चेतना परिवार ट्रस्ट द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त बेटियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए
BOL PANIPAT : 1 नवम्बर, 2022ः चेतना परिवार ट्रस्ट द्वारा संचालित निःशुल्क सिलाई सैंटर, ब्यूटी पार्लर सैंटर एवं कम्प्यूटर सैंटर में प्रशिक्षण प्राप्त बेटियों को प्रमाण पत्र वितरित करने के कार्यक्रम का आयोजन खादी आश्रम, जी.टी. रोड, पानीपत के प्रांगण में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय हरिओम तायल, चेयरमैन, पाईट कालेज, समालखा एवं प्रसिद्ध समाज सेवी द्वारा की गई। इस कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डा. बी.के. गुप्ता, आंखों के प्रसि˜ चिकित्सक एवं समाज सेवी रहे।
सर्वप्रथम कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री हरिओम तायल का दीपचन्द निर्मोही व निर्मल दत्त एवं विशिष्ट अतिथि डा. बी.के. गुप्ता का रेखा बजाज व बलराज एलाबादी द्वारा पुष्प गुच्छों से स्वागत किया गया।
चेतना परिवार ट्रस्ट की प्रबंध-न्यासी निर्मल दत्त ने अपने स्वागत व्यक्तव्य में कहा कि चेतना परिवार एक ऐसा ट्रस्ट है जो वंचित, अति-पिछड़े, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चांे, बेटियों, महिलाओं की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं सर्वांगीण विकास के लिए प्रयत्नशील रहता है। समाज के एक समान विचारों एवं समर्पित दृष्टिकोण वाले सहयोगियों की निरंतर एवं स्वेच्छा से दिए गए सहयोग से हम यह सब कर पाते हैं। सरकार से किसी प्रकार की ग्रांट या मदद नहीं ली जाती है। उन्होंने आगे बोलते हुए हुए कहा कि महिलायें शक्ति स्वरूपा हैं और गृहस्थ जीवन की धुरी हैं। वे अपने परिवार में बेटों और बेटियों को बराबर का अधिकार दें। बेटियों को अवश्य पढ़ायें ताकि वे आत्म निर्भर बन सकें। शिक्षा हमें जिंदगी जीने का सलीखा सिखाती है। पढ़ी लिखी बेटियां समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सकती हैं तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भरता के साथ-2 अपने परिवार को भी आर्थिक सहयोग प्रदान कर सकती हैं। समाज की प्रगति में पूरा योगदान दे सकती हैं। बेटियों में किसी भी स्तर पर कार्यक्षमता बेटों से कम नहीं होती।
कार्यकारिणी की अध्यक्षा रेखा बजाज द्वारा चेतना परिवार ट्रस्ट की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि ट्रस्ट की स्थापना के पीछे श्रीमती कमला आर्य की सामाजिक सोच एवं प्रेरणा है। श्री दीपचन्द्र निर्मोही जी इस ट्रस्ट के प्राण कहे जाते हैं। निरंतर अपनी साईकल पर ट्रस्ट के सुचारू रूप से प्रबंधन में लगे रहते हैं, सभी को जोड़कर रखते है। स्वयंसेविकाओं का भी इस कार्य में भरपूर सहयोग रहता है। उन्होंने आगे बताया कि ट्रस्ट द्वारा इस समय 88 प्रशिक्षण केन्द्र चलाए जा रहे हैं (बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल 59, सिलाई केन्द्र 18, ब्युटी पार्लर 4, कम्प्यूटर केन्द्र 1, महिलाओं के लिए प्रौड शिक्षा केन्द्र 6), इन प्रशिक्षण केन्द्रांे में बेटियों को सिलाई, कढ़ाई कार्य के साथ-2 ब्यूटी पार्लर एवं कम्प्यूटर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर प्रशिक्षित बेटियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
विशिष्ठ अतिथि डा. बी.के. गुप्ता ने अपने उद्बोधन में बताया कि लड़कियां निःसंदेह हमारे समाज का एक अनिवार्य हिस्सा है। बेटियों के सम्मान के बिना कोई भी समाज या संस्कृति आगे नहीं बढ़ सकती। कुछ साल पहले तक लोग सोचते थे कि लड़कियों का घर पर रहना चाहिए लेकिन अब मानसिकता बदल चुकी है। देश में अब लड़कियां अपने माता-पिता का नाम रोशन कर रही हैं और वे शिक्षा, खेल, राजनीति आदि जैसे हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह केवल बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के माध्यम से ही सम्भव हो सकता है। चेतना परिवार ट्रस्ट द्वारा बेटियों का जीवन संवारने के लिए एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए जो कार्य किया जा रहा है, इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दी गई। कुछ बेटियों को उन्होंने उपहार देकर प्रोत्साहित भी किया। उनके द्वारा ग्यारह हजार रूपये का दान दिया गया।
चेेतना परिवार के ट्रस्ट वरिष्ठ न्यासी दीपचन्द्र निर्मोही ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि हर एक बच्चे का यह अधिकार है कि उसे शिक्षा मिले। अगर उनके माता-पिता की स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपने बच्चों को शिक्षा दिला सके तो ऐसे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में मदद करना हम सबका पुनीत कत्र्तव्य है। गरीब परिवार की बेटियों को शिक्षित कर उनको आत्मनिर्भर एवं चरित्रवान बनाना सही मायने में देश सेवा है।
अपने अध्यक्षीय उदबोधन में हरिओम तायल ने बताया कि मानव जीवन में कुछ ऐसी आवश्यकतायें हैं कि जिनके बिना वह जीवित नहीं रह सकता है। उन्हीं आवश्यकताआंे में एक है ‘‘शिक्षा’’। शिक्षा हर राष्ट्र के लिए विकास और सशक्तिकरण का आधार हैं। शिक्षा आज की दुनियां की दैनिक गतिविधियों को समझने और भाग लेने मे एक महत्वपूर्ण जरिया है। यह एक सुदृढ़ चरित्र का निर्माण करती है। शिक्षा का यदि सही ज्ञान हो तो समाज में व्याप्क समस्यायें जैसे भ्रष्टाचार, बेरोजगारी आदि दूर हो सकती है। उन्होंने भविष्य में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बेटियों के लिए ग्यारह हजार रूपये का दान दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा कुल 148 बेटियों को, जिसमें 110 सिलाई एवं 38 ब्यूटी पार्लर के प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा सभी केन्द्रों से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली बेटियों एवं उनकी अध्यापिकाओं को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सिलाई कोर्स में प्रथम आरती, द्वितीय उपासना, तृतीया प्रवेश रही। पार्लर में प्रथम आरती, द्वितीय उपासना, तृतीय पूजा रहे। उत्तम परिणाम देने वाली अध्यापिकाओं सुमन देवी को पार्लर एवं सिलाई केन्द्र में प्रथम, द्वितीय स्थान पर रहने के लिए ट्राफियां भेंट की गई। मंजुपूरी का तृतीय स्थान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 180 बेटियों ने भागीदारी की।

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