शिवाजी स्टेडियम में मनाया गया स्वतंत्रता दिवस समारोह ।
BOL PANIPAT : 15 अगस्त। राज्यसभा सांसद रामचन्द्र जांगड़ा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पर स्थानीय शिवाजी स्टेडियम में मुख्यअतिथि के रूप में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इससे पूर्व राज्यसभा सांसद ने पानीपत लघु सचिवालय स्थित शहीदी स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। अपने सम्बोधन में सांसद ने आजादी के अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर सबको हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर मुझे बड़े गर्व और गौरव का अनुभव हो रहा है। उल्लास और उमंग से मनाए जा रहे इस राष्ट्रीय पर्व पर, मैं यहां उपस्थित सभी नागरिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारजनों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ। प्यारा तिरंगा हमारी स्वतंत्रता, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। इसके लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध नौ दशकों तक लम्बा संघर्ष किया, असहनीय यातनाएं झेली, हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा और असंख्य कुर्बानियां दीं। इस पावन अवसर पर, मैं उन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों और सीमाओं के प्रहरियों को नमन करता हूँ। मैं देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों को आजादी के अमृत महोत्सव की विशेष रूप से बधाई देता हूँ। हरियाणा को गर्व है कि हमने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई है। अम्बाला से 8 मई 1857 को स्वतंत्रता आन्दोलन की पहली चिंगारी फूटी थी। नेता जी सुभाश चन्द्र बोस की ‘आजाद हिन्द फौज’ में सबसे ज्यादा सैनिक हरियाणा से थे। हरियाणा के वीरों ने आजादी के बाद भी देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमें गर्व है कि आज देश की सेना में हर दसवां सैनिक हरियाणा से है। हमारे सैनिकों ने 1962, 1965, 1971 के विदेशी आक्र्रमणों व आप्रेशन कारगिल युद्ध के दौरान वीरता की नई मिसाल पेश की। प्रदेश के वीर कभी भी राष्ट्रीय एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए अपने अमूल्य प्राणों की आहूति देने से पीछे नहीं हटे। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों और विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले गणमान्य व्यक्तियों को भी मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रामचन्द्र जांगड़ा ने कहा कि आज हर भारतवासी के लिए हर्षोल्लास का दिन है। आज हर गली, हर मोहल्ले में तिरंगा है, हर घर-हर दफ्तर में तिरंगा है, हर वाहन, हर हाथ में तिरंगा है। पूरा देश तिरंगे के रंगों में रंगा है, देशभक्ति के रंग में रंगा है। रंगा भी क्यों न हो, आज हमारे लिए सबसे बड़ा दिन है। आज हमने स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में 75 वर्ष पूरे कर लिए हैं। ‘आजादी के अमृत महोत्सव’पर मैं सभी प्रदेशवासियों को बारम्बार बधाई देता हूँ, आप सबके स्वस्थ जीवन और खुशहाली की कामना करता हूँ। इस दिन को देखने के लिए मां भारती के न जाने कितने ही सपूतों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। इसी दिन के लिए असंख्य देशभक्तों ने फिरंगी हुक्मरानों के हाथों कष्ट झेले और यातनाएं सहीं। शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और शहीद उधम सिंह सरीखे अनेक देशभक्त फांसी के फंदे पर झूल गये, लेकिन झुके नहीं। मैं इस पावन अवसर पर, स्वतंत्रता की बलिवेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि देता हूँ। साथ ही, उन वीर सैनिकों को भी सलाम करता हूँ, जिन्होंने आजादी के बाद देश की एकता व अखण्डता की खातिर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्हीं के अनुपम बलिदानों के कारण आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति सबसे पहले अम्बाला छावनी से शुरू हुई थी। मेरठ में क्रांति शुरू होने से नौ घण्टे पहले यानि 10 मई, 1857 को हरियाणा के वीर सैनिक अंग्रेजों से जा टकराए। यहां से उठी चिंगारी ने न केवल प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का रूप धारण कर ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत किया, बल्कि आगे चलकर ऐसा जन-आन्दोलन खड़ा कर दिया, जिसके बलबूते पर हम सन् 1947 में अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेंकने में सफल रहे। सन 1857 की क्रांति के दौरान अम्बाला, हिसार, हांसी, नारनौल, रोहतक, रेवाड़ी, गुडग़ांव, मेवात और सिरसा क्षेत्रों का हर गांव क्रांति का केन्द्र बन गया था। भिवानी का रोहणात गांव, हांसी की लाल सडक़, झज्जर की लाल डिग्गी, महम का आजाद चौक और नसीबपुर व तावड़ू की लड़ाई अंग्रेजी हुकूमत के जुल्मों-सितम के खिलाफ हरियाणावासियों के संघर्ष और बलिदान के साक्षी हैं। झज्जर के नवाब अब्दुर्रहमान खान, बल्लबगढ़ के राजा नाहर सिंह और फर्रूखनगर के शासक अहमद अली को बिना समुचित सुनवाई के ही फांसी पर लटका दिया गया। हांसी के मिर्जा मुनीर बेग तथा हुकुम चन्द कानूनगो को तो सार्वजनिक रूप से उनके मकान के सामने ही फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। धन्य है यह माटी, जिसने ऐसे देषभक्त पैदा किये, जो अंतिम सांस तक अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेते रहे।
उन्होंने कहा कि जो कौमें अपने सेनानियों, अपने शहीदों को याद नहीं रखतीं, उनका अस्तित्व मिट जाया करता है। ऐसे में अपने उन अमर शहीदों और महान स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण करना हमारा नैतिक कत्र्तव्य है, जिनके त्याग, तप और बलिदान के बल पर हमें यह दिन नसीब हुआ। इसी उद्देश्य से सन 1857 की क्रांति के शहीदों की स्मृतियों को सहेजने के लिए अम्बाला छावनी में शहीदी स्मारक का निर्माण किया जा रहा है, जो भावीपीढिय़ों को देश के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देता रहेगा। इसका कार्य लगभग पूरा होने वाला है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा की माटी के लाल राव तुलाराम ने जिला महेन्द्रगढ़ के नसीबपुर में अंग्रेजों का डटकर मुकाबला किया था। उनकी याद में वहां जल्द ही एक स्मारक बनाया जाएगा। इसी तरह, रोहणात गांव के शहीदों की याद को ताजा रखने के साथ-साथ इसे आदर्श गांव बनाने के उद्देश्य से हमने ‘रोहणात फ्रीडम ट्रस्ट’ की स्थापना की है। हमने भावी पीढिय़ों को रोहणात गांव की गौरवगाथा से अवगत कराने के लिए इसे स्कूल शिक्षा का हिस्सा बनाया है। लोगों को इस गांव के इतिहास के बारे में जानकारी देने के लिए शहीदों के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि बड़े ही गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज पूरा देश ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है। इसी कड़ी में नवम पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाष पर्व पर पानीपत में राज्यस्तरीय समारोह आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों-जोरावर सिंह और फतेहसिंह के शहीदी दिवस 26 दिसम्बर को हर वर्ष ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। अमर स्वतंत्रता सेनानी और हर देशवासी के दिल पर राज करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की पहल भी की है। हमें गर्व है कि नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ में हरियाणा की बड़ी भागीदारी थी। प्रदेश में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’मनाने के लिए अब तक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े 10 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा हमारी आन, बान और षान है। यह हमें देश के लिए जीने और देश के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देता है। इसी तिरंगे की खातिर अनेक देषभक्तों ने हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इसी तिरंगे की खातिर देश की सरहदों पर डटे जवान अपनी जान से खेल जाते हैं, परन्तु इसकी शान को जरा भी आंच नहीं आने देते।
उन्हांने कहा कि गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 13 से 15 अगस्त तक देभ भर में ‘हर घर में तिरंगा’की अनूठी मुहिम चलाई है।

