योग विद्या भारत के ऋषि-मुनियों की अमूल्य धरोहर: महीपाल ढांडा।
-विकास पंचायत एवं सहकारिता मंत्री ने जोशी गांव की योग एवं व्यायामशाला का किया शिलान्यास।
-हर व्यक्ति को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए : उपायुक्त डॉ.वीरेन्द्र कुमार दहिया।
-हजारों साधकों ने संगीत की लय बद्घता पर किया योग
-10वें योग दिवस पर महिला साधकों की संख्या भी अच्छी खासी नजर आई।
BOL PANIPAT , 21 जून। प्रदेश के विकास,पंचायत एवं सहकारिता मंत्री महीपाल ढांडा ने स्थानीय शिवाजी स्टेडियम में शुक्रवार को 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि योग साधकों को संबोधित करते हुए कहा कि योग विद्या भारत के ऋषि-मुनियों की अमूल्य धरोहर है। अनादिकाल से परम्परा द्वारा योग चला आ रहा है। सभी श्रुति-स्मृतियां योग की महिमा का वर्णन कर रही है और इसका वर्णन वेद, उपनिषद्, पुराण एवं गीता आदि ग्रन्थों में किया गया है। योग का अर्थ समाधि है और इस विषय में सब एकमत है तथा समाधि से एक कर्मक्षेत्र तक, योग का व्यापक वर्णन हमारे शास्त्रों में विद्यमान भी है। योग सभी सम्प्रदायों और मत मतान्तरों में निर्विवाद सार्वभौम स्वीकार्य है। पूरी दुनिया में योग को उत्साह पूर्वक मनाया जाने लगा है। योग से हम प्रकृति के साथ जुडकऱ हम अपने आप को स्वस्थ रख सकते है। योग दिवस की शुरूआत उन्होंने दीप प्रज्जवलित की व इस मौके पर गांव जोशी में बनाई जाने वाली योग एवं व्यायामशाला का शिलान्यास किया।
विकास पंचायत मंत्री ने कहा कि योग अभ्यास शरीर एवं मन, विचार एवं कर्म, आत्मसंयम एवं पूर्णता की एकात्मकता तथा मानव एवं प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। यह स्वास्थ्य एवं कल्याण का पूर्णतावादी दृष्टिकोण है। योग केवल व्यायाम नहीं है, बल्कि स्वयं के साथ विश्व और प्रकृति के साथ एक खोजने का भाव है। योग हमारी जीवन शैली में परिवर्तन लाकर हमारे अन्दर जागरूकता उत्पन्न करने तथा प्राकृतिक परिवर्तनों से शरीर में होने वाले बदलावों को सहन करने में सहायक हो सकता है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि योग जीवन के सभी पहलुओं में सामंजस्य बैठाता है और व्याधि (बीमारी) की रोकथाम, स्वास्थ्य, संवद्र्धन और जीवन शैली संबंधी कई विकारों के प्रबंधन के लिए जाना जाता है। योग एवं ध्यान से व्यक्ति का शरीर व मन स्वस्थ रहता है। शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ मनुष्य ही देश के विकास में भागीदार हो सकता है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से 11 दिसम्बर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों में रिकॉर्ड 177 सह-समर्थक देशों के साथ 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का संकल्प सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। अपने संकल्प में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकार किया कि योग स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए पूर्णतावादी दृष्टिकोण प्रदान करता है। प्रधानमंत्री देश को एक बार फिर से विश्व में योग गुरु का दर्जा दिलाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। इसी दिशा में हरियाणा सरकार वर्ष 2015 से प्रत्येक वर्ष 21 जून को योग दिवस का आयोजन कर योग को जनमानस तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
विकास पंचायत मंत्री ने कहा कि प्रदेश में योग को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा योग आयोग का गठन किया गया है और राज्य सरकार योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य के गांवों में व्यायामशालाएँ खोले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। आयुष योग सहायकों और आयुष योग साधकों की नियुक्ति की जा चुकी है। आयुष विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत जिला स्तर पर आयुष विंग स्थापित किये गए है जिनमें योग विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। इन आयुष विगों में योग विशेषज्ञों द्वारा योग के माध्यम से जनमानस का उपचार किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य में गांव देवरखाना, जिला झज्जर में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के सहयोग से पोस्टग्रेजुएट योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एवं रिसर्च संस्थान स्थापित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथिक की शिक्षा को बढ़ावा देने हेतू भारत का प्रथम आयुष विश्वविद्यालय कुरक्षेत्र में स्थापित किया जा चुका है। पंचकूला में भारत सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय आयुर्वेद योग एवं प्राकृतिक शिक्षा संस्थान की स्थापना की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि राज्य में सभी आयुर्वेदिक औषधालयों को आयुष हैल्थ एण्ड वैलनेस सेंटर में अपग्रेड किया जा रहा है। राज्य में योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा योग को शिक्षा पाठ्यक्रम में एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया गया है। सरकार द्वारा राज्य में छात्रों की शारीरिक एवं मानसिक हेल्थ को प्रेरित करने के लिए प्रत्येक मास के प्रथम शनिवार को स्कूलों में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
उपायुक्त डॉ.वीरेन्द्र कुमार दहिया ने कहा कि योग हर व्यक्ति की जरूरत है। प्रत्येक व्यक्ति को रोजाना एक घण्टा निकाल कर नियमित रूप से योग करना चाहिए। सभी साधकों को चाहिए कि वे रोजाना योग करने की आज शपथ लें। यह शपथ अन्य को योग करने के लिए प्रेरित करेंगी।
उपायुक्त ने कहा कि मनुष्य जीवन देवताओं के लिए दुर्लभ है। हमें इस जीवन का सही दिशा में उपयोग करना चाहिए व योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। योग के बिना जीवन शून्य है। पशु पक्षी भी योग करके हमें योग की महत्वता बताने का प्रयास करते है। उपायुक्त ने योग के लाभ गिनाते हुए कहा कि योग का नियमित अभ्यास रक्तचाप और हृदय गति को नियंत्रित करने में मदद करता है। योग हमें समझ देता है कि किस प्रकार का भोजन हमें करना चाहिए और कब करना चाहिए। नियमित योग अभ्यास हमें शांतिपूर्ण मन मजबूत एवं लचीले सुंदर शरीर व अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करता है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत, सीटीएम टीनू पोसवाल, पार्षद लोकेश नांगरू,सीएमओ डॉ जंयत आहुजा, जिला खेल अधिकारी सत्येन्द्र कुमार, के अलावा सरकारी विभागों,सामाजिक संस्थाओं, खिलाडिय़ों, स्कूली विद्यार्थियों, आंगनवाडी कार्यकर्ताओं ने सामूहिक योग कर योग किया।
बोक्स:
इस मौके पर कुश्ती खिलाड़ी सीमा बिसला, पूजा गहलावत, हैंडबाल खिलाड़ी शीतल, एथलैटिक्स खिलाड़ी सुषमा व जूड़ो खिलाड़ी प्रमोद कुमार को सम्मानित किया गया।

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