Wednesday, June 10, 2026
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एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे को अन्न संरक्षण की सार्थक शपथ के साथ मनाया गया

By LALIT SHARMA , in EDUCATIONAL , at June 7, 2022 Tags: , , , , ,

‘अर्न व्हाइल यू लर्न’ के तहत कॉलेज में तैयार बेकरी पदार्थों की विक्रय-लाभ राशि को सभी छात्राओं के साथ बराबर बांटा गया

जीवन में खुद की मेहनत से कमाई गई पहली राशि अमूल्य है: डॉ अनुपम अरोड़ा

BOL PANIPAT : एसडी पीजी कॉलेज में ‘वर्ल्ड फ़ूड सेफ्टी डे- 2022’ के अवसर पर कॉलेज में शुरू बेकरी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बेकरी पदार्थों के निर्माण और फिर उससे होने वाले विक्रय-लाभ की राशि को हुनरमंद छात्राओं के साथ बराबर बांट कर छात्राओं की हौंसला अफजाई की गयी. ‘अर्न व्हाइल यू लर्न’ की इस स्कीम से न सिर्फ छात्राओं को पहली कमाई का रोमांचक अहसास हुआ बल्कि उनका आत्मविश्वास और सम्मान भी
जागृत हुआ. उन्हें जीवन में पहली बार ये अहसास हुआ कि वे भी आगे चलकर खुद को एक सफल उद्यमी या व्यवसायी के रूप में स्थापित कर सकती है. कॉलेज प्रधान पवन गोयल, प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा, गृह विज्ञान की विभागाध्यक्षा प्रो गीता प्रुथी और प्रो तन्नु मेहता की अगुआई में ‘विश्व फ़ूड सेफ्टी डे’ को पावन रूप में मनाते हुए सभी ने छात्राओं को अन्न के सही और बेहतर इस्तेमाल की शपथ भी उठाई.

आज के विशेष दिन कॉलेज के होम सांइस विभाग के तत्वाधान में बेकिंग प्रक्रिया से स्वादिष्ट केक और ब्राउनिज बेक किये गए और इस दिन को लज्जतदार और मिठासपूर्ण तरीके से मनाया गया. केक की विक्रय-प्रदर्शनी में सभी स्टाफ सदस्यों ने खूब रूचि ली. प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा की इस बेकरी मेगा प्रोजेक्ट का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और इस कमाई से उन्हें प्रौत्साहित करना है.

रोजकेक, ऑरेंज क्लॉव केक, हमिंग बर्ड केक, डेविल फूट केक, हेमार केक, चॉकलेट केक, वनीला केक, पाइन एप्पल केक, स्ट्रॉबेरी केक इत्यादि कितने ही केक्स से पूरा समां महक उठा एवं सभी के मुंह में पानी आगया. प्रो गीता प्रुथी, प्रो अन्नू आहूजा और प्रो तन्नू मेहता की अगुआई में बीए की विभिन्न छात्राओं ने गृह विज्ञान की प्रयोगशाला में विविध केक तैयार कर महीने भर विक्रय किये और सभी के मन पर अमिट छाप छोड़ स्टार्ट अप इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत के दावे को पुख्ता कर धन राशि अर्जित की जिसे आज प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने सभी प्राध्यापकों संग छात्राओं के साथ समान रूप में बांटा. इस अवसर सभी स्टाफ सदस्यों ने छात्राओं में व्याप्त प्रतिभा की जमकर तारीफ़ की और कहा की सभी छात्राए सफल उद्यमी बनने योग्य है. विदित रहे कि जुलाई 2017 में खाद्य एवं कृषि संगठन सम्मेलन के 40वें सत्र में अपनाएं गए विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के प्रस्ताव पर दिसंबर 2017 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपना समर्थन व्यक्त किया. इसके बाद प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र की दूसरी समिति के समक्ष रखा गया जिसे महासभा ने अपना लिया और 20 दिसंबर 2018 को प्रत्येक वर्ष 7 जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने की घोषणा की गई. डब्ल्यूएचओ, ऍफ़एओ के साथ संयुक्त रूप से वैश्विक स्तर पर सभी के लिए सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के लिए इस महत्वपूर्ण दिवस में शामिल होने का आह्वान करता है.

खाद्य समस्या के मद्देनजर हमारा फ़र्ज़ है की न सिर्फ हम अन्न को बर्बाद होने से रोके बल्कि जो कुछ हम बना भी रहे है उसमे भी अन्न को संरक्षित करने का भाव सदेव जिन्दा रखे. पवन गोयल प्रधान एसडी पीजी कॉलेज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि कौशल विकास को छात्राओं के मध्य पहुंचाने के लिए प्रबंधन पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

असुरक्षित खान-पान की चीज़ों के सेवन से सेहत संबंधी कई सारी बीमारियां पनपती हैं. ऐसे में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने का मकसद हर एक व्यक्ति को पौष्टिक और संतुलित भोजन प्रदान करना है. इसके साथ ही खान-पान से होने वाले खतरों को रोकना, मिलावटी चीज़ों का पता लगाना और इनके बारे में लोगों को बताकर उन्हें जागरूक बनाना ही इस दिन को मनाने का खास उद्धेश्य है.  प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि छात्राओं को चाहिए की वे अपनी छुपी हुई प्रतिभा और हुनर को स्टार्ट अप इंडिया जैसी स्कीमों के माध्यम से व्यवसाय में अपनाए. पकवानों की इतनी विविधता और स्वाद इस बात का ध्योतक है की छात्राओं
की प्रतिभा बेजौड़ है. 7 जून को दुनियाभर में हर साल ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ यानी ‘वर्ल्ड फ़ूड सेफ्टी डे’ मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का उद्देश्‍य लोगों में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना है और खराब भोजन के सेवन से होने वाले नुकसान व स्‍वास्‍थ्‍य हानि की जानकारी उपलब्‍ध कराना है. यही नहीं ईद दिन यह सुनिश्चित किया जाना भी है कि हर व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल रहा है या नहीं. दरअसल हर साल फास्‍ट फूड्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रस्‍त हो रहे हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि लोग अपनी बेहतर सेहत के लिए अपने खान-पान और उसके चुनाव के बारे सही जानकारी हासिल कर सकें.

प्रो गीता प्रूथी विभागाध्यक्ष गृह विज्ञान की ने कहा कि आज के लाइफ स्‍टाइल में लोग अपने खान-पान को लेकर बिलकुल भी गंभीर नहीं है. ऐसे में खाद्य सुरक्षा दिन यह सुनिश्चित करता है कि खाद्य सामग्री के इस्‍तेमाल से पहले फसल का उत्पादन, भंडारण और वितरण सुरक्षित और मजबूत बनाया जाए. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनियाभर में विकसित और विकासशील देशों में हर वर्ष भोजन और इससे होने वाली बीमारियों से लगभग तीस लाख लोगों की मौत हो जाती है. प्रो तनु मेहता ने कहा कि हर वर्ष 7 जून को वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे मनाने का उद्देश्य लोगों को पौष्टिक खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करना और मानव शरीर के लिए पोषण से भरपूर भोजन के महत्‍व की जानकारी को देना है. इस दिन का उद्देश्‍य खाने की चीजों के खराब होने के जाखिमों को रोकना, उनका पता लगाना और उनका प्रबंधन करना है. इस अवसर पर स्टाफ सदस्यों में डॉ एसके वर्मा, डॉ मुकेश पुनिया, प्रो अन्नू आहूजा, डॉ राकेश गर्ग, प्रो तनू मेहता, दीपक मित्तल उपस्थित रहे.

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