समालखा स्थित (हरियाणा और्गेनिक स्प्रिट प्राइवेट लिमिटेड) शराब फैक्टरी से धोखाधड़ी से 15 टन कैटल फीड चोरी मामले में गिरोह का सरगना तीसरा आरोपी गिरफ्तार
BOL PANIPAT : 27 अक्तूबर 2023, थाना समालखा प्रभारी इंस्पेक्टर महीपाल सिंह ने बताया कि महेंद्रा प्रताप सिंह निवासी गाजियाबाद यूपी ने थाना समालखा में शिकायत देकर बताया था कि वह समालखा स्थित हरियाणा और्गेनिक स्प्रिट प्राइवेट लिमिटेड शराब फैक्टरी में डीजी के पद पर तैनात है। चुलकाना निवासी अनिल छोक्कर पुत्र बिशम्बर कंपनी में कैटल फीड का ठेकेदार है। 12 अगस्त की देर शाम 8:50 बजे अनिल साथी ड्राइवर उमेद, गेट सुपरवाइजर रविंद्र व ड्रायर इंचार्ज कृप्या शंकर के साथ मिली भगत करके कंपनी में अवैध तरिके से ट्रक को अंदर लेकर गए। 13 अगस्त को ट्रक में ड्रायर कृप्या शंकर ने 15 टन कैटल फीड मजदूरों से लोड करवाया। कंपनी में केवल आईएमएफएल से माल लोढ़ होता है। अनिल ने गेट सुपरवाइजर रविंद्र के साथ मिली भगत कर रात करीब 9:40 पर माल से लोढ ट्रक को बाहर निकाल लिया। सुपरवाइजर रविंद्र ने रिकार्ड में फर्जी गेट पास लगा दिया। 3 दिन बाद कंपनी को इस पूरे मामले की जानकारी ऑडिट के दौरान पता चली। जांच करने पर ऑफिस में रखी गेट पास बुक में से 297 नंबर की पर्ची गायब थी। उक्त गेट पास अनिल ने ऑफिस में रखी बुक से फाड कर ड्राइवर उमेद को दिया है। गेट सुपरवाइजर रविंद्र ने उक्त ट्रक की पुरानी वजन की पर्ची में तारिख व समय बदलकर रिकार्ड में अंकित कर दिया। इसके साथ ही सुरवाइजर रविंद्र ने ही फर्जी तरिके से गेट पास भरकर दिया है। गेट सुपरवाइजर रविंद्र से इस बारे पूछताछ की तो उसने उक्त धोखाधड़ी में शामिल होने बारे स्वीकारा। गेट सुपवाइजर रविंद्र ने बताया कि वह वेटब्रिज कप्यूटर का पासवर्ड जानता था। उसने ही दोबारा प्रिंट किए गए गेट पास की व्यवस्था की थी। यह सब करने के बाद ड्रायर इंचार्ज कृपा शंकर ने उसको ऑनलाइन 20 हजार रूपए दिए थे। आरोपियों ने मिली भगत करके धोखाधड़ी से कंपनी से 4 लाख 50 हजार रूपए कीमत का 15 टन कैटल फीड चोरी कर लिया। महेंद्रा प्रताप सिंह की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।
थाना इसराना प्रभारी इंस्पेक्टर महीपाल सिंह ने बताया कि थाना समालखा पुलिस ने मामले की जांच करते हुए गत दिनों नामजद आरोपी कृपा शंकर को पंजाब के भटिंडा से व रविंद्र को समालखा से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मामले में नामजद साथी आरोपी अनिल ठेकेदार के साथ मिलकर धोखाधड़ी से कंपनी से कैटल चोरी की उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा था। पूछताछ में आरोपी कृपा शंकर ने पुलिस को बताया था की इसके बदले ठेकेदार अनिल ने उसको 90 हजार रूपए खाते में आनलाइन ट्रांसफर किए थे। जिसमें से 20 हजार रूपए उसने साथी आरोपी रविंद्र को ट्रांसफर कर दिए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से बचे 45 हजार रूपए बरामद कर पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उन्हे न्यायिक हिरासत जेल भेजने के बाद आरोपी अनिल की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।
इंस्पेक्टर महीपाल सिंह ने बताया कि थाना समालखा पुलिस ने वीरवार को मिली गुप्त सूचना पर आरोपी अनिल को जीटी रोड पर 70 माइल स्टोन ढ़ाबा के नजदीक से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने मामले में नामजद साथी आरोपियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर फैक्टरी से कैटल फीड चोरी करने की वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। गहनता से पूछताछ करने के लिए पुलिस ने वीरवार को आरोपी को माननीय न्यायायल में पेश किया जहा से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया।

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