Thursday, April 30, 2026
Newspaper and Magzine


पीआरपीसी ने उद्देश्यपूर्ण ढंग से विश्व आर्द्रभूमि (वर्ल्ड वेटलैंड्स डे) दिवस मनाया

By LALIT SHARMA , in Business , at February 3, 2022 Tags: , , , , ,

BOL PANIPAT :- 3 फरवरी, 2022, 2 फरवरी का दिन दुनिया भर में विश्व आर्द्रभूमि दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस मुख्य रूप से आर्द्रभूमि के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा यह दिन वेटलैंड्स पर कन्वेंशन की वर्षगांठ का भी प्रतीक है, जिसे 1971 में एक अंतरराष्ट्रीय संधि के रूप में अपनाया गया था। दुनिया भर की सभी सरकारें, गैर-सरकारी संगठन और नागरिक आर्द्रभूमि के महत्व और उन्हें संरक्षित करने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मना रहें है। 

विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2022 इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वर्ष का विषय “लोगों और प्रकृति के लिए आर्द्रभूमि कार्रवाई” है। विषय का उद्देश्य उन कार्यों के महत्व को उजागर करना है जो सुनिश्चित करते हैं कि आर्द्रभूमि संरक्षित और स्थायी रूप से उपयोग की जाती है। साथ ही समाज के सभी वर्गों से आर्द्रभूमि को लुप्त होने से बचाने और खराब हुई भूमि को पुनर्स्थापित करने की अपील भी की जाती है।

इस वर्ष के विषय की सच्ची भावना को अपनाते हुए, पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स (पीआरपीसी) ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, (एचएसपीसीबी) के सार्थक मार्गदर्शन में इस दिवस को बहुत ही उद्देश्यपूर्ण ढंग से मनाया। इस संबंध में, विशेष रूप से पीआरपीसी के आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए इसकी सर्वोत्तम देखभाल करने का संकल्प लिया गया। इसी भावना के तहत श्री गोपाल चंद्र सिकदर, कार्यकारी निदेशक व रिफाइनरी प्रमुख पीआरपीसी के नेतृत्व में टीम पीआरपीसी ने 50 से अधिक पौधे लगाए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में  श्री सिकदर ने जोर देकर कहा कि इंडियनऑयल वर्ष 2022 को “हरित भविष्य की ओर” के रूप में मना रहा है, जो मनुष्य, पृथ्वी एवं प्रगति के लिए निर्बाध ऊर्जा परिवर्तन सुनिश्चित करेगा। उन्होने कहा कि उन्हे यहां यह उल्लेख करते हुए बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि यह विषय हरित और स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन के लिए इंडियन ऑयल के मिशन को पूरा करके पीआरपीसी में भी प्रतिध्वनित होता है।  पीआरपीसी इस वर्ष अपने प्रतिष्ठित 2जी और 3जी एथेनॉल संयंत्रों के माध्यम से जैव-ईंधन का उत्पादन भी करेंगे जो हरित भविष्य की ओर ले जाने में इंडियन ऑयल के उद्देश्य को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने आगे कहा कि  हम सबकी यह प्रमुख जिम्मेदारी है कि हम स्वस्थ वातावरण बनाए रखने के लिए अपना-अपना  योगदान अवश्य दें । उन्होने विशेष रूप से कहा कि आर्द्रभूमि बंजर भूमि नहीं है अत: आर्द्रभूमि को बुद्धिमानी से उपयोग करें और वनों को फिर से लगाएं ताकि हम शुद्ध वायु व जल को प्राप्त करने के साथ साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को भी कम कर सकें ।

Comments