एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में 77वां गणतंत्र दिवस आदर और गर्व भाव के साथ मनाया गया
-हमारा संविधान हमारा मान और स्वाभिमान है: दिनेश गोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज
-व्यक्ति की गरिमा, विश्व बंधुत्व, सर्वधर्म-सम्भाव, धर्मनिरपेक्षता गणतंत्र के मूल तत्व हैं: डॉ अनुपम अरोड़ा
BOL PANIPAT , 26 जनवरी, एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में 77वां गणतंत्र दिवस आदर, गौरव और सम्मान भाव के साथ मनाया गया । कॉलेज प्रधान दिनेश गोयल, उप-प्रधान राजीव गर्ग, जनरल सेक्रेटरी महेंद्र अग्रवाल और कोषाध्यक्ष विशाल के साथ राष्ट्रीय ध्वज को फहराया गया और तिरंगे को सलामी दी गयी । उनके साथ कॉलेज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा और टीचिंग एवं नॉन-टीचिंग के समस्त स्टाफ सदस्य, एनएसएस स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट्स और छात्र-छात्राएं इस पावन अवसर पर मौजूद रहे । इस मौके पर देश भक्ति के गीत और कविता पाठ का आयोजन किया गया । राष्ट्र गान और मिष्ठान वितरण के साथ समारोह अपने उरूज पर पहुंचा । मंच संचालन प्रो अन्नू आहूजा ने किया ।
दिनेश गोयल कॉलेज प्रधान ने अपने भाषण में कहा कि आजादी के बाद भारत में 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था । देश में संविधान की स्थापना दिवस के रूप में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है । देश का पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया तथा इसके बाद हर साल इसे बड़े ही हर्षोउल्लास और खुशी के साथ मनाया जाता है । गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के इंडिया गेट पर भव्य परेड का आयोजन किया जाता है जिसमें देश की तीनों सेना (थल सेना, नौ सेना, वायु सेना) का दल भाग लेता है । इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की झलक दिखाती हुई झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाता है । गणतंत्र दिवस हम सभी के लिए मान, अभिमान और गौरव का प्रतिक है ।
महेंद्र अग्रवाल जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि आजादी के बाद एक ड्राफ्टिंग कमेटी को 28 अगस्त 1947 की मीटिंग में भारत के स्थायी संविधान का प्रारुप तैयार करने के लिए कहा गया था । डॉ बीआर अंबेडकर की अध्यक्षता में 4 नवंबर 1947 को भारतीय संविधान के प्रारुप को सदन में रखा गया । लगभग तीन साल का समय लगने के बाद ये पूरी तरह से तैयार हो पाया और आखिरकार इंतजार की घड़ी 26 जनवरी 1950 को खत्म हो गई जब हमारा संविधान लागू कर दिया गया ।
प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि भारत में रह रहे लोगों के साथ-साथ विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए भी गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाना बहुत ही सम्मान की बात है । गणतंत्र दिवस पर राष्ट्र अपने महानायकों को स्मरण करता है । हजारों-लाखों लोगों की कुर्बानियों के बाद देश को आजादी मिली और फिर हमारा राष्ट्र गणतंत्र बना । स्वतंत्रता के लिए कितने लोगों ने अपनी जान गँवायी । महात्मा गाँधी, लाला लाजपतराय, बाल गंगाधर तिलक, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं ने अपनी जान की बाजी लगाई और देशवासियों के सामने जीवन-मूल्य रखे । हमारा गणतंत्र इन्हीं जीवन-मूल्यों पर आधारित है और हमे इनकी रक्षा करनी चाहिए । समय का सही सदुपयोग, व्यक्ति की गरिमा, विश्व बंधुत्व, सर्वधर्म-सम्भाव, धर्मनिरपेक्षता गणतंत्र के मूलतत्व हैं । अपने गणतंत्र को फलता-फूलता देखने के लिए हमें इन्हें हृदय में धारण करना होगा ।
इस अवसर पर सभी स्टाफ सदस्य, नॉन-टीचिंग स्टाफ और छात्र-छात्राएं समारोह में उपस्थित रहे जिनमे डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, दीपक मित्तल शामिल रहे ।

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