प्रवासी जाट अधिवेशन बेंगलूरू में देशभर के जाटों ने की शिरकत
वर्तमान समय में 36 कोम को एक करने की बहुत ज़्यादा ज़रूरत- डाक्टर नवीन नैन भालसी
BOL PANIPAT : मतलौडा20 सितंबर(कविता), बेंगलूरू – टाउन हाल रविवार को सामाजिक एकता के रंग में रंगा नजर आया। यह मौका था अंतराष्ट्रीय जाट संसद द्वारा आयोजित प्रवासी जाट अधिवेशन का। जिसमें विभिन्न संस्कृतियों में निवास कर रहे जाट समुदाय के लोगों ने फूलों की नगरी बेंगलुरु में चार चांद लगाने पहुंचे कार्यक्रम में देश भर से जाट समाज के जनप्रतिनिधियों सहित दक्षिण भारत में रह रहे प्रवासी जाटों ने अपनी परंपरागत वेशभूषा पगड़ी और कुर्ते में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रवासी जाट अधिवेशन में पधारे सभी मेहमानों का अंतराष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक रामावतार पलसानिया व अंतराष्ट्रीय जाट संसद की संयोजक पीएस कलवानिया ने जाट समाज की आन बान और शान पगड़ी, जाट संसद का दुपट्टा व पुष्प कुछ भेंट कर सभी का स्वागत सत्कार किया।
वक्ताओं ने कला, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, इतिहास और रोजगार सर्जन के मुद्दों को लेकर समाज को जागरूक रहने व अपने गौरवशाली अतीत को जन जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया और समाज को सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत रहने का आवाहन किया। साउथ इंडिया के कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, लक्ष्यदीप, अंडमान निकोबार दीप समूह, पद्दूचेरी सहित गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, मध्यप्रदेश व पश्चिम बंगाल में निवास कर रहे समाज बंधुओं के साथ साथ देशभर से समाज बंधुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रवासी जाट अधिवेशन में मुख्य अतिथि गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत ने कहा कि आज समाज को सामाजिक ताने-बाने को फिर से मजबूत करने की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अपने गौरवशाली अतीत को याद करते हुए कौम के महापुरुषों को सम्मान देना चाहिए। उनको याद करते हुए हमें भविष्य की बुनियाद को मजबूत करने के लिए सामाजिक रूप से एकजुट होने की बड़ी जरूरत है। इस आधुनिक युग में सबसे बड़ी जरूरत शिक्षा और व्यापार की है। हमारे युवाओं को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री डाक्टर संजीव बालियान ने कहा कि समाज हमारा गौरवशाली अतीत रहा है और आज उस अतीत के दम पर ही हम सब सामाजिक राजनीतिक कार्य कर पा रहे हैं। भविष्य में भी हम सबको मिलकर 36 कोम के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने की जरूरत है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि आज किसान विरोधियों की हालात बहुत खराब है। इसलिए जाट समाज को भी अपने सामाजिक दायित्व को निभाते हुए किसान बिरादरी को मजबूत करने की जरूरत है और जब जाट समाज जागरूक होगा तो फिर से किसान कोम का झंडा अपने नेतृत्व में बुलंद करेगा।
अंतराष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक रामावतार पलसानियां ने अपने संबोधन में बताया कि “प्रवासी जाट अधिवेशन” में सभी समाज बंधुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया पलसानिया ने आव्हान किया कि सामाजिक एकता, रोजगार सर्जन, कला, शिक्षा व साहित्य की तरफ ध्यान देने की बात कही साथ ही साथ समाज के गौरवशाली अतीत को याद करने व जाट इतिहास को पढ़ने की जरूरत बताई और एक बार फिर से दीनबंधु रहबरे आजम सर छोटूराम, चौधरी चरण सिंह, ताऊ देवीलाल की तरह 36 कोम और बिरादरीयो का नेतृत्व करते हुए पूरी दुनिया में जाट नेतृत्व का लोहा फिर से मनवाने के लिए काम करना होगा।
अंतराष्ट्रीय जाट संसद के प्रतिनिधि डाक्टर नवीन नैन भालसी ने बताया कि प्रवासी जाट अधिवेशन क़ौम की एकता के लिए एतिहासिक रहा। इस एतिहासिक आयोजन में साउथ इंडिया के साथ साथ हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से भी भारी संख्या में समाज बंधुओं ने भाग लिया। आज जाट समाज का सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व कमजोर हो चुका है, जाट समाज के युवा और बुजुर्गों को सोचने समझने की जरूरत है समय रहते परिस्थिति को नहीं समझे तो आने वाले समय में हालात बद से बदतर हो सकते हैं। समाज को फिर से एकजुट होकर अपनी एकता की ताकत दिखानी होगी इसी ताकत को दिखाने के लिए साउथ इंडिया में भी जाट समाज को इकट्ठा करके एक मैसेज देने का प्रयास किया है। जो सफल रहा। नार्थ इंडिया में नहीं साउथ इंडिया में भी जाट समाज की बड़ी संख्या है। जो शिक्षा और रोजगार से संपन्न लोग हैं। समाज की रीति और नीति को जोड़कर आज भी चल रहे हैं। इसलिए सबको एक मंच पर आकर सामाजिक कुरीतियों को खत्म करते हुए समाज के सुनहरे भविष्य की बुनियाद लिखना वर्तमान समय में बहुत जरूरी हो गया।
इस दौरान मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कमल पटेल, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला, केन्द्रीय राज्य मंत्री डा.संजीव बाल्यान, पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौधरी बिरेन्दर सिह, चरखी दादरी हरियाणा से विधायक सोमवीर सांगवान, दक्षिण भारत के कारोबारी राम सिंह कुल्हरी, तेलंगाना जाट समाज के अध्यक्ष दुधाराम बावल, हरियाणावी कलाकार बिन्दर दनौदा, आल इंडिया कौशल रोज़गार अध्यक्ष दीप सिसाय व अलग-अलग प्रान्तों से आए हुए विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे।

Comments