एसडीपीजी कॉलेज पानीपत में नौवें दो दिवसीय राज्य स्तरीय “वसंतोत्सव 2023- पुष्प प्रदर्शनी एवं पुष्प प्रतियोगिता” का शानदार आगाज़
रोशन लाल मित्तल, संरक्षक एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) पानीपत ने किया उदघाटन
कश्मीर के दुर्लभ ट्यूलिप के फूल है मुख्य आकर्षण का केंद्र
- स्वच्छ, संतुलित पर्यावरण प्रकृति की सर्वोच्च स्वाभाविक चिकित्सीय व्यवस्था
- फूलव प्रकृति मनुष्य के जीवन में सदभावना और सह अस्तित्व की प्रेरणा बने
- रोशन लाल मित्तल, संरक्षक श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.)
BOL PANIPAT, 20 फरवरी: एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में नौवें दो दिवसीय राज्य स्तरीय “वसंतोत्सव 2023: पुष्प प्रदर्शिनी एवं पुष्प प्रतियोगिता” का भव्य आयोजन प्रारम्भ हुआ जिसका उदघाटन मुख्यातिथि श्रीएसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) पानीपत के संरक्षक रोशन लाल मित्तल ने किया. उनके साथ विशिष्ट मेहमानों में सतीशचंद्रा चेयरमैनएसडीवीएमहुडा, नरेश गोयल सेक्रेटरी एसडीवीएम हुडा,रघुनन्दन गुप्ता चेयरमैन एसडीवीएम सिटी, पवनगर्ग चेयरमैन एसडी इंटरनेशनल स्कूल,अनूपकुमार प्रधान एसडी एजुकेशन सोसाइटी, दिनेश गोयल सेक्रेटरी, विनीता तोमर प्राचार्य दयाल सिंह पब्लिक स्कूल,शिवानी प्राचार्य एसडीवीएम सिटी और समाजसेवी महेश थरेजा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई. माननीय मेहमानों का स्वागत प्रधान पवन गोयल, उप-प्रधान मनोज सिंगला, जनरल सेक्रेटरी तुलसी सिंगला, कोषाध्यक्ष विकुल बिंदल और प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने पौधा रोपित गमला भेंट कर किया. दो दिवसीय आयोजन के संयोजक वनस्पति शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ रवि कुमार है. आयोजन में डॉ प्रियंका चांदना,डॉ राहुल जैन,डॉ प्रवीण कुमारी,प्रो काजल, प्रो नम्रता, प्रो तन्नु मेहता और प्रो इंदु पुनिया का सहयोग है. पौधों की देखभाल और सजावट का जिम्मा माली नगीना साहनी औरमाली विष्णु के पास रहा.
विदित रहे कि कॉलेज में यह प्रदर्शनी लगातार नौवीं बार आयोजित की जा रही है और इस बार का थीम “स्वच्छ, संतुलित और तंदुरस्त प्रकृति” से जोड़कर पेश किया गया है.“वसंतोत्सव पुष्प प्रदर्शिनी” में हरियाणा प्रदेश के स्कूल, कॉलेज, संस्थान, नर्सरी के माली और आमजन भाग ले रहे है. आईओसीएल इस बार भी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र है. पुष्प प्रदर्शनी में विभिन्न प्रतियोगितायो की 51 अलग-अलग केटेगरी में पुरस्कार दिए जायेंगे. प्रतियोगिता में भाग लेने का कोई शुल्क नहीं है. वसंतोत्सव पुष्प प्रदर्शिनी आमजन के लिए दोनों दिन प्रात 10 बजे से सांय 5 बजे तक खुला रहेगा. कल इस समारोह का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा.

मुख्यातिथि रोशन लाल मित्तल ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को अपने युवाओ का ध्यान मालियो की तरह रखना चाहिए और इन्हें सही मार्ग दिखाकर फूलों की तरह खिलने का भरपूर मौका देना चाहिए.अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो देश के युवा कर्णधार खिलने से पहले ही मुरझा जायेंगे. उन्होनें कहा कि फूल प्रकृति की सबसे प्यारी देन हैं. फूल बहुत ही सुंदर एवं कोमल होते हैं और इनको देखने मात्र से व्यक्ति का मन प्रफुल्लित हो जाता है. फूल व्यक्ति के मनोभाव पर बहुत ही गहरा प्रभाव डालते हैं. इनमें व्याप्त कोमलता का भाव हमें सबके साथ कोमलता पूर्ण व्यवहार करने की प्रेरणा देता है. हमारे जीवन में फूलों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका भावनाओं के वाहक के रूप में है. कुछ विशिष्ट भावनाएं और अर्थ विशेष प्रकार के फूलों से जुड़े होते है. प्यार, खुशी, कृतज्ञता या दुःख की अलग-अलग भावनाओं को व्यक्त करने के लिए फूल हमारी मदद करते है. फूलों में हमारे मूड को बदलने और प्रभावित करने की क्षमता होती है.
सतीश चंद्रा चेयरमैन एसडीवीएम हुडा ने कहा कि आज के दौर में जब मनुष्य प्रकृति के गैर-जिम्मेदाराना दोहन में लगा हुआ है तो इसके भयंकर दुष्परिणाम हम सबके सामने आ रहे है. पर्यावरण हमारे लिए एक चुनौती बन गया है.पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ाना हमारी प्राथमिकता होना चाहिए और इस तरह के आयोजन अगर हम वर्ष भर अपने जीवन में अपनाए तो समाज में बदलाव निश्चित आएगा और हमारा पर्यावरण भी तंदुरस्त बनेगा. इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं में प्रेरणा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और स्नेह के भाव पैदा होते है. फूल व प्रकृति मनुष्य के जीवन में सदभावना और सह अस्तित्व की प्रेरणा बने यही उनकी कामना है.
पवन गर्ग चेयरमैन एसडी इंटरनेशनल स्कूल ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य हमारे युवाओं को फूलों के माध्यम से खुद के और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है. यह आयोजन तभी सफल माना जाएगा जब हर एक युवा यह शपथ उठाएगा की वह आलस्य को छोड़कर अपने जीवन में फूलों की तरह महकेगा और समाज एवं देश की प्रगति के साथ-साथ धरती और पर्यावरण का भी ईमानदारी से ख्याल रखेगा. बहुरंगी फूलों का पारस्परिक सौन्दर्य बहुरंगी समाज का प्रेरक बने यही सन्देश ये फूल हमें दे रहे है.
दिनेश गोयल सेक्रेटरी श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी (रजि.) पानीपत ने कहा कि जहां पूरी दुनिया प्रदूषण जैसी जटिल समस्या से लड़ने के उपाय ढूंढ रही हैं वहीं हम अपनी दिनचर्या में थोड़ी सी सावधानी या बदलाव लाकर पर्यावरण को बचाने में बड़ा योगदान कर सकते हैं. इसके लिए हमें ज्यादा कुछ करने की ज़रुरत नहीं है बल्कि केवल अपने घरों में और घर से बाहर पेड़-पौधों को लगाना और बचाना भर है.

