हत्या के मामले में लूटी गई राशि में से 5 लाख रूपए गिरफ्तार आरोपियों से बरामद।
BOL PANIPAT : 21 जून 2022, फाईनेंसर रमेश की हत्या के मामले में, लूटी गई राशि में से 5 लाख रूपए गिरफ्तार आरोपियों से बरामद। रिमांड अवधी पूरी होने पर पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को आज माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उन्हे न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया। 11 जून को चारो आरोपी बिशन स्वरूप कॉलोनी में दिन के समय ऑफिस में बैठे फाइनेंसर रमेश के हाथ, मुह व पाव को टेप से बांध चोट मार हत्या कर नगदी लूटकर फरार हो गए थे।
सीआईए-वन पुलिस की टीम ने वारदात स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा में कैद फुटेज को खंगालते हुए विभिन्न पहलुओं पर गहनता से छानबीन कर वारदात का पर्दाफास करते हुए 16 जून को आरोपी दीपक उर्फ दीपू पुत्र सोहन पाल निवासी वधावाराम कॉलोनी, मंजीत उर्फ मोनू पुत्र सुखबीर निवासी सिवाह, सितेंद्र उर्फ मोहित पुत्र शमशेर व सुमित उर्फ मोनू पुत्र हरदीप निवासी धनसौली पानीपत को गोहाना बाइपास पर दिल्ली पैरलल नहर पुल के पास से गिरफ्तार किया गया था।
गहनता से पुछताछ करने व लूट गई नगदी बरामद करने के लिए गिरफ्तार चारो आरोपियों को 17 जून को माननीय न्यायालय में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। लूटी गई राशि में से 5 लाख रूपए बरामद कर रिमांड अवधी पूरी होने पर पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को आज माननीय न्यायालय में पेश किया जहा से उन्हे न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया।
मृतक रमेश की पत्नी पारूल बेन की शिकायत पर थाना शहर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 392,394,34 के तहत मुकदमा दर्ज है.
थाना शहर पानीपत में गुजरात के बरोट पाटन निवासी महिला पारूल बेन ने शिकायत देकर बताया था कि वह करीब 4/5 साल से पति रमेश के साथ पानीपत की बिशन स्वरूप कॉलोनी में किराये के मकान में रह रही है। उसका पति बिशन स्वरूप कॉलोनी में घर के पास ही ऑफिस खोलकर फाईनैंस का काम करता था। 11 जून को दोपहर बाद वह पति के ऑफिस में गई तो पति रमेश जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ मिला, जिसके हाथ पैर व मूह टेप से बंधे हुए थे। मकान मालिक अनिल गोयल की सहायता से वह पति को अस्पताल लेकर गई जहा डॉक्टरों ने उसे मृत घाषित कर दिया। पारूल ने शिकायत में बताया उसके पति रमेश की अज्ञात आरोपियों ने हत्या कर दी। शिकायत पर थाना शहर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302,34 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की पहचान व धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे। मामले में अनुसंधान करने पर लूट के साथ हत्या होना पाया जाने पर मामले में आईपीसी की धारा 392,394 भी इजाद की गई थी।

Comments