प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए योगा अभ्यास जरूरी: उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया
-योग मन, शरीर व आत्मा को संतुलित कर जीवन को देता है सकारात्मक दिशा
BOL PANIPAT , 2 दिसंबर। जिला सचिवालय सभागार में चल रहे योगा प्रशिक्षण शिविर का अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से लाभ मिल रहा है। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि बदलते परिवेश में स्वस्थ रहना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। प्रशासनिक कार्य तभी प्रभावी रूप से संचालित हो सकते हैं, जब अधिकारी और कर्मचारी मानसिक तथा शारीरिक रूप से पूर्णत: स्वस्थ हों। इसी उद्देश्य के तहत आयुष विभाग द्वारा यह योगा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से इस शिविर में शामिल हों तथा योग को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं। डॉ. दहिया ने कहा कि योग मन को स्थिर करता है, कार्य क्षमता को बढ़ाता है और समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को और अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में मदद करता है।
उपायुक्त ने बताया कि यह योगा प्रशिक्षण शिविर 8 दिसंबर तक जिला सचिवालय के द्वितीय तल स्थित सभागार में प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सभी अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। इसी कड़ी में योगा विशेषज्ञ नीलिमा ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करने की वह वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जो जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। उन्होंने अनेक योग की प्रक्रियाओं का अभ्यास अधिकारियों और कर्मचारियों को कराया।
उन्होंने कहा कि तेज़ रफ्तार जीवनशैली में तनाव, थकान और मानसिक दबाव हर व्यक्ति को प्रभावित कर रहा है, ऐसे में योग ही वह माध्यम है जो आंतरिक शांति, ऊर्जा और स्वस्थ जीवन देता है। योगा विषय विशेषज्ञ नीलिमा ने बताया कि विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए योग अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि वे दिनभर मानसिक रूप से सक्रिय रहते हैं। योग उनके लिए एक मजबूत सहारा बनकर न सिर्फ तनाव कम करता है, बल्कि कार्यक्षमता भी बढ़ाता है। उन्होंने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि हर व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग और प्राणायाम के लिए अवश्य निकाले, क्योंकि स्वस्थ शरीर और शांत मन के बिना कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।

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