Tuesday, June 2, 2026
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साधु वह है जो ऊपर वाले की मर्जी पर चलता है : स्वामी दयानन्द सरस्वती जी महाराज (मुरथल वाले)


BOL PANIPAT : 1 अप्रैल 2022, श्री संत द्वारा हरि मन्दिर के प्रांगण में नव विक्रमी सम्वत के उपलक्ष्य में संत समागम परम पूज्य 1008 स्वामी दयानन्द सरस्वती जी महाराज (मुरथल वाले) की अध्यक्षता में चल रहे सत्संग कार्यक्रम के सातवें दिन महाराज श्री ने प्रवचन देते हुए गरूड़ के मोह पर व्याख्यान देते हुए कहा कि वो प्रभु श्री राम को पाश में बंधा हुआ देखकर भ्रमित हो जाते हैं एवं उनकी इस लीला से उनमें सर्वशक्तिमान परमात्मा पर संदेह होने लगता है। इस भ्रम को लेकर वे परम विरक्त कागभुशुण्डि जी के पास जाते हैं जो उन्हें इस मोहपाश को अपने ज्ञान के द्वारा दूर करते हैं।

महाराज श्री ने साधु की निशानियां बताते हुए कहा कि साधु वह है जो ऊपर वाले की मर्जी पर चलता है उसकी खुद की मर्जी नहीं होती। उन्होंने कहा कि साधु सच्चा साधु तब बनता है जब उसके मन एवं दिमाग में सभी द्वन्द्व समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जिसे ज्ञान चाहिए उसके लिए झुकना जरूरी है और जो  झुकना नहीं जानता वह साधु की शरण तक नहीं जा सकता। महाराजा श्री ने कागभुशुण्डि और गरूड़ संवाद की कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि दरिद्रता जरूरी नहीं कि पैसे की हो बल्कि असली दरिद्र वह है जिसके पास ज्ञान की भूख या सीखने की इच्छा न हो।

ऐसा व्यक्ति धनवान होते हुए भी दरिद्र है। दूसरा है अच्छी वाणी का न होना आपके पास आलीशान मकान है बढ़िया कारोबार है लेकिन वाणी कड़वी है तो आप सब कुछ होते हुए भी महादरिद्र हैं। इसलिए हमें बोलते समय ध्यान रखना चाहिए।  गुरूगद्दी शाह साहिब से पधारे स. गुरविंदर सिंह शाह ने कहा कि लोग जब इकट्ठे बैठते हैं तो प्रभु नाम के बारे में बात न करके सिर्फ दुनियावी बातें जैसे राजनीति, निन्दा, या हल्की बातें करते हैं। लेकिन यही समय हम व्यर्थ न करके परमात्मा की बंदगी पर दें तो मनुष्य भवसागर से पार हो जाए। इससे पूर्व भजन गायक वेद कमल जी ने ‘‘आप जिनके करीब होते हैं, वो बड़े खुशनसीब होते हैं, जिनको बख्शे तू नाम की दौलत कौन कहता है गरीब होते हैं’’

आज के कार्यक्रम में प्रधान रमेश चुघ, हरनाम चुघ, उत्तम आहूजा, जगदीश जुनेजा, करमसिंह रामदेव, पवन चुघ, दर्शन रामदेव, भगवान दास खुराना, ईश्वर रामदेव, सुरेश चुघ, शाम सपड़ा, किशोर रामदेव, गोल्डी बांगा, हरनारायण जुनेजा, प्रवेश रेवड़ी, पवन रेवड़ी, सोनू खुराना, गुलशन रामदेव, गुलशन नन्दवानी, गोपी मेंहदीरत्ता, अमर वधवा, ओमी चुघ, राघव चुघ, अमन रामदेव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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