प्रेम इन्सान को भगवान बना देता हैः स्वामी श्री दयानन्द सरस्वती जी महाराज
BOL PANIPAT : श्री हिन्दू सत्संग मन्दिर में श्री मद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के तीसरे सत्र में परम पूज्य सन्त शिरोमणि स्वामी श्री 1008 श्री दयानन्द सरस्वती जी महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी में ध्रुव चरित्र, एवं नरसिंह अवतार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान सदैव भक्तों का मान रखने के लिए उन की रक्षा करने हेतु अवतार लेकर उनके कष्टों को दूर कर देते हैं इसलिए भगवान को भक्त वत्सल कहा जाता है, जो भक्त भगवान को किसी भी रूप में मानता है भगवान उसी रूप में उस की रक्षा करता है। प्रेम मन्दिर की परमाध्यक्षा परम पूज्य सद्गुरूदेव श्री 1008 श्री कान्ता देवी जी महाराज ने भी प्रभु सिमरण पर चर्चा की। पूज्य महंत ब्रह्मर्षि श्री श्रीनाथ जी महाराज ने हरि संकीर्तन कर सभी भक्तों का झूमने पर विवश कर दिया। आज के मुख्य यजमानर श्रीमती अंजली देवी एवं श्री कुनाल तनेजा जी विधि विधान के साथ श्रीमद्भागवत जी का पूजन किया व आए हुए सभी सन्तों महापुरूषों का मालार्पणकर अभिनन्दन किया गया व मंदिर के प्रधान श्री राजेश सूरी जी ने सन्तों महापुरूषों को दुशाला ओढ़ाकर मान सम्मान किया। व सभी आए हुए भक्तों ने सन्तों महापुरूषों का आशीर्वाद ग्रहण किया। कथा विश्राम पर भगवान की आरती वन्दन कर विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया।इस कथा में प्रमुख रूप से श्री राजेश सूरी, पं. श्याम सुन्दर शर्मा, लोकनाथ वधवा, चन्द्रभान वर्मा,भक्त अशोक चुघ, दीपक ढींगड़ा, शैली चावला, राजू ढींगड़ा,विजय चुघ, मनोज मिगलानी, लेखराज जताना, कंवल सिंह, लक्ष्य बरेजा, प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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