Thursday, April 30, 2026
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“आपरेशन स्माइल” अभियान के तहत पानीपत पुलिस ने 124 गुमशुदा बच्चों व वयस्कों की तलाश करके परिजनों से मिलवाया.

By LALIT SHARMA , in Crime in Panipat , at May 1, 2023 Tags: , , , , ,

अभियान के आखिरी हफ्ते के दौरान 40 गुमशुदा बच्चों व वयस्कों को किया उनके परिजनों के हवाले.

BOL PANIPAT : 01 मई 2023, पानीपत, पुलिस महानिदेशक हरियाणा प्रशांत कुमार अग्रवाल के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राज्य अपराध ब्यूरो ओपी सिंह के निर्देशन में दिनांक 01 अप्रैल 2023 से 30 अप्रैल 2023 तक जिला पानीपत सहित पूरे प्रदेश में गुमशुदा बच्चों व वयस्कों की तलाश करने व उनको उनके परिजनों से मिलवाने हेतु एक स्पेशल अभियान “आपरेशन स्माइल” चलाया गया था। पुलिस अधीक्षक पानीपत अजीत सिंह शेखावत के कुशल मार्गदर्शन में कार्य करते हुए पानीपत पुलिस द्वारा भी अभियान को सफल बनाने के लिए अभियान के दौरान पूरे जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से लापता हुए 43 बच्चों व 81 वयस्क महिला व पुरूषों की तलाश करके उनके परिजनों के हवाले किया गया है। इस अभियान के दौरान पानीपत पुलिस द्वारा लापता हुए बच्चों को तलाश करके बाल कल्याण समिति के सम्मुख पेश करके काउंसलिंग करवाई गई और उनके परिजनों के हवाले किया गया। साथ ही गुमशुदा वयस्कों को खोजकर उनके ब्यान अंकित कराए गए और उनको भी उनके परिजनों को सौंपा गया।

इसके साथ ही बाल मजदूरी कर रहे 21 बच्चों को रेस्क्यू कर परिजनों व बच्चों की बाल कल्याण समिति के समुख काउंसलिंग करवाई। काउंसलिग उपरांत बच्चों को परिजनों के हवाले करते हुए उन्हे स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।

पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा व उनके भविष्य के मध्यनजर उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार पानीपत पुलिस द्वारा आपरेशन स्माइल चलाया गया। इस दौरान पानीपत पुलिस की टीमों ने 124 बच्चों व वयस्क लोगों को खोजकर उनकों स्वजनों से मिलवाने का बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। किसी भी कारण से किसी परिवार का बच्चा या वयस्क व्यक्ति उनसे बिछड़ जाता है तो इस प्रकार के अभियानों के तहत गुमशुदा बच्चों व वयस्क लोगों की तलाश करके उनके परिवारों को खुशी लौटाई जाती है। इसके अलावा जो बच्चे अनाथ हैं या उनके माता-पिता के बारे में कोई जानकारी नही है, तो ऐसे बच्चों के परिजनों के बारे पता लगाने का प्रयास किया जाता है। अन्यथा ऐसे बच्चों को बाल गृह (सेल्टर होम) में भेज दिया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह एक सराहनीय कार्य है। इसके तहत हमें किसी परिवार को उनकी खुशियां लौटाने का अवसर मिलता है।

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