पीकेजी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट विषय पर वेबिनार का आयोजन
BOL PANIPAT : पीकेजी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मतलोडा के द्वारा “वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के क्षेत्र में उद्यमिता के अवसर” विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया था। इस वेबिनार में विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे गंदे पानी को साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है और इस सेक्टर में स्टार्टअप्स के लिए बड़े मौके हैं।उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने और उद्यमशील बनाने के लिए – कौशल विकास और उद्यमिता ईडीसी के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
प्रोफेसर अमृत पाल तूर, पंजाब विश्वविद्यालय एवम डॉ. राकेश पूनिया, उद्योग विशेषज्ञ वक्ताओं ने डीसेंट्रलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लांट, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक और IoT आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे नए समाधानों पर चर्चा की। बताया गया कि भारत में हर दिन 72,000 मिलियन लीटर गंदा पानी निकलता है, लेकिन सिर्फ 28% ही ट्रीट होता है। ऐसे में कम लागत वाली तकनीक और रीसाइक्लिंग मॉडल से उद्यमी अच्छा बिजनेस खड़ा कर सकते हैं।
वेबिनार में छात्रों, रिसर्चर्स और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। सत्र के अंत में सवाल-जवाब राउंड में घरों और छोटे उद्योगों के लिए सस्ते ट्रीटमेंट यूनिट लगाने की जानकारी दी गई।
कॉलेज के डायरेक्टर प्रोफेसर (डॉ.) राजेश गार्गी ने कहा: कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व के विकास और आधुनिक दौर में वास्तविक ज्ञान प्राप्त करने के लिए वेबिनार का आयोजन किया गया। कॉलेज के युवाओं के माध्यम से पीकेजी कॉलेज संस्थान के भीतर वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट विकसित करके शिक्षण संस्थानों में उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना हैं।
विद्यालय के चेयरमैन सीए गौरव जैन ने बताया के ऐसे वेबिनार छात्रों को पर्यावरण और बिजनेस को एक साथ जोड़ने का रास्ता दिखाते हैं। हरियाणा में वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के क्षेत्र में उद्यमिता के अवसर की संख्या काफी कम है और छात्र स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए, हमें छात्र उद्यमिता विकसित करने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों की क्षमताओं का निर्माण करने की आवश्यकता है।
इस कार्यशाला का सफल आयोजन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ अभिषेक एव डॉ गुरुकीरत के द्वारा सफलतापूर्व करवाया गया।

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