10 दिवसीय संस्कृत संभाषण कार्यशाला का समापन
BOL PANIPAT : जीटी रोड पर स्थित आई.बी .पी.जी. महाविद्यालय , पानीपत में 23 मई सोमवार को 12 मई से चल रही 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण कार्यशाला का समापन समारोह मनाया गया ।इस समारोह में अतिथि के रूप में डॉ दिनेश कुमार सिंघल तथा प्रबंधन समिति के सदस्य रमेश नागपाल रहे । इन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत मृत भाषा नहीं है यह आज भी जीवंत है और इसे हम अपने संस्कारों में देख सकते है जैसे नामकरण संस्कार, विवाह संस्कार, दाह संस्कार और इसी प्रकार अन्य संस्कारों को मिलाकर 16 संस्कारों में हम संस्कृत भाषा को जीवंत रूप में देख सकते है | संस्कृत हमारे पैदा होने से हमारी मृत्यु तक हमारे साथ जुडी हुई है |
संस्कृत संभाषण कार्यशाला में विद्यार्थियों को संस्कृत के गीतों के माध्यम से, खेल के माध्यम से , वस्तुओं के प्रदर्शन से और इसी प्रकार अन्य गतिविधियों के माध्यम से संस्कृत बोलना सिखाया गया । यह कार्यशाला बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक रही । इस कार्यक्रम का मंच संचालन स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा श्रुति ने किया तथा कार्यक्रम का आयोजन संस्कृत विभाग संचालिका सोनिया वर्मा ने किया। इस कार्यक्रम में 55 विद्यार्थियों ने भाग लिया | कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने बीते 10 दिनों में जो भी सीखा वह सब प्रदर्शित किया । कार्यक्रम में जहां संस्कृत भाषा में अपने अनुभवों को बताया गया, वहीं संस्कृत भाषा की छोटी नाटिका को प्रस्तुत किया गया तथा कुछ विद्यार्थियों ने बॉलीवुड के हिंदी गानों को संस्कृत में बदल कर भी गाया ।
इस रमणीय और मनोहारी कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार गर्ग ने प्रतिभागियों को आशीर्वचन दिए तथा कार्यक्रम कि प्रशिक्षिका सोनिया वर्मा को बधाई दी । उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विभाग संचालिका सोनिया तथा संस्कृत विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी बधाई दी। इस अवसर पर उप प्राचार्या डॉ मधु शर्मा, डॉ. मोहम्मद इशाक, डॉ. रामेश्वर दास डॉ. शशि प्रभा, डॉ. नीलम, डॉ. शर्मिला, डॉ. विनय वाधवा, प्रो. सोनल, प्रो. अंजलि, प्रो. अश्विनी एवं अन्य प्राध्यापक गण शामिल रहे । इस कार्यक्रम की सफलता में कंप्यूटर विभाग से प्रोफेसर रितु का विशेष योगदान रहा ।

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