ मोनिका खुराना,प्रो वीरेंद्र गिल,प्रो डेनसन डी पॉल, प्रोसनी भुक्कर, प्रोमणि, प्रो दीप्ति शर्मा, प्रो सुरभि, प्रो प्रीती महला और प्रो मानवी ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई और प्रतियोगिता को संपन्न करवाया.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं हमारे व्यक्तित्व के सही विकास को प्रोत्साहित करती है बशर्ते हम इनमें गंभीरता और सकारात्मकता के साथ भाग लें. इस प्रकार के आयोजनों से न सिर्फ हम अपनी मौखिक अभिव्यक्ति में वृद्धि कर सकते हैं बल्कि ऐसे शिक्षण खेलों से हम अपनी शब्दावली, धारा प्रवाह और भाषा की स्पष्टता में सुधार कर सकते है.आपसी मेलजोल और समूह में काम करना समाजीकरण का सबसे सशक्त माध्यम है. खुद की अभिव्यक्ति का विकास और सुधार ऐसे आयोजनों के माध्यम से संभव है. हम अपने चरित्र की संवेदनाओं और भावनाओं को सटीकता के साथ व्यक्त करना ऐसी गतिविधियों के माध्यम से सीखते है. शिक्षा में रचनात्मक गतिविधियों और शिक्षण से जुड़े खेलों की भूमिका अतुलनीय है. इस प्रतियोगिता के माध्यम से न सिर्फ युवाओं के ज्ञान में वृद्धि हुई है बल्कि उनमें आत्मविश्वास के भाव का संचार भी हुआ है.अंग्रेजी भाषा और अंग्रेजी के शब्दकोश पर तैयार किये गए इस खेल का उद्देश्य सार्थक एवं प्रासंगिक शब्दों के भण्डार को छात्र-छात्राओं तक पहुंचाना था ताकि प्रतियोगी छात्र इनके अभ्यास द्वारा परीक्षाओं में भी इनका प्रयोग कर सकें.प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नेट, यूपीएससी आदि की परीक्षा में उनका भरपूर लाभ मिलता है. किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने से हमारी खुद की समझ भी व्यापक बनती है.
कार्यक्रम की संयोजक एवं अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो अन्नू आहूजा ने बताया कि ब्रेन पॉवर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पूरे जोश और जुनून के साथ हिस्सा लिया. कार्यक्रम की सफलता ने उन्हें भविष्य में भी ऐसे आयोजन करने को प्रोत्साहित किया है. छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को रोचक बना दिया. असल में शब्द पॉवर एवं शब्दावली एक प्रकार का संक्षिप्त मूल्यांकन भी हैं जिसकी मदद से हम यह जान सकते कि किसी व्यक्ति का भाषा विशेष में ज्ञान का स्तर कितना है और वह उस भाषा में कितना पारंगत है. जिस व्यक्ति के पास शब्दों की कमी नहीं होती है ऐसा व्यक्ति अपने भावों को सटीकता और सजीवता के साथ अभिव्यक्त कर सकता है.

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