पारदर्शिता, बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारी प्राथमिकता: डीईओ राकेश बूरा
नए सत्र से पहले शिक्षा विभाग सख्त, निजी स्कूलों को कड़े निर्देश जारी
मनमानी पर लगेगा लगाम डीईओ राकेश बूरा ने पारदर्शिता और अनुशासन पर दिया जोर
एनसीईआरटी पुस्तकें अनिवार्य, फीस और एडमिशन नियमों में सख्ती
निजी स्कूलों की जवाबदेही तय, सुरक्षा से लेकर फीस तक हर बिंदु पर निगरानी
BOL PANIPAT , 27 मार्च । जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 को लेकर शिक्षा विभाग ने अपनी सख्ती बढ़ा दी है। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने पानीपत ब्लॉक के सभी निजी विद्यालयों के संचालकों और प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को आयोजित की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना रहा।
बैठक के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने निजी विद्यालयों के लिए कई स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए गए, जिनका पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
डीईओ बूरा ने बताया कि सबसे पहले सरकारी अवकाश को लेकर निर्देश दिए गए कि सभी निजी विद्यालय सरकारी छुट्टियों के दिन पूर्णतः बंद रहेंगे। किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में किताबों और कॉपियों की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी अभिभावक को एक ही दुकान से सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सभी विद्यालयों में केवल एनसीईआरटी की पुस्तकें ही लागू रहेंगी और निजी प्रकाशकों की पुस्तकों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
विद्यालयों को अपनी मान्यता के अनुसार ही कक्षाएं संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में लिया निर्णय के अनुसार आठवीं तक मान्यता प्राप्त स्कूल नौवीं और दसवीं कक्षाएं नहीं चला सकेंगे, जबकि दसवीं तक मान्यता प्राप्त विद्यालय ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षाएं संचालित नहीं करेंगे। इस व्यवस्था की निगरानी के लिए समय-समय पर उच्च अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा।
बैठक में फीस को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सभी निजी विद्यालयों को “फॉर्म-6” के अनुसार ही फीस लेनी होगी। संबंधित पोर्टल खुल चुका है और इसका पालन अनिवार्य कर दिया गया है।
विद्यालयों में सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भी सख्ती दिखाई गई है। सभी स्कूलों को हाइजीन, फायर सेफ्टी और बिल्डिंग सेफ्टी से जुड़े प्रमाण-पत्र अपडेट रखना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही स्कूल बसों में फर्स्ट एड, फायर एक्सटिंग्विशर जैसी सभी आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना और बसों की स्थिति दुरुस्त रखना जरूरी होगा।
डीईओ बूरा ने बताया कि
प्लेज मनी का पूरा विवरण प्रमाण सहित बीईओ के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी विद्यालयों को अपना स्टाफ स्टेटमेंट भी जमा करना अनिवार्य किया गया है।
विद्यार्थियों को स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र (एसएलसी) बिना किसी देरी के जारी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डिजास्टर मैनेजमेंट से संबंधित प्रोफार्मा भी तुरंत जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय को स्कूल सेफ्टी रिपोर्ट तिमाही आधार पर बीईओ के माध्यम से जमा करनी होगी।
आरटीई नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया गया कि नियम 18 के तहत बच्चों को शारीरिक दंड देना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
विद्यालयों में “प्रहरी क्लब” का गठन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य बच्चों को नशे से दूर रखना और उन्हें जागरूक बनाना होगा। साथ ही चिराग योजना और आरटीई के अंतर्गत आने वाली सीटों की कक्षा-वार जानकारी विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।
इसके अतिरिक्त सभी विद्यालयों में पॉक्सो कमेटी, पोश/आंतरिक शिकायत समिति और अन्य आवश्यक समितियों का गठन भी अनिवार्य किया गया है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की शिकायतों और सुझावों के लिए प्रत्येक विद्यालय में सुझाव पेटी लगाई जाएगी।
बैठक में उपस्थित सभी निजी विद्यालय संचालकों ने इन निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर संदीप रत्तेवाल, जिला समन्वयक, दिनेश असिस्टेंट, मोनू (बीईओ कार्यालय पानीपत) तथा संदीप कुमार (ऊझा स्कूल) भी उपस्थित रहे।
विदित रहे कि शिक्षा विभाग की यह पहल नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निजी विद्यालयों को निर्धारित मानकों के अनुसार ही कार्य करना होगा। पारदर्शिता, बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारी प्राथमिकता है। यदि किसी विद्यालय द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अभिभावकों और विद्यार्थियों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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