Saturday, April 25, 2026
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रक्तदान शिविर में 132 यूनिट रक्त एकत्र हुए।

By LALIT SHARMA , in RELIGIOUS , at March 28, 2023 Tags: , , , ,

BOL PANIPAT : (27 मार्च) सनातन धर्म सभा मंदिर भीम गोडा वार्ड नं. 9 में श्री राम नवमी के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय कथा कार्यक्रम के तीसरे दिन आज प्रातः के सत्र में रक्तदान शिविर रेडक्रॉस के सहयोग से लगाया गया। रक्तदान शिविर का उद्घाटन मेयर अवनीत कौर, रमेश रेवड़ी चेयरमैन दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, सी.ए सुरेश नंदवानी, स. भूपेन्द्र सिंह पूर्व मेयर ने किया। शिविर मंे 132 यूनिट रक्त एकत्र हुए। स्वामी दयानन्द सरस्वती, मुरथल, एवं स्वामी अरूणदास जी महाराज जगन्नाथ धाम, हरिद्वार ने रक्तदानियों को बैज लगाकर सम्मानित किया। स्वामी अरूणदास जी महाराज ने शिविर में स्वयं रक्तदान भी किया। रक्तदान शिविर के दौरान महिला संकीर्तन मण्डल एवं वेद कमल द्वारा श्री सुन्दरकाण्ड का पाठ भी किया गया। सायं के सत्र का उदघाटन मुख्य अतिथि दरबारी लाल प्रेम कुमार चचरा ने किया। सर्वप्रथम राधा वल्लभ सत्संग परिवार से पधारे रवि आहुजा जी ने भजन संध्या में ‘‘दर पे बुलाया मुझे बरसाने वाली ने’’, ‘‘कभी भूले से दर्शन आपका सरकार हो जाए’’ आदि भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय कर दिया।

तत्पश्चात स्वामी दयानन्द सरस्वती जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि वेदों ने श्रीराम चन्द्र के संुदर नाम गुण चरित्र जन्म और कर्म सभी अगणित कहे हैं जिस प्रकार भगवान श्रीराम चंद्र  जी अनंत हैं उसी प्रकार उनकी कथा कीर्ति और गुण भी अनंत हैं। जिन्होंने भगवान की भक्ति को अपने हृदय में स्थान नहीं दिया वह प्राणी जीते हुए भी मुर्दे के समान है। श्री राम चंद्र की लीला (कथा) सब प्रकार से कल्याण करने वाली है। मंगल भवन अमंगल हारी राम का नाम मंगल करने वाला और अमंगल हरने वाला है।उन्होंने कहा हमारे शरीर रूपी घड़े में बहुत छेद हैं। उसमें कुछ नहीं टिकता। जैसे एक घड़े में बहुत छेद हों और यदि उसमें पानी डालें तो सारा पानी निकल जाता है यदि छिद्र वाले घड़े में पानी को बचाना है तो उसको जल में डुबो कर रखना पड़ता है। इसी प्रकार मानव रूपी शरीर को जब तक सत्संग, नाम-सिमरन रूपी पानी में डुबो कर रखेंगे तब शरीर में कुछ नहीं निकलेगा। शरीर सुखों से भरा रहेगा। जोगिंदर कमल, वेद कमल, जीत लाल जुनेजा, कालू सतीजा, चुनी लाल लखीना, दैवेन्द्र रामदेव, सोहन लाल रेवड़ी, सुरेन्द्र चुघ, चुन्नी लाल चुघ, विजय चौधरी, ईश जुनेजा, ओम प्रकाश रेवड़ी, पवन जुनेजा, गुरमीत मक्कड़, प्रदीप सपड़ा, सागर रेवड़ी, जितेंद्र जुनेजा, दर्शन रामदेव, किशोर रामदेव, बाल किशन रेवड़ी, गौरव अरोड़ा, तरुण जुनेजा, निखिल चुघ, कुश जुनेजा, साहिल रामदेव, राजेन्द्र सलूजा, प्रेम चुघ, मिन्टू चुघ, चिमन सेठी, चन्द्र रामदेव, अमित रामदेव, रवि सचदेवा, स्वप्निल जुनेजा, साहिल वशिष्ट, अजय चुघ, सागर रेवड़ी, आदि उपस्थित थे।

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