अंबेडकर संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने लता मंगेशकर के निधन पर जताया शोक
-मनजीत दहिया की लता जी से पहली मुलाकात मुंबई में हुई थी और उन्होंने दिखाया था अपनापन
BOL PANIPAT : 7 फरवरी, हरियाणा की प्रख्यात सामाजिक संस्था हरियाणा अम्बेडकर संघर्ष समिति रजि. के प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय दलित पिछड़ा एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह दहिया लाखन माजरा की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में भाट समाज सेवा समिति हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर लाल साकला भाट विशेष रूप से मौजूद रहे।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह दहिया ने बताया कि लता मंगेशकर जी से उनकी पहली मुलाकात मुंबई में हुई थी और उन्होंने अपनापन दिखाकर हम हरियाणा वासियों का मनोबल बढ़ाया था। समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह दहिया ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लता मंगेशकर जी स्वर साम्राज्ञी थी और स्वतंत्र भारत की कोई उपलब्धि लता जी के बिना पूरी नहीं होती। स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जाना पार्श्व गायकी की सबसे मीठी, सबसे लोकप्रिय आवाज के खामोश हो जाने से कही ज्यादा दुखद, ज्यादा मर्मातक है क्योंकि वह कई पीढि़यों से हमारे सुख-दुख को वाणी देने वाली प्रतिनिधि आवाज थी। सेवानिवृत स्वास्थ्य निरीक्षक रघबीर सिंह दहिया ने शोक जताते हुए कहा कि स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर जी जिस लम्बे दौर तक उन्होंने गाया, वह अपने आप अभूतपूर्व है उनके निधन से भारत ने अपनी आवाज खो दी है।
भाट समाज सेवा समिति हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर लाल साकला भाट ने शोक जताते हुए कहा कि लता मंगेशकर जी की मुस्कान और रूदन में देश मुस्कराता और रोता था। उन्होने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी लता जी का जाना हमें लम्बे समय तक कचोटता रहेगा। मनोहर साकला भाट ने कहा कि लता जी सदाबहार गीतों की स्वर साम्राज्ञी थी। वही अम्बेडकर संघर्ष समिति हरियाणा के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कश्यप टिटोली ने भी कहा कि लता मंगेशकर जी ने भारत ही नहीं दुनिया भर के संगीत प्रेमियों को कई दशकों तक रोमांचित किया है और सदाबहार गीतों की भरमार की हैं जोकि सदैव याद रहेगी।
इस शोक सभा में प्रदेश उपाध्यक्ष नम्बरदार राज सिंह, कृष्ण परमार पिलाना, मनवीर तंवर, राजबाला देवी, रीना, जगदीश चन्द्र, शमशेर सिंह समिति की प्रदेश कोषाध्यक्ष कौशल्या देवी, सेवानिवृत सी.डी.पी.ओ. दर्शना देवी, शौपाल जौड़, जिला प्रधान बनवारी चन्देल, हरफूल चौहान, कमल गुज्जर सफीदो, मदन जौड़ झज्जर, रतिराम भिवानी, प्रकाश भिवानी, प्रकाश सांकला सफीदो, ज्ञानी चौहान रोहतक, मनजीत भाट, राजू जौड़, सीमू कटारिया आदि ने भी स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को याद कियां

Comments