प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली राशि अब तीन की बजाय दो किश्तों में दी जाएगी.
BOL PANIPAT : 28 जून। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ मुंजपारा महेंद्र भाई ने विगत 8 वर्षों की विभाग की उपलब्धियों समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली राशि अब तीन की बजाय दो किश्तों में दी जाएगी। यही नहीं यदि महिला को दूसरी संतान बेटी होती है तो उसे 6 हजार रूपये भी उक्त बेटी के पैदा होने पर दिए जाएंगे। पानीपत में मंगलवार को आयोजित सब जोनल बैठक में उन्होंने कहा कि विगत 8 वर्षाे में जिस तरह से महिलाओं, बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, उनके सशक्तिकरण, पोषण इत्यादि विषयों से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से लोगों को लाभ मिला है, उससे इनका जीवन सार्थक भी हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिन चुनौतियों के साथ छोटे-छोटे विषयों पर महिलाओं और बच्चों को सशक्त करने के लिए योजनाएं बनाई वे योजनाएं अपने आप में ऐतिहासिक हैं। चाहे शादी की उम्र लडक़ों की उम्र के समान 21 साल करना हो, पीएम मुद्रा योजना, स्टार्टअप, पीएम जनआरोग्य योजना इत्यादि से महिलाओं को बल मिला है। उन्होंने हरियाणवी अंदाज में कहा कि छोरियां छोरों से कम नहीं। उन्होंने बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना से लेकर पोषण अभियान, सक्षम आंगनबाड़ी, मिशन शक्ति स्कीम, मिशन वात्सल्य और बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजनाओं ने नया विस्तार दिया है। इन योजनाओं को और आगे तक ले जाने के लिए इस तरह की बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि विशेषज्ञों से सलाह लेकर इन योजनाओं पर काम किया जाए और नई योजनाएं तैयार की जाएं।

देश में 2245 वन स्टॉप सेंटर
महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ मुंजपारा महेंद्र भाई ने कहा कि आज पूरे देश में 2245 बाल देखरेख संस्थान चलाए जा रहे हैं यही नहीं 781 वन स्टॉप सेंटर पूरे देश में चल रहे हैं। विदेशों में भी भारत की महिलाओं को सशक्त करने के लिए 10 वन स्टॉप सेंटर खोले गए हैं जिनमें और इजाफा किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाई गई योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मनोहरलाल की खुले मन से प्रशंसा की और कहा कि हरियाणा सरकार हर क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रही है।
बैठक में सांसद संजय भाटिया ने कहा कि पानीपत एक ऐतिहासिक शहर है जहां पर तीन लड़ाईयां लड़ी गईं। चौथी लड़ाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ के रूप में सबको साथ लेकर लड़ी और जिसको दृढ शक्ति के साथ मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सार्थक परिणाम दिए। उन्होंने कहा कि राजनैतिक, सामाजिक और प्रशासनिक तालमेल के साथ इस योजना से कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अलख जगी और सख्ती के साथ-साथ जागरूकता ने भी लोगों के मन में लड़कियों के प्रति इज्जत बनाई। जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पूरे देश में शौचालय बनाने पर जोर दिया, लाभार्थियों के खातों में योजना का सीधा लाभ दिया, तीन तलाक कानून को खत्म किया, खेलों को बढ़ावा दिया उससे महिलाओं में आत्मबल पैदा हुआ और वे स्वावलम्बी बनी।

राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं को सशक्त करने और बच्चों की परवरिश करने में जिस तरह से आगे आ रहा है उससे देश की तरक्की में इस विभाग का योगदान किसी से भी छिपा नही है। विभाग की अच्छी कार्यशैली के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बनाई गई नीतियों का लाभ आज लाभार्थियों को धरातल पर हो रहा है। वंचित लोगों के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय द्वारा दिखाए गए रास्ते और उनके द्वारा दिए गए अंत्योदय के मूल मंत्र से ये योजनाएं कारगर साबित हो रही है। कृष्णलाल पंवार ने कहा कि इसराना विधानसभा में उरलाना कलां और उरलाना खुर्द दो ऐसे गांव हैं जहां लिंगानुपात एक हजार और 972 है। यह सब लोगों में जागरूकता का ही परिणाम है।
पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का धन्यवाद देते हुए कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश को बहुत बड़ा फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सांसदों और विधायकों की बैठक में योजनाओं के माध्यम से सेवा करने का जो मूल मंत्र दिया था। ये योजनाएं उसमें सही फिट बैठती हैं क्योंकि इन योजनाओं को सेवा भावनाओं से ही बनाया गया है।
योजनाओं का विस्तार 25 साल की सोच से करना होगा
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डॉ. इन्दीवर पाण्डें ने 8 वर्षो की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि हमें योजनाओं का विस्तार 21वीं सदी को देखते हुए करना होगा। इन योजनाओं के लिए हमें आगामी 25 साल तक के लिए विस्तार करना होगा। हर विभाग समन्वय स्थापित कर इसमें काम करेगा। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति, मिशन वात्सालय, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, जे.जे. एक्ट इत्यादि में जोर-शोर से काम किया जा रहा है। बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना जोकि 100 शहरों में शुरु की गई थी, यह 640 जिलों में चलाई जा रही है। जब यह योजना पानीपत से शुरू की गई तब उस समय पानीपत का लिंगानुपात 901 और हरियाणा का 876 था। इन योजनाओं के कारण ही वर्तमान में पानीपत का लिंगानुपात 940 और हरियाणा का 927 है।
मातृत्व वंदना में 78 लाख को दिया जा रहा है लाभ
डॉ. इन्दीवर पाण्डे ने कहा कि वे जब भी किसी सडक़ पर वाहन से जाते वक्त ट्रकों और गाडिय़ों के पीछे बेटी बचाओ-बेटी पढाओ लिखा हुआ देखते हैं तो उन्हें अदभुत एहसास होता है और इसी से ये भी अहसास होता है कि उस वाहन का कहीं ना कहीं हरियाणा से भी ताल्लुक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 2 करोड़ 78 लाख लाभार्थियों को लाभ दिया जा रहा है। भविष्य में इस योजना को बढ़ाया जा रहा है। वन स्टॉप सेंटर से घरेलु हिंसा के मामले सुलझे हैं। यह योजना एनआरआई के लिए भी विदेशों में शुरु की जा रही है। देश के हर प्रांत में आज वन स्टॉप सेंटर खोले जा चुके हैं। वुमैन हैल्प लाईन के माध्यम से अब तक करीब 70 लाख कॉल्स अटैण्ड की जा चुकी है। निर्भया योजना के तहत 726 फास्ट कोर्ट में 96 हजार 736 केस डिस्पोज किए गए हैं। 64 नए वर्किंग वुमैन हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं जिन पर 153.67 करोड़ रूपये खर्च आएगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित हरियाणा, पंजाब, चण्डीगढ और हिमाचल के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों से अपील की कि वे उक्त होस्टल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करें। भारत सरकार की ओर से उन्हें सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मिशन वात्सल्य के तहत पोक्सो एक्ट, जे.जे. एक्ट को सशक्त बनाने के लिए जिलाधीश को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यही नहीं बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया भी सरल की गई है।
डॉ. इन्दीवर पाण्डे ने बताया कि पीएम केयर फॉर चाईल्ड योजना के तहत 4 हजार 345 पात्र बच्चों को लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए पूरे देश के 557 जिलों में से 9 हजार 20 आवेदन आए थे। इन सभी बच्चों का पूरा डाटा पोर्टल पर तैयार किया गया है। इनके पालन पोषण की जिम्मेदारी सरकार द्वारा वहन की जा रही है। यह योजना उन बच्चों के लिए वरदान साबित हुई है जिन्होंने कोरोनाकाल में अपने माता-पिता को खोया है। उन्होंने बताया कि ट्रेक चाईल्ड पोर्टल को पुलिस के साथ जोड़ा जाएगा ताकि खोया-पाया योजना के तहत डाटा अलग ना हो। उन्होंने पोषण अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि अगले एक से दो साल में इसे जनआंदोलन का रूप देकर इसमें और काम किया जाएगा। वर्ष 2024 इसके लिए लक्ष्य रखा गया है। सभी राज्य इस पर मिलकर काम करेंगे और 2024 तक हर आंगनबाड़ी में शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हर हाल में की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा की निदेशक हेमा शर्मा ने बैठक में आए सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यो और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
बैठक के अंत में उपायुक्त सुशील सारवान ने जिला प्रशासन की ओर से सभी का धन्यवाद करते हुए महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, सचिव व अन्य सभी जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि केन्द्र सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं को प्रदेश सरकार पहले से ही संवेदनशील रूप से सिरे चढ़ाती आ रही है। इसे और संवेदनशीलता के साथ भविष्य में जिला में लागू करवाया जाएगा। इस मौके पर हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनु भाटिया, महिला विकास निगम की चेयरपर्सन बबीता फोगाट, मेयर अवनीत कौर, हिमाचल प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक रूपाली ठाकुर, चण्डीगढ़ महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक निकिता परमार, एसपी शशांक कुमार सावन, एडीसी वीना हुड्डा, एसडीएम वीरेन्द्र ढुल, सीटीएम राजेश सोनी, अतिरिक्त सीईओ जिला परिषद राजेन्द्र मलिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी राजबाला, जुबेनाईल जस्टिस बोर्ड की सदस्य मालती अरोड़ा इत्यादि उपस्थित रहे।

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