फैशन डिजाइनिंग कार्यशाला व फैशन डिजाइनिंग कोर्स का समापन.
BOL PANIPAT : उद्यमिता की चमक से दमकता आत्मनिर्भर भारत हम सब का सपना है। इसे साकार करने की दिशा में स्थाई और सुदृढ़ भारत प्रयास आईबी महाविद्यालय के द्वारा आयोजित उषा इंटरनेशनल के सहयोग से एक दिवसीय उषा ऑटोमेटिक सिलाई मशीन प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से किया गया। कार्यशाला का आयोजन विभागाध्यक्षा डॉ. सीमा के नेतृत्व में किया गया। क्रार्यक्रम का उद्रघाटन सत्र का शुभारंभ प्राचार्य डॉ अजय गर्ग के अभिभाषण से हुआ। उन्होंने उद्यमिता विषय पर छात्र छात्राओं के साथ अपने विचार सांझा किए और कहा कि फैशन डिजाइनिंग करियर विद्यार्थियों की उच्च महत्वकांशा के साथ-साथ आश्चर्यजनक रूप से उनकी प्रतिभा को भी प्रदर्शित करता है। आजकल हर कोई फैशनएवल कपड़े पहनने की इच्छा रखता है। खासकर युवाओं में सुन्दर सुंदर दिखने की चाहत ने फैशन इंडस्ट्री में कैरियर के नए ऑप्शन ईजाद किए हैं। इसलिए इस कोर्स को करने के बाद छात्र-छात्राएं अपना लघु फैशन उद्योग स्थापित कर एंटरप्रेन्योर के क्षेत्र में कुछ नया कर सकते हैं। विभागाध्यक्षा व कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका डॉ. सीमा ने बताया कि फैशन डिजाइनिंग एक ऐसा कोर्स है जिसमें खूबसूरत फैशनएवल कपड़े और फैशन एक्सेसरीज डिजाइन करने की कला सिखाई जाती है। इस पाठ्यक्रम में डिजाइनिंग के लेटेस्ट ट्रेंड और कल्चर के बारे में विद्यार्थियों को ट्रेंड किया जाता है। आज के समय में फैशन डिजाइनिंग बहुत ही हाई डिमांडिंग क्षेत्र है, इसीलिए यह क्षेत्र विद्यार्थियों को एक नई पहचान दिलवा सकता है और इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए यह कोर्स आधार प्रदान करता है। कोर्स की सहसंयोजिका प्राध्यापिका अंशिका ने कहा कि कपड़ों को नवीन डिजाइन में क्रिएट करने का अगर आप में कौशल है तो आपके लिए स्वरोजगार के साथ-साथ जॉब की भी कमी नहीं होगी। इस क्षेत्र में अनेक बेहतरीन पोजीशन जैसे फैशन डिजाइनर, फैशन कांडिनेटर, कॉस्टयूम डिजाइनर आदि पर जॉब कर सकते है। उषा इंटरनेशनल लिमिटेड से रिसोर्स पर्सन मनिन्द्र पाल सिंह व उनकी टीम ने ऑटोमेटिक उषा मशीन का परीक्षण दिया वह मशीन द्वारा बनने वाले तरह के ऑटोमैटिक डिजाइनर स्टिचिज बताएगा मशीन संबंधित विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर दिया। कार्यक्रम में 75 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उपप्राचार्या प्रो. रंजना शर्मा, डॉ. शशि प्रभा, प्रो. नीलम, प्रो. सोनिया, डॉ. निधि, प्रो. कनक शर्मा, डॉ. चेतना नरूला, डॉ. नेहा आदि सभी प्राध्यापकगण मौजूद रहे |

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