युवा शक्ति बनेगी विकसित भारत की आधारशिला, ‘मेरा युवा भारत’ अभियान को मिलेगी नई गति: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ
हर युवा को जोडऩे का संकल्प, उपायुक्त ने दिए व्यापक पंजीकरण और जन जागरूकता के निर्देश
नशा मुक्त समाज और सशक्त युवा पर प्रशासन का जोर, अधिकारियों को सौंपे अहम दायित्व
युवाओं की ऊर्जा को मिले सही दिशा, राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बढ़ाने पर उपायुक्त का विशेष फोकस
BOL PANIPAT , 10 जुलाई। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘मेरा युवा भारत’ (एमवाई भारत) पहल के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला सचिवालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में एक जुलाई से 15 अगस्त तक चलाए जा रहे सघन पंजीकरण अभियान, अनुभव आधारित शिक्षण कार्यक्रम, वार्षिक कार्य योजना 2026-27 तथा नशा मुक्ति अभियान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के अधिक से अधिक युवाओं का ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले का प्रत्येक युवा राष्ट्र निर्माण की विकासात्मक गतिविधियों से जुड़ सके। उपायुक्त ने कहा कि सभी सरकारी विभाग, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पॉलिटेक्निक संस्थान, विद्यालय तथा अन्य शिक्षण एवं सामाजिक संस्थानों को समयबद्ध तरीके से ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल से जोड़ा जाए तथा प्रत्येक संस्था में ‘मेरा युवा भारत’ प्रतिनिधि का चयन भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि युवाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को सकारात्मक दिशा देकर ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक युवाओं को अभियान से जोडऩे के लिए जागरूकता कार्यक्रम, विचार गोष्ठियां, कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि युवा स्वैच्छिक सेवा, कौशल विकास, नेतृत्व निर्माण, सामाजिक सहभागिता तथा राष्ट्रहित के कार्यों में बढ़-चढक़र भागीदारी निभा सकें।
उपायुक्त ने अनुभव आधारित शिक्षण कार्यक्रम को युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर ऐसे कार्यक्रम तैयार करें, जिनके माध्यम से युवाओं को वास्तविक कार्यों का अनुभव प्राप्त हो सके। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध संभावित प्रशिक्षण एवं अनुभव के अवसरों की पहचान कर युवाओं को व्यावहारिक सीख उपलब्ध कराई जाए।
बैठक के दौरान नशा मुक्ति प्रश्नोत्तरी और नशा मुक्ति शपथ अभियान को लेकर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने सभी विभागों और शिक्षण संस्थानों को इन अभियानों को व्यापक स्तर पर सफल बनाने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़े और वे स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हों।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी भी आपदा अथवा आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों तथा विभिन्न परिस्थितियों में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि आवश्यकता पडऩे पर वे प्रशासन का प्रभावी सहयोग कर सकें।
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा, देश का भविष्य हमारे युवा हैं और उनकी ऊर्जा को सही दिशा देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘मेरा युवा भारत’ युवाओं को अपनी प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और सेवा भावना को राष्ट्रहित में लगाने का सशक्त मंच प्रदान करता है। उपायुक्त ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि जिले का प्रत्येक पात्र युवा इस अभियान से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करें, युवाओं के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठियां आयोजित करें तथा नशा मुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाकर इसे जनआंदोलन का स्वरूप दें।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की मजबूत टीम तैयार कर हम किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं। बैठक में एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, सीएमओ विजय मलिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा, डीईओ राकेश बूरा सहित विभिन्न विभागों तथा शिक्षण संस्थानों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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