Monday, October 5, 2026
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पारंपरिक सिलाई से आगे बढक़र फैशन और डिजाइनिंग के क्षेत्र में कदम बढ़ाएं महिलाएं: अनिल मलिक

By LALIT SHARMA , in DIPRO PANIPAT PRESS RELEASE , at October 5, 2026 Tags: , , , , ,

फैशन इंडस्ट्री में अपार संभावनाएं, हुनरमंद महिलाओं से साकार होगा आत्मनिर्भर भारत का सपना

BOL PANIPAT , 5 अक्टूबर। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी आरसेटी), द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित 62 दिवसीय ‘टेलर-इलेक्टिव-1: टेलर विमेंस गारमेंट्स’ कोर्स के तहत सोमवार को महिला प्रशिक्षणार्थियों के लिए विशेष औद्योगिक दौरे का आयोजन किया गया। इस दौरान कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं 40 महिला प्रशिक्षणार्थियों को पूजा विहार कॉलोनी स्थित कपड़ा निर्माण इकाई प्रिंस एंटरप्राइज का दौरा करवाया गया। प्रशिक्षणार्थियों ने फैक्ट्री में कपड़ों की कटिंग, सिलाई, कढ़ाई, डिजाइनिंग, फिनिशिंग और पैकेजिंग की आधुनिक प्रक्रियाओं को नजदीक से देखा तथा व्यावहारिक जानकारी हासिल की।

औद्योगिक दौरे का नेतृत्व पीएनबी आरसेटी के सहायक अनिल मलिक और राजकुमार कादियान ने किया। इस अवसर पर अनिल मलिक ने कहा कि आरसेटी का उद्देश्य महिलाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें बाजार की वास्तविक जरूरतों, आधुनिक तकनीक और उद्योग की कार्यप्रणाली से भी परिचित करवाना है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे स्वरोजगार की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि फैशन की दुनिया में अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। जो महिलाएं अपने पारंपरिक सिलाई के हुनर को आधुनिक डिजाइनिंग, कढ़ाई, पैच वर्क और बेहतर फिनिशिंग से जोड़ेंगी, वे अपनी आय को बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार देने वाली उद्यमी भी बन सकती हैं। महिलाओं का हुनर ही आत्मनिर्भर भारत के सपने को मजबूती प्रदान करेगा।

प्रिंस एंटरप्राइज के संचालक रणजीत सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों का जलपान के साथ स्वागत किया। उन्होंने फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक कंप्यूटर चालित सिलाई मशीनों तथा बड़े पैमाने पर कपड़ों पर कढ़ाई करने वाली मशीनों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सिलाई का क्षेत्र केवल साधारण सूट या ब्लाउज तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्सटाइल और फैशन इंडस्ट्री में डिजाइनर कढ़ाई, पैच वर्क, आकर्षक फिनिशिंग और अन्य वैल्यू एडिशन कार्यों की काफी मांग है। महिलाएं इन क्षेत्रों में दक्षता हासिल कर बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकती हैं।

दौरे के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने फैक्ट्री में कपड़ों की कटिंग से लेकर तैयार उत्पाद की पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। आधुनिक मशीनों और बड़े स्तर पर होने वाले उत्पादन की प्रक्रिया को देखकर प्रशिक्षणार्थियों में खासा उत्साह नजर आया। उन्होंने बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने, गुणवत्ता बनाए रखने और सिलाई के व्यवसाय को बड़े स्तर पर स्थापित करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।
इस अवसर पर संस्थान की ओर से अनिल कुमार ने प्रिंस एंटरप्राइज के संचालक रणजीत सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के औद्योगिक दौरे प्रशिक्षणार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं। ऐसे प्रयास महिलाओं को स्वरोजगार अपनाने और अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रेरित करते हैं।

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