राष्ट्रीय मुंह-खुर रोग नियन्त्रण जागरूकता अभियान में पशुपालकों को किया जागरूक
BOL PANIPAT ,16 सितंबर। पशुपालन विभाग के डॉ. अश्वनी मोर ने बताया कि जिले में 12 से 17 सितम्बर तक राष्ट्रीय मुंह-खुर रोग नियन्त्रण जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में पशुपालकों को मुँह-खुर रोग से होने वाली क्षति, लक्षण और टीकाकरण के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत किसानों, पशुपालकों, महिला उद्यमियों और विद्यार्थियों को मुँह-खुर और गलघोटू रोग के मिश्रित टीकाकरण का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
डॉ. मोर ने बताया कि ने चार महीनें से उपर के सभी गाय और भैंसों को टीका लगवाएं प्राथमिक टीकाकरण के चार सप्ताह के बाद पशु को बूस्टर खुराक लगवाएं और फिर हर 6 महीनें में नियमित टीकाकरण करवाएं। उन्होंने बताया कि मुहं खोर रोग के ये लक्ष्ण हैं कि इससे पशुओं की जीभ पर छाले पड़ जाते हैं। पशु के मंह से लारे पडऩे लग जाती हैं।
डॉ. मोर ने बताया कि गलघोटू भी खतरान बीमारी है। पशुपालकों को अपने पशुओं का ध्यान रखना चाहिये व तेज बुखार की स्थिति में या फिर पशु की आवाज में आये बदलाव को ध्यान में रखते हुए उसक ी पशु अस्पताल में जांच करवानी चाहिये। उन्होंने बताया कि जागरूकता शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों को पशुओं में आने वाली बीमारियों से अवगत करवाया।

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