इग्नू ने इस सत्र से दोहरी डिग्री कार्यक्रम शुरू किया
एक साथ 2 डिग्री कर सकेंगे विद्यार्थी
अन्य विश्वविद्यालय से रेगुलर और इग्नू से डिस्टेंस माध्यम से एक साथ दो डिग्री कर सकेंगे विद्यार्थी
एक साथ 2 डिग्री करने के प्रावधान से विद्यार्थियों को स्किल, ज्ञान और सुनहरी भविष्य के लिए अनेक अवसर खुलेंगे
BOL PANIPAT , 9 सितम्बर। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र करनाल के क्षेत्रीय निदेशक (प्रभारी) डा धर्म पाल ने बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) एक दोहरी डिग्री कार्यक्रम लागू करने के लिए तैयार है, जो किसी अन्य विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने वाले छात्र को इग्नू में ऑनलाइन या मुक्त और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से डिग्री करने की अनुमति देगा। यह निर्णय विश्वविद्यालय की 78वीं अकादमिक परिषद की बैठक में लिया गया, जो कि स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों डिग्री के लिए इस प्रावधान को लागू कर रहा है। इग्नू का अध्ययन केंद्र स्थानीय देश बंधू गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में है जिसका ष्शस्रद्ग 1086 है।
डॉ. धर्मपाल ने बताया कि एक छात्र जिसने इग्नू के अलावा किसी अन्य संस्थान में नियमित / ऑनलाइन / ओडीएल में एक कार्यक्रम में प्रवेश लिया है, उसे इग्नू में ऑनलाइन / ओडीएल कार्यक्रम में एक साथ पंजीकरण करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, ऐसे किसी भी पाठ्यक्रम, जिसमें छात्र ने प्रवेश लिया है, यदि परीक्षा की तारीखों के टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो परीक्षा की तारीखों में कोई बदलाव नहीं होगा। यदि छात्र इग्नू से दोनों डिग्री करना चाहते हैं, तो उन्हें अलग-अलग सत्र में प्रवेश लेना होगा। इग्नू में साल में दो दाखिला होता है- जुलाई और दिसंबर सत्र।
यदि कोई छात्र ऐसे दो कार्यक्रमों के लिए पंजीकरण करता है जिनमें निश्चित संख्या में पाठ्यक्रम समान हैं, तो उन पाठ्यक्रमों का क्रेडिट केवल एक कार्यक्रम के लिए दिया जाएगा। ऐसे मामलों में, छात्र को अन्य कार्यक्रमों को पूरा करने और डिग्री हासिल करने के लिए इसी तरह के पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता होगी।
सहायक क्षेत्रीय निदेशक डा अमित कुमार जैन ने बताया कि ऐसे में विश्वविद्यालय वैकल्पिक पाठ्यक्रमों के चयन के लिए उपयुक्त प्रावधान करेगा। हालांकि, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और भारतीय नर्सिंग परिषद (आईएनसी) जैसे नियामक निकायों के दायरे में आने वाले तकनीकी पाठ्यक्रमों को अभी के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी तरह अन्य संस्थानों के सहयोग से चल रहे पाठ्यक्रमों को भी लागू नहीं किया जाएगा। दो शैक्षणिक पाठ्यकर्मो को एक साथ आगे बढ़ाने की वर्तमान नीति के अतिरिक्त प्रावधान किया गया है जिसके तहत एक छात्र अधिकतम दो पाठ्यक्रमों के अधीन विश्वविद्यालय के किसी भी अन्य कार्यक्रम के साथ छह महीने की अवधि के प्रमाण पत्र कार्यक्रम को आगे बढ़ा सकता है।

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