हर घर की मुंडेर पर फहराता तिरंगा हर देशवासी को हमारे शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के अनुपम बलिदानों का स्मरण करवाता है। हरियाणावासियों ने भी उसी जोश और जज्बे के साथ अपने 60 लाख घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया है, जिस जोश व जज्बे के साथ हम अपने जवानों को सरहद पर भेजते आए हैं। हमें गर्व है कि हरियाणा के वीर सपूतों ने आजादी के बाद भी देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा हरियाणा के मामले में बिल्कुल सटीक बैठता है। हमारे किसान ने अपने पसीने से देश के अन्न भंडार भरने का काम किया है तो हमारे सेना में भर्ती होकर जवानों ने देश के लिए मर-मिटना अपनी शान समझते हैं। पहले या दूसरे विश्वयुद्ध की बात हो, 1965 या 1971 का भारत-पाक युद्ध हो, 1962 में चीन के साथ हुए रेजांगला युद्ध की दास्तां हो या फिर कारगिल के ‘ऑप्रेशन विजय’ का विषय, हरियाणा के जवानों ने सदैव अपने खून से इतिहास लिखा है। आज भी हमारी सेना में हर दसवां जवान हरियाणा से है। हम अपने शहीदों के बलिदानों का कर्ज तो नहीं चुका सकते, लेकिन उनके परिजनों की देखभाल करके उनके प्रति अपनी कृतज्ञता अवश्य जता सकते हैं। हमने भूतपूर्व सैनिक व अद्र्ध-सैनिक बलों के कल्याण के लिए ‘सैनिक व अर्ध-सैनिक कल्याण विभाग‘ का गठन किया है। युद्ध के दौरान शहीद हुए सेना के जवानों व अर्ध-सैनिक बलों के जवानों की अनुग्रह राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। आई.ई.डी. ब्लास्ट के दौरान शहीद होने पर भी अनुग्रह राशि बढ़ाकर 50 लाख रुपये तक की गई है। युद्ध, आतंकवाद तथा अन्य घटना के दौरान घायल हुए सैनिकों व अर्ध-सैनिक बलों के जवानों के लिए अनुग्रह अनुदान राशि नि:शक्ता के आधार पर 15 लाख रुपये, 25 लाख रुपये तथा 35 लाख रुपये की गई है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक शहीद सैन्य व अर्ध-सैनिक बलों के 347 आश्रितों को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ-साथ आत्म-विश्लेषण करने का भी दिन है। यह दिन हमें यह सोचने का अवसर देता है कि 75 वर्ष के इस कालखंड में हमने क्या हासिल किया है। नि:संदेह आजादी के बाद राष्ट्र ने उल्लेखनीय प्रगति की है। हरित क्रांति ने हमें न केवल खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाया बल्कि उस स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया कि आज हम दूसरे देशों को भी निर्यात कर रहे हैं। आजादी के समय जिस देश में सूई तक नहीं बनती थी, वह आज अपनी उन्नत प्रौद्योगिकी के बल पर मिसाइलें बना रहा है। इससे भी आगे बढकर चंद्रयान और मंगलयान जैसे मिशन चला रहा है। आज देश में रेल और सडक़ यातायात का एक मजबूत नेटवर्क मौजूद है। आज कई क्षेत्रों में पूरा विश्व हमारा लोहा मानता है। ‘सुशासन से सेवा’ के संकल्प के साथ जनसेवा का दायित्व संभालने वाली वर्तमान सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ और ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ के मूलमंत्र पर चलते पूरे हरियाणा और हरेक हरियाणवीं की तरक्की और उत्थान के लिए काम किया है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पारदर्शी शासन दिया है। महामना पंडित दीनदयाल उपाध्याय मानते थे कि तरक्की का लाभ समाज में आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहँुचना चाहिए, यही अन्त्योदय है। उनके इसी दर्र्शन के अनुरूप, अन्त्योदय उत्थान के संकल्प के साथ सरकार व्यवस्था परिवर्तन से सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है। वर्तमान सरकार ने ई-गवर्नेंस के जरिए व्यवस्था परिवर्तन कर सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जो मुहिम शुरू की थी, वह परिवार पहचान-पत्र तक पहुंच चुकी है। इसके तहत सभी परिवारों के परिवार पहचान-पत्र बनाए जा रहे हैं। इस एकमात्र दस्तावेज से सभी योजनाओं और सेवाओं का लाभ अब पात्र व्यक्ति को घर बैठे ही मिलने लगा है।