पवन गोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज ने कहा कि युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें सच्चा मार्ग प्रशस्त करने में फूलों का कोई सानीनहीं है. उन्हें उम्मीद है की हर युवा इस प्रदर्शनी से कुछ न कुछ सीखकर अवश्य जाएगा. हर युवा जब ध्यान से देखेगा तो खुद महसूस करेगा कि फूल उनसे कुछ कह रहा है, उनसे बात कर रहा है. हर फूल उन्हें यही कहता प्रतीत होगा की दुर्व्यसन छोड़ कर एवं नेक राह पर चल कर युवा समाज और देश में अच्छाई और आदर्शता की महक फैला सकते है.
विनीता तोमर प्राचार्य दयाल सिंह पब्लिक स्कूल ने कि इस पुष्प-प्रदर्शनी का एक-एक फूल एक-एक युवा का प्रतीक है जो आज शराब और दवाइयों के नशे में खुद को बर्बाद कर रहा है. जैसे हम अपने पेड़-पोधों और फूलों की चिंता करते है वैसे ही हमें अपने युवाओं की भी चिंता करनी पड़ेगी.
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने वसंतोत्सव के प्रारूप के बारे में बताते हुआ कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धा में कुल 700 से अधिक प्रतिभागियों तथा 15 से अधिक संस्थानों ने वसंतोत्सव में अपने शौक-ए-गुल को प्रदर्शित किया तथा 3285 से ज्यादा पुष्प युक्त गमले रखे. इस प्रदर्शनी में ख़ास आकर्षण आईओसीएल की फूलों से सज्जित कश्ती, रंग-बिरंगा सेल्फी पॉइंट और दुर्लभ ट्यूलिप के फूल है. वसंतोत्सव में फूलों की 100 से अधिक किस्में प्रदर्शित की गई है जिनमें पेटूनिया, गुलाब, कोरनेशन, डाईएन्थस, केक्टस, सेज, फोलीएज, जिरेनियम, एनिमोंन, रेननकुलस, डेलिया, गुलदावदी, साइकलामेन, कल्सुलेरिया, पेन्सी इत्यादि शामिल है और इन सभी में ईनाम दिया जाएगा. दुर्लभ प्रकार की प्रजातियाँ जैसे ओर्चिड्स, लिलियम, केसर, आइरिस, लिली, कमंडल के फल भी आकर्षण का केंद्र है. प्रदर्शनी में 50 से अधिक कटेगरी में इनाम दिये जायेंगे जिनमें नकद पुरस्कार, शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र शामिल है. मालियों को विशेष तौर पर नकद इनाम से नवाजा जाएगा. सेल्फी पॉइंट्स पर ली गई ‘सेल्फी विद फ्लावर्स’ प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया जाएगा. व्यक्तिगत और संस्थानों को अलग-अलग श्रेणियों में ईनाम दिए जायेंगे. समस्त पानीपत के प्रकृति प्रेमियों का आह्वान करते हुए उन्होनें कहा कि वे अपने परिवार समेत 21 फरवरी को इस पुष्प प्रदर्शनी में कॉलेज प्रांगण में पधारे और कॉलेज को कृतार्थ करे.
इस अवसर पर कॉलेज के स्टाफ सदस्य डॉ संगीता गुप्ता, प्रो मुकेश गुप्ता,प्रो प्रवीन खेरडे,डॉ मुकेश पूनिया, डॉ एसके वर्मा,डॉ राकेश गर्ग, डॉ दीपा वर्मा, डॉ प्रियंका चांदना, डॉ रवि कुमार, डॉ राहुल जैन, डॉ दीपिका अरोड़ा मदान,डॉ प्रवीण कुमारी,दीपक मित्तल, माली नगीना साहनी, माली विष्णु आदि मौजूद रहे.

Comments