पीआरपीसी में नराकास की 49वीं बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन
BOL PANIPAT ,31.01.2024 , नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), पानीपत द्वारा पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (पीआरपीसी) में 49वीं बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन दिनांक 30.01.2024 को एम एल डहरिया, अध्यक्ष, (नराकास) एवं कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख, (पीआरपीसी) की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में मंचासीन गणमान्यों में अध्यक्ष के साथ सुश्री शोभना श्रीवास्तव, उपनिदेशक (राजभाषा), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय एवं तरुण कुमार बिसई, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) उपस्थित थे । इस अवसर पर पीआरपीसी के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे । कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं राजभाषा गीत से की गई ।

इस अवसर पर पानीपत स्थित नराकास के सभी 40 सदस्य कार्यालयों के प्रशासनिक प्रधान एवं राजभाषा अधिकारी उपस्थित रहें। बैठक में सर्वप्रथम नराकास के सदस्य सचिव आशुतोष चंद्र झा ने सभी का स्वागत करते हुए सदस्य कार्यालयों के राजभाषा छमाही प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। इसके साथ ही सदस्य कार्यालयों द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं, अभिनव प्रयासों को भी सबके साथ साझा किया गया । उत्कृष्ट हिन्दी कार्यान्वयन करने के लिए 3 बड़े व 3 छोटे कार्यालयों को राजभाषा शील्ड से सम्मानित किया गया जो क्रमश: इस प्रकार हैं : 1) केंद्रीय अद्योगिक सुरक्षा बल, इकाई आईओसी, प्रथम पुरस्कार, 2) इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड, पानीपत आर सी ओ, द्वितीय पुरस्कार व 3), नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, तृतीय पुरस्कार, 4) केनरा बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय, पानीपत, प्रथम पुरस्कार, 5) हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पानीपत रिटेल क्षेत्रीय कार्यालय, द्वितीय पुरस्कार व 6) भारत संचार निगम लिमिटेड, तृतीय पुरस्कार । इसके अलावा मासिक आधार पर आयोजित सर्वोत्तम हिन्दी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर डहरिया ने हिन्दी में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विजेताओं को बधाई दी । अपने संबोधन में डहरिया ने कहा कि नराकास पानीपत के सदस्य कार्यालय हिन्दी के कार्यान्वयन को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते है। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि नराकास सदस्य कार्यालयों ने हिन्दी कार्यान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है, जो अत्यंत प्रशंसनीय है । उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हम सब मिलकर आगे भी हिन्दी कार्यान्वयन को शत-प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए अपने पूरे प्रयास करें।
इसके बाद सुश्री शोभना श्रीवास्तव ने कहा कि – “हमे कंठ से कलम तक और कलम से कंप्यूटर तक राजभाषा में काम करने की आवश्यकता है ।” इसके साथ ही उन्होनें राजभाषा में उत्कृष्ट कार्यान्वयन पर महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। सदस्य सचिव आशुतोष चंद्र झा के धन्यवाद से बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई ।

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