सांसद ने कहा कि परिवार पहचान-पत्र के पोर्टल से सभी योजनाओं व सेवाओं को साथ जोड़ा जा रहा है। इस वर्ष अधिकांश सरकारी सेवाएं इस पोर्टल के जरिये ऑनलाइन मिलनी शुुरू हो जाएंगी। अब जन्म-मृत्यु का डाटा भी अपडेट होगा। युवाओं की शिक्षा, कौशल व बेरोजगारी का डाटा भी इस पोर्टल पर डाला गया है। पीले राशन कार्ड बनाने का काम भी परिवार पहचान पत्र के माध्यम से किया जा रहा है। शुरुआत में जिला सिरसा व कुरुक्षेत्र में यह योजना पायलट आधार पर शुरू की गई है। इस नई व्यवस्था के तहत लाभार्थी की आय में परिवर्तन होने पर राशन कार्डों का रंग व श्रेणी भी अपने आप बदल जाएगी। यदि कोई व्यक्ति वृद्धावस्था पेंशन के लिए निर्धारित आयु पूरी कर लेता है तो अब उसे अपनी पेंशन बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से उसकी पेंशन अपने-आप शुरू हो जाती है। सरकार ने सबसे गरीब लोगों का जीवन-स्तर ऊंचा उठाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ शुरू की है। इसके तहत सबसे गरीब परिवारों की पहचान करके उनकी वार्षिक आय कम से कम 1.80 लाख रुपये की जा रही है। इसके तहत 30 हजार परिवारों को रोजगार के लिए ऋण व अन्य सहायता दी गई है। अब इस योजना का तीसरा चरण शुरू हो चुका है। गरीब परिवारों को ‘मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना’ के तहत 6 हजार रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश में सभी तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1 अप्रैल, 2021 से बढ़ाकर 2500 रुपये मासिक की गई हैं।‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत 27 लाख गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का वार्षिक मुफ्त इलाज करवाने की सुविधा दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के हर क्षेत्र और हर वर्ग का विकास किया है। समान विकास की दिशा में पूरे प्रदेश में बड़ी-बड़ी परियोजनाएं स्थापित की हैं। प्रदेश में 17 नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये गये हैं। इनमें से 6 का कार्य पूरा हो चुका है। इन सभी राजमार्गों के बन जाने के बाद प्रदेश के हर जिले से कम से कम एक राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरेगा। सामान की ढुलाई के लिए अलग से बनाई जा रही रेलवे की दो बड़ी लाइनें भी हरियाणा प्रदेश से गुजरेंगी। वेस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर का 177 किलोमीटर औरईस्टर्न डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर का 72 किलोमीटर स्ट्रेच हरियाणा में पड़ेगा। के.एम.पी. और कुण्डली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू होने से दिल्ली में यातायात का दबाव कम हुआ है और हरियाणा की कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है। खरखौदा के निकट लगभग 3,300 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक औद्योगिक एवं वाणिज्यिक टाउनशिप तथा सोहना में 1400 एकड़ में आई.एम.टी. विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से सराय कालेखां-पानीपत के बीच रिजनल रेपिड ट्रांसीट सिस्टम की परियोजना शुरू की गई है। पलवल से सोनीपत वाया सोहना-मानेसर-खरखौदा-कुंडली तक 6 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर पर कार्य शुुरू हो चुका है। यह कॉरिडोर दिल्ली को बाइपास करते हुए पलवल-सोहना-गुरुग्राम को जोड़ेगा और उत्तरी हरियाणा से सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। हिसार में प्रदेश का पहला इंटरनेषनल एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। सोनीपत के बड़ी में 161 एकड़ भूमि पर रेल कोच रिपेयर फैक्टरी लगाई जा रही है। मुंडका-बहादुरगढ़, वाई.एम.सी.ए. चौक फरीदाबाद-बल्लभगढ़, सेक्टर-56, गुरुग्राम-सिकंदरपुर और बदरपुर-मुजेसर मेट्रो रेल सेवा शुरू हो चुकी है। इसके अलावा, नरेला से कुण्डली तक मेट्रो विस्तार को मंजूरी मिल चुकी है। बाढ़सा के एम्स परिसर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान स्थापित किया गया है। जिला रेवाड़ी में भी एम्स के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। अम्बाला छावनी के सिविल अस्पताल में टरशरी कैंसर केयर सेंटर (टी.सी.सी.सी.) की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में समान विकास की दृष्टि से सरकार का लक्ष्य हर जिले में मेडिकल कॉलेज व200 बैड का अस्पताल खोलना है। कलस्टर अप्रोच के तहत सभी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में स्कूल और 20 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज खोला गया है। हर क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ब्लॉक स्तर पर लघु व मध्यम उद्योगों के ‘’कलस्टर‘’ स्थापित किए जा रहे हैं। हर ब्लाक में एक उत्पाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने अपनी भावी पीढ़ी को कौशल व संस्कार-युक्त रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की है। यह नीति लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। इसे 2025 तक ही पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में स्कूल से लेकर विष्वविद्यालय तक की शिक्षा को कौशल के साथ जोड़ा गया है। प्रदेश में के.जी. से लेकर पी.जी. तक की शिक्षा एक ही परिसर में देने की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं देने के लिए प्रदेश में 138 नये संस्कृति मॉडल स्कूल खोले गये हैं। सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले 10वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 2 जीबी इंटरनेट डाटा तथा पाल सॉफटवेयर से युक्त 5 लाख टेबलेट दिए जा रहे हैं। धन के अभाव में प्रतिभा दबी न रहे, इसलिए हमने सरकारी स्कूलों के होनहार विद्यार्थियों को सरकारी खर्च पर कोचिंग देने के लिए सुपर-100 कार्यक्रम शुरू किया है।
सांसद ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लगभग 87 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं।आउटसोर्सिंग से जुड़ी सेवाओं में ठेका प्रथा बंद करने के लिए ‘हरियाणा कौशल रोजगार निगम’ बनाया गया है। आउटसोर्सिंग स्टाफ के वेतन के लिए अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे डी.सी. रेट के स्थान पर निगम रेट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में प्रदेष के युवाओं के लिए 75 प्रतिषत आरक्षण भी लागू हो गया है। युवाओं को नौकरी के लिए बार-बार आवेदन करने व फीस भरने से छुटकारा दिलाने के लिए ‘एकल पंजीकरण’ की सुविधा शुरू की है। बार-बार प्रतियोगी परीक्षा से निजात दिलाने के लिए ‘कॉमन पात्रता परीक्षा’ का प्रावधान किया गया है। विदेशों में युवाओं को शिक्षा व रोजगार दिलाने एवं निवेश आकर्षित करने के लिए ‘विदेश सहयोग विभाग’ बनाया गया है। विदेशों में शिक्षा तथा रोजगार के अवसर तलाश रहे विद्यार्थियों के नि:शुल्क पासपोर्ट बनाये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हाल ही में ‘अग्निपथ’ योजना शुरू की है। इसमें अग्निवीरों को तीनों सेनाओं में लागू जोखिम और कठिनाई भत्ते के साथ आकर्षक मासिक पैकेज मिलेगा। इसका सबसे अधिक लाभ हरियाणा के युवाओं को ही मिलेगा क्योंकि सेना में हमारे युवा ज्यादा भर्ती होते हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अग्निवीरों को 10 प्रतिषत आरक्षण दिया गया है। हरियाणा में उन्हें पुलिस भर्ती में प्राथमिकता देने के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उनके लिए नौकरियों के अवसर खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में हमारे युवाओं की उपलब्धियों का जिक्र होते ही हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। हमारे खिलाडिय़ों ने ओलम्पिक व अन्य अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रदेश में गत जून माह में खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2021 का सफल आयोजन किया गया। हमारे खिलाडिय़ों ने इन खेलों में 137 पदक जीतकर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
हाल ही में बर्मिंघम में हुए कॉमनवैल्थ गेम्स में भारत को मिले 61 पदकों में से 20 पदक हमारे खिलाडिय़ों ने जीते हैं। इनमें 17 पदक व्यक्तिगत स्पर्धा के और 3 टीम स्पर्धा के शामिल हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जो पदक विजेता खिलाडिय़ों को सर्वाधिक नकद पुरस्कार राशि देता है। वर्तमान सरकार ने खिलाडिय़ों को 335 करोड़ रुपये से अधिक के नकद पुरस्कार दिए हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने ओलम्पिक व पैरालम्पिक खेलों के लिए क्वालीफाई करते ही खिलाड़ी को तैयारी के लिए 5 लाख रुपये की एडवांस राशि देने की व्यवस्था की है। उत्कृष्ट खिलाडिय़ों के लिए सुरक्षित रोजगार सुनिश्चित करने हेतु खेल विभाग में 550 नए पद सृजित किए गए हैं। इससे खिलाडिय़ों को अब अपने कैरियर की चिंता करने की जरूरत नहीं रही।
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित परिवेश मुहैया करवाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक व सामाजिक रूप से भी सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिषत प्रतिनिधित्व दिया गया है। प्रदेश में 31 महिला थाने खोलना, दुर्गा शक्ति एप, दुर्गा रैपिड एक् सन फोर्स और दुर्गा वाहिनी की स्थापना जैसी पहल की हैं। महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस में उनकी संख्या 15 प्रतिशत की जा रही है। महिलाओं को रोजगार देने के लिए 51 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया है। उन्होंने कहा कि किसान समृद्ध होगा, तभी प्रदेश में समृद्धि व खुशहाली आएगी। इसलिए कृषि सुधार और किसानों के उत्थान के लिए कई अहम निर्णय लिए गए हैं। ‘एम.एस.पी’ पर फसल खरीद की बात हो या प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान की भरपाई का विषय, सरकार ‘बीज से बाजार तक‘ हर कदम पर किसान के साथ खड़ी रही है। सरकार ने प्राकृतिक आपदा से खराब फसलों के लिए मुआवज़ा राशि 12 हज़ार रुपये से बढ़ाकर 15 हज़ार रुपये प्रति एकड़ की है। खरीफ-2021 में खराब हुई फसलों के लिए 561 करोड़ रुपये मुआवज़ा तथा ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम दिए हैं। एम.एस.पी. पर 14 फसलों की खरीद करने वाला हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है। खरीफ सीजन 2021 से बाजरे के लिए भी भावांतर भरपाई योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत 2.40 लाख किसानों को बाजरे की खरीद के लिए 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 436 करोड़ रुपये की भावांतर राषि दी गई है। धान और गेहूं का फसल चक्र न केवल किसानों के लिए घाटे का सौदा है, बल्कि इससे प्राकृतिक संसाधनों के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। इसलिए फसल विविधिकरण समय की मांग है। बागवानी इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने बागवानी फसलों को मौसम की मार से बचाने के लिए ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना‘ शुरू की है। उन्होंने कहा कि बागवानी को बढ़ावा देने के लिए भिवानी, नूंह और झज्जर में 3 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। वर्ष 2021-22 के दौरान बागवानी क्षेत्र में वर्टिकल फार्मिंग की एक अनूठी प्रौद्योगिकी शुरू की गई। इस खेती पर 65 प्रतिषत सब्सिडी भी दी जा रही है। मशरूम की खेती के लिए सामान्य किसानों को 40 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। वर्ष 2021-22 में फसल विविधिकरण और जल संरक्षण के लिए ‘मेरा पानी-मेरी विरासत‘ योजना में एग्रो फोरेस्ट्री को भी जोड़ा गया है। अब धान के स्थान पर प्रति एकड़ 400 पेड़ लगाने पर किसान को 3 वर्ष तक 10 हज़ार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष प्रोत्साहन राषि दी जा रही है। ‘मेरा पानी-मेरी विरासत‘ योजना में खरीफ-2021 में 52 हजाऱ एकड़ से अधिक क्षेत्र में धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें बोई गईं।इसके अलावा, ‘डायरेक्ट सीडेड राइस’ तकनीक अपनाने वाले किसानों को 5000 रुपये प्रति एकड़ का प्रोत्साहन दिया गया।
सांसद रामचन्द्र जांगडा ने कहा कि पशुपालन ग्रामीणों की आय का एक प्रमुख साधन है। प्रदेश में पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए हमने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज़ पर ’पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ शुरू की है। हमारी अर्थ-व्यवस्था को आगे बढ़ाने में उद्योगों का बड़ा योगदान है। रोजगार-सृजन में भी इनकी अहम भूमिका होती है।इसलिए सरकार ने हरियाणा उद्यम एवं रोजगार नीति-2020 लागू की है। इस नीति का लक्ष्य 5 लाख नई नौकरियों का सृजन करना, एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेष जुटाना और निर्यात को दोगुणा करना है।उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एम.एस.एम.ई. विभाग का गठन किया गया है।उद्योगों की ‘कॉस्ट ऑफ डुइंग बिजनेस’ को कम करने हेतु औद्योगिक प्लॉटों के लिए विशेेष लीजिंग पॉलिसी बनाई गई है। प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर लघु व मध्यम उद्योगों के ‘कलस्टर’ स्थापित किए जा रहे हैं।सरकार की उद्योग हितैशी नीतियों के फलस्वरूप स्टार्टअप इण्डिया कार्यक्रम में हरियाणा अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। राज्य में 5 हजार से अधिक युवा स्टार्टअप्स का पंजीकरण हो चुका है। एन.सी.आर. क्षेत्र को वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 20 साल से अधिक समय से किराए या लीज अथवा लाइसेंस फीस पर चल रही पालिकाओं की दुकानों व मकानों की मलकियत उन पर काबिज दुकानदारों को ही दी है।व्यापारियों के लिए ‘मुख्यमंत्री व्यापारी सामूहिक निजी दुर्घटना बीमा योजना’ और ‘मुख्यमंत्री व्यापारी क्षतिपूर्ति बीमा योजना’ शुरू की हैं। व्यापारियों के लिए हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। प्रदेश के गांवों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल से जल पहुंचाने वाला हरियाणा देश का पहला बड़ा राज्य है। गांवों को ‘लाल डोरा मुक्त’ करने की हमारी योजना को केन्द्र सरकार ने ‘स्वामित्व योजना’ के रूप में पूरे देश में लागू किया है। प्रदेश के 3 हजार से 10 हजार तक की आबादी वाले गांवों के विकास के लिए चौधरी छोटूराम जी के नाम पर ‘दीनबंधु हरियाणा ग्राम उदय योजना’ शुरू की गई है। पिछले तीन वर्ष से 1700 गांवों के विकास पर 5000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।दस हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों के लिए ‘महाग्राम विकास योजना’ लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं विकसित करने के लिए हरियाणा स्मार्ट ग्राम प्राधिकरण का गठन किया गया है। तालाबों के सुधार के लिए हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण गठित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल बनाने के लिए ‘ग्राम दर्शन पोर्टल’ शुुरू किया गया है। यह पोर्टल गांवों का साइबर फेस है। इस पर 6197 ग्राम पंचायतों का डिजिटल डाटा उपलब्ध है। पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिए जिला ग्रामीण विकास एजेंसी, मनरेगा, सांसद आदर्श ग्राम योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण जैसी विभिन्न योजनाएं जिला परिषदों को हस्तांतरित की गई हैं। उन्हें गांव में शराब का ठेका खोलने या न खोलने की शक्तियां भी दी हैं। हरियाणा देश का पहला राज्य है, जिसने शासन में पंचायती राज संस्थाओं की अधिक भागीदारी देने के लिए अंतर-जिला परिशद् का गठन किया है। जिला परिषद के अध्यक्ष को डी.आर.डी.ए. का चेयरमैन बनाया है। सरकार ने पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को पेंशन देकर उनका सम्मान बढ़ाया है। मतदाताओं को ‘राइट टू रीकॉल’ दिया है। इन संस्थाओं में बी.सी.-ए वर्ग को 8 प्रतिषत प्रतिनिधित्व भी दिया है। सरकार ने नगर निकायों कोशक्तियों के विकेंद्रीकरण के लिए कई कदम उठाए हैं। षहरी निकायों को मजबूत करने के लिए हमने मेयर का प्रत्यक्ष चुनाव करवाया है। पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए सम्पत्ति के पंजीकरण परस्टाम्प शुल्क का दो प्रतिशत राजस्व इन्हें प्रदान किया गया है। शहरों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ बनाने की दिशा में करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला को स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला के विकास के लिए मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया गया है। षहरों की हर संपत्ति की प्रॉपर्टी आई.डी बनाई है और प्रॉपर्टी टैक्स का अलग पोर्टल बनाया गया है। प्रदेश में पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल रही है। ‘म्हारा गांव जगमग गांव योजना’ के तहत प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत यानि लगभग 5600 गांवों को 24 घण्टे बिजली दी जा रही है। प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सौर ऊर्जा नीति-2016 लागू की गई है। छत आधारित सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए घरेलू श्रेणी के लाभार्थियों को 20 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पांच विश्वविद्यालयों, एक मेडिकल कॉलेज और 330 गौशालाओं में सोलर पावर प्लांट लगाए गए हैं। पंचकूला को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य में बायोमास आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा बायो नीति-2018 के तहत 150 मैगावाट क्षमता की परियोजनाएं लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिला सोनीपत के मुरथल में कूड़े-कचरे का उपयोग कर बिजली बनाने वाले संयंत्र की स्थापना की गई है। जिला गुरुग्राम के गांव बंधवाड़ी में भी ऐसा संयंत्र लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में सबको सस्ती, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। प्रदेश में 231 प्रकार के ऑप्रेशन, 69 प्रकार के टैस्ट और 23 प्रकार की दंत चिकित्सा मुफ्त की जाती हैं। साथ ही, 460 दवाइयां भी मुफ्त दी जाती हैं। प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है। इसके लिए प्रदेष में ‘आयुश हैल्थ एण्ड वैलनेस सेंटर’ स्थापित किये जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलना है। प्रदेश के हर जिले में 200 बैड का अस्पताल खोलाजा रहा है। इनमें आई.सी.यू व ऑक्सीजन बैड की समुचित व्यवस्था हागी। प्रदेष में नषे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए हर जिले में एंटी-नारकोटिक सैल तथा पंचकूला में अन्तर्राज्यीय ड्रग्स सचिवालय स्थापित किया गया है। पर्यावरण प्रदूषण हमारे लिए गंभीर चुनौती है। वृक्ष हमें प्राणवायु ऑक्सीजन देते हैं। हमने 75 साल से अधिक आयु के वृक्षों के रखरखाव के लिए प्राण वायु देवता पेंशन स्कीम शुरू की है।हमने सभी शहरों और पंचायतों की 10 प्रतिशत भूमि पर ऑक्सीवन स्थापित करने की पहल की है। कहने का अभिप्राय है कि वर्तमान सरकार ने पिछले पौने आठ वर्षो में जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाई-भतीजावाद से ऊपर उठकर काम किया है।
विशिष्ट कार्यों के लिए किया गया सम्मानित
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर हरियाणा राज्य परिवहन विभाग से दलबीर सिंहचालक व जयपाल सिंह, सहकारी शुगर मिल पानीपत से रमेश प्रसाद पुत्र रामदेव प्रसाद, जिला खादय एवं पूर्ति नियंत्रक विभाग से लेखाकार मेहरूल निशा, भगत सिंह यूथ कल्ब पानीपत की चेयरपर्सन रजनी बेेनीवाल, विनोद कुमार फार्मेसी अधिकारी, हाजी साधना, डॉ0 हेमा रमन, डॉ0 कृष्ण लाल वधवा , डॉ0 पुरूषोतम, सुश्री हंसु, कामधेनु उपचार समिति पानीपत, डॉ0 मिनाक्षी शर्मा अध्यापक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बबैल, प्रतिष्ठा फाउंडेशन सुखदेव नगर पानीपत, सतपाल बंसल,मेघा भाटिया को सामाजिक कार्यों में सराहनीय योगदान के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।

हिमगिरी स्कूल समालखा की टीम रही प्रथम
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिमगिरी पब्लिक स्कूल समालखा ने प्रथम, राजकीय सीनियर सेकेण्डरी स्कूल जाटल ने द्वितीय तथा आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल पानीपत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। मार्च पास्ट में सौरभ उपनिरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की टुकड़ी ने प्रथम, हिमगिरी पब्लिक स्कूल एनसीसी की टुकड़ी ने द्वितीय तथा हिन्दुस्तान स्काउटस गाइड की टुकड़ी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया है। समारोह में मेयर अवनीत कौर, लोकसभा करनाल सांसद के सपुत्र चांद भाटिया, पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा के भाई हरपाल सिंह ढांडा, पूर्व प्रधान गजेन्द्र सलुजा, नीतिसैन भाटिया, निगम पार्षद लोकेश नांगरू, डीएसपी धर्मबीर खर्ब, बीईओ ब्लाक पानीपत राजबीर सिंह, , बीडीपीओ पानीपत रितु लाठर,बीडीपीओ इसराना जितेन्द्र शर्मा, बीडीपीओ मडलौडा रामफल सिंह, तहसीलदार प्यारेला, खादय एवं आपूर्ति विभाग से लेखाकार महरूल निशा, सुनील कानूनगो, सत्यनारायण कानूनगो, प्रताप सिंह पटवारी, ब्लाक पानीपत के पंचायत अधिकारी नरेश शर्मा मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला के सभी स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों और विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले गणमान्य व्यक्तियों तथा हिन्दी आंदोलनकारियों को भी मुख्यअतिथि ने सम्मानित किया।

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