सतर्कता व जागरूकता साइबर क्राइम से बचने का बेहतर उपाय.
साइबर क्राइम जागरूकता माह के तहत जिला पुलिस की टीमों ने एक साथ विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को साइबर क्राइम के विरूद्ध जानकारी देकर किया जागरूक
BOL PANIPAT : 19 अक्तूबर 2022, साइबर क्राइम जागरूकता माह अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन के मार्गदर्शन में जिला पुलिस की टीमें प्रतिदिन अनेक प्रकार से लोगों को साइबर अपराध के प्रकार व बचाव बारे जागरूक कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को विशेष रूप से एक साथ विभिन्न कालेजों, सार्वजनिक स्थानों, फैक्टरियों, बाजार, मॉल इत्यादी स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर आमजन व छात्र/छात्राओं को साइबर क्राइम के बारे विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया।
उप पुलिस अधीक्षक संदीप ने बताया इस दौरान पुलिस की टीमों द्वारा साइबर अपराध के प्रकार, साइबर अपराध के नुकसान, साइबर अपराध से बचने के लिए महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखने व साइबर अपराध होने की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्प लाइन नंबर 1930 व राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करने की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों द्वारा बताया गया की किस प्रकार हम ऑनलाइन व ऑफलाइन वितिय लेनदेन करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतकर अपने आप को धोखाधड़ी से बचा सकते है।
थाना शहर की टीम ने फ्लाई ओवर पुल के नीचे, थाना तहसील कैंप की टीम ने भावना चौक पर, थाना चांदनी बाग की टीम ने मित्तल मैगा माल में, थाना पुराना औद्योगिक की टीम ने इंडस्ट्रीयल ऐरियां में स्थित फैक्ट्रियों में, थाना किला की टीम ने अमर भवन चोक के पास, थाना सैक्टर 13/17 की टीम ने 13/17 में हेलीपेड के पास, थाना सदर की टीम ने रिफाइनरी में, थाना बाबरपुर ट्रैफिक की टीम ने टोल प्लाजा पर, थाना बापौली की टीम ने अनांज मंडी बापौली में, थाना औद्योगिक सैक्टर 29 की टीम ने ऐरियां में स्थित फैक्टरियों में, थाना सनौली की टीम ने सनौली नाका पर, थाना मतलौडा की टीम ने अनांज मंडी मतलौडा में, थाना समालखा की टीम ने समालखा फ्लाई ओवर पुल के नीचे, थाना माडल टाउन की टीम ने लाल टंटी के पास कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को साइबर क्राइम के विरूध जानकारी देकर जागरूक किया। वही महिला थाना की टीम ने सैक्टर 18 में स्थित गवर्नमेंट कॉलेज व थाना इसराना की टीम ने नोल्था स्थित गीता युनिनर्सिटी में छात्र व छात्राओं को जानकारी देकर जागरूक किया।
तकनीक के इस युग में जितनी तेजी से डिजिटल लेन देन को बढ़ावा मिला है उतनी ही तेजी से ठगी के नए-नए तरिके सामने आ रहे हैं। खुद को ठगों से बचाने के लिए सबसे जरूरी जागरूकता व सतर्कता है। किसी भी अज्ञात नंबर से प्राप्त हुए लिंक को ना खोले और किसी भी फोन कॉल, संदेश, ईमेल इत्यादि पर दिए गए प्रलोभन या विश्वास में आकर अपनी कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ सांझा ना करे। सहायता करने के नाम पर यदि कोई बैंक, बिजली निगम, टेलीफोन एक्सचेंज, आयकर इत्यादी किसी भी विभाग का कर्मचारी बताकर आपसे कोई जानकारी मांगता है तो अपनी कोई भी जानकारी ना दें। साइबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का बेहतर उपाय है। अपने सगे संबंधी व साथियों को भी जानकारी देकर जागरूक करें।
साइबर अपराध का शिकार होने पर यहां करें शिकायत :
इन तमाम सावधानियों के बावजूद अगर आप साइबर अपराध के शिकार हो जाते हैं। तो तत्काल साइबर क्राइम टोल फ्री क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 या डायल 112 पर इसकी शिकायत करें या भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से जिसका URL- https://cybercrime.gov.in है पर शिकायत करें। नजदीकी थाने में साइबर हेल्प डेस्क या साइबर क्राइम थाना पर भी शिकायत कर सकते हैं। वारदात घटीत होते ही तत्काल शिकायत करने पर ठगी की गई धनराशि वापस हो सकती है।

Comments