यह मेरी अर्जी है. मैं ऐसी बन जाऊं जैसे तेरी मर्जी है : पूनम दीदी
BOL PANIPAT (18 नवम्बर) श्री लक्ष्मी नारायण मन्दिर कोटला सुखदेव नगर, पानीपत का वार्षिकोत्सव दिव्य सत्संग समारोह एवं विशाल भण्डारा परम पूज्या सद्गुरूदेव श्री श्री 1008 श्री कान्ता देवी जी महाराज परमाध्यक्षा श्री प्रेम मन्दिर पानीपत की पावन अध्यक्षता में आज प्रातः 9 बजे परम पूज्य पं. किशन लाल पाठक जी ने विधि विधान के साथ हवन यज्ञ करवाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिसमें परम पूज्य महन्त ब्रह्मर्षि श्री श्रीनाथ जी महाराज परम पूज्य महन्त श्री वेद गोस्वामी जी महाराज, परम पूज्य गुरूमाँ प्रेम गिरि जी महाराज जी ने सत्संग कर सभी को अपना पावन आशीर्वाद प्रदान किया। इससे पूर्व श्री प्रेम मन्दिर से पधारी पूज्य पूनम दीदी ने अपनी मधुर वाणी में ‘‘यह मेरी अर्जी है, मैं ऐसी बन जाऊ, जैसे तेरी मर्जी है’’, ‘‘ऐ शाम तेरी बंसी पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मीठी घायल कर जाती है’’, ‘‘काली-काली अलकों के फंदे क्यूं डाले, हमें जिन्दा रहने दो ऐ मुरली वाले’’ गाकर सभी को झूमने पर विवश कर दिया। तत्पश्चात भगवान श्री राधा कृष्ण की आरती वंदन कर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री अशोक गुप्ता, वेद चुघ, रामपाल शर्मा, चन्द्रभान वर्मा, डा. भुवनेश चुघ, देवेन्द्र मल्होत्रा, भूपेंदर चुघ , जी एल कुकरेजा, अनिल गुप्ता, दीपक मल्होत्रा, संजय सम्मी, सुभाष सोनी, शिव चरण सम्मी, किशोर वशिष्ठ, राजकुमार मल्होत्रा, अजय गोयल प